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(a) एक निर्वात नली के तापित कैथोड से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की उस चाल का आकलन कीजिए, जिससे वे उत्सर्जक की तुलना में 500v के विभवान्तर पर रखे गए एनोड से टकराते हैं।

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प्रश्न

  1. एक निर्वात नली के तापित कैथोड से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की उस चाल का आकलन कीजिए, जिससे वे उत्सर्जक की तुलना में 500v के विभवान्तर पर रखे गए एनोड से टकराते हैं। इलेक्ट्रॉनों के लघु प्रारम्भिक चालों की उपेक्षा कर दें। इलेक्ट्रॉन का आपेक्षिक आवेश अर्थात् \[\frac{e}{m}\] = 1.76 x 1011 C kg है।।
  2. संग्राहक विभव 10 MV के लिए इलेक्ट्रॉनों की चाल ज्ञात करने के लिए उसी सूत्र का प्रयोग करें, जो (a) में काम में लाया गया है। क्या आप इस सूत्र को गलत पाते हैं? इस सूत्र को किस प्रकार सुधारा जा सकता है?
संख्यात्मक
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उत्तर

(a) त्वरक विभव V= 500 V

इलेक्ट्रॉन का आपेक्षिक आवेश `"e"/"m"` = 1.76 x 1011 c kg-1 

इलेक्ट्रॉन का आपेक्षिक आवेश `"e"/"m" = 1.76 xx 10^11 " C kg"^-1`

माना एनोड से टकराते समय इलेक्ट्रॉनों का वेग ν है, तब
इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जा में वृद्धि

`1/2 "mv"^2 - 1/2 "m" * 0^2` = eV    [∵ प्रारंभिक चाल = 0]

`=> "v" = sqrt("2eV"/"m") = sqrt(2 xx ("e"/"m") xx "V")`

`= sqrt(2 xx 1.76 xx 10^11 xx 500)` = 13.26 × 106 ms-1

∴ इलेक्ट्रॉन की चाल

v = `sqrt(2 xx "e"/"m" xx "V")`   [∵ V = 10 MV = 10 × 106 V]

`= sqrt(2 xx 1.76 xx 10^11 xx 10 xx 10^6)`

= 18.76 × 108 ms-1

∵ इलेक्ट्रॉन की यह चाल निर्वात् में प्रकाश की चाल c= 3 x 10 m s-1 से अधिक है तथा हम जानते हैं कि कोई द्रव्य कण निर्वात् में प्रकाश के वेग के बराबर अथवा अधिक चाल से नहीं चल सकता। इससे स्पष्ट है कि इस दशा में उक्त सूत्र (K. E. = `1/2` mν2) सही नहीं हो सकता।
इस दशा में इलेक्ट्रॉन की सही चाल ज्ञात करने के लिए सापेक्षता के विशिष्ट सिद्धान्त का उपयोग करना होगा।
इस सिद्धान्त के अनुसार यदि कोई द्रव्य कण प्रकाश के वेग के तुलनीय वेग से गति करता है तो उसका गतिज द्रव्यमान निम्नलिख़ित होगा

m = `"m"_0/sqrt((1 - "v"^2/"c"^2))`

तब कण की गतिज ऊर्जा में वृद्धि निम्नलिखित सूत्र द्वारा प्राप्त होगी

(m - m0)c2 = eV    (जहाँ m0 = 9.1 × 10-31 kg)

`=> [m_0/((1 - v^2//c^2)) - m_0]"c"^2` = eV

`=> m_0"c"^2 [1/(sqrt(1 - v^2//c^2)) - 1]` = eV

`=> 1/sqrt(1 - v^2//c^2) - 1 = "e"/"m"_0 xx "V"/"c"^2`

`= 1.76 xx 10^11 xx (10 xx 10^6)/(3 xx 10^8)^2`

`=> 1/sqrt(1 - v^2//c^2)` = 1 + 19.55 = 20.55

या `1 - "v"^2/"c"^2 = 1/(20.55)^2`

`=> "v"^2 = "c"^2 (1 - 1/(20.55)^2)`

v2 = c2 (0.9976)

∴ इलेक्ट्रॉन की चाल v = 0.9988 × c

⇒ v = 0.9988 × 3 × 108

= 2.99 × 108 ms-1

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इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति - अभ्यास [पृष्ठ ४१०]

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एनसीईआरटी Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 11 विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
अभ्यास | Q 11.20 | पृष्ठ ४१०

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