हिंदी

HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा - Maharashtra State Board Question Bank Solutions

Advertisements
विषयों
अध्याय
विषयों
मुख्य विषय
अध्याय

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  4241 to 4260 of 9441  next > 

निम्नलिखित पठित काव्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए: 

जब भी पानी किसी के सर से गुजर जाएगा।
तब वह सीने में नई आग ही लगाएगा।

× ×   × ×

आँखों में बहुत बाढ़ है, शेष सब कुशल।
जीवन नहीं अषाढ़ है, फिर शेष सब कुशल ।

× ×   × ×

सड़क ने जब मेरे पैरों की उँगलियाँ देखीं;
कड़कती धूप में सीने पे बिजलियाँ देखीं।

× ×   × ×

साँस हमारी हमें पराये धन-सी लगती है,
साहुकार के घर गिरवी कंगन-सी लगती है।

× ×   × ×

किसी का सर खुला है तो किसी के पाँव बाहर हैं,
जरा ढंग से तू अपनी चादरों को बुन मेरे मालिक।

× ×   × ×

वह जो मजदूर मरा है, वह निरक्षर था मगर,
अपने भीतर वह रोज, इक किताब लिखता था।

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:   (2)

  1. पानी सर से गुजर जाने का अर्थ क्या है ?
  2. आँखों से आँसू बाढ़ की तरह क्यों बहते रहते हैं ?
  3. मजदूर रोज क्या लिखता था ?
  4. कवि को अपनी साँस कैसी लगती है?

2. निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए:  (2)

  1. नदी - ______
  2. उँगलियाँ - ______
  3. किताब - ______
  4. आँखों - ______

3. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए।   (2)

'आकाश के तारे तोड़ लाना' - इस मुहावरे को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

[9] चुनिंदा शेर (पद्य)
Chapter: [9] चुनिंदा शेर (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'पेड़ होने का अर्थ' कविता का रसास्वादन कीजिए।

मुददे-

  1. रचना का शीर्षक
  2. रचनाकार
  3. पसंद की पंक्तियाँ
  4. पसंद आने का कारण
  5. कविता की केन्द्रीय कल्पना
  6. प्रतीक विधान
[7] पेड़ होने का अर्थ (पद्य)
Chapter: [7] पेड़ होने का अर्थ (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

कवि डॉक्टर जगदीश गुप्त की प्रमुख साहित्यिक कृतियों के नाम लिखिए।

[3] सच हम नहीं; सच तुम नहीं (पद्य)
Chapter: [3] सच हम नहीं; सच तुम नहीं (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

दुख क्यों करती है पगली
क्या हुआ जो
कनु के ये वर्तमान अपने,
तेरे उन तन्मय क्षणों की कथा से
अनभिज्ञ हैं
उदास क्यों होती है नासमझ
कि इस भीड़-भाड़ में
तू और तेरा प्यार नितांत अपरिचित

छूट गए है,
गर्व कर बावरी !
कौन है जिसके महान प्रिय की
अठारह अक्षौहिणी सेनाएँ हों?

एक प्रश्न

अच्छा, मेरे महान कनु,
मान लो कि क्षण भर को
मैं यह स्वीकार लूँ
कि मेरे ये सारे तन्मयता के गहरे क्षण
सिर्फ भावावेश थे,
सुकोमल कल्पनाएँ थीं
रँगे हुए, अर्थहीन, आकर्षक शब्द थे-

मान लो कि
क्षण भर को
मैं यह स्वीकार लूँ
कि
पाप-पुण्य, धर्माधर्म, न्याय-दंड
क्षमा-शीलवाला यह तुम्हारा युद्ध सत्य है।

1. निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लिखिए:  (2)

  1. कनुप्रिया को गर्व क्यों करना चाहिए?
  2. कनुप्रिया को उदास क्यों नहीं होना चाहिए?
  3. कृति पूर्ण कीजिए।
    कनुप्रिया की तन्मयता के गहरे क्षण सिर्फ ______।

2. निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए -  (2)

  1. तन्मयता - ______
  2. सुकोमल - ______
  3. नितांत - ______
  4. अनभिज्ञ - ______

3. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए:   (2)

प्राचीनकाल एवम्‌ आधुनिक काल कीं सेनाओं के बारे में अपना मत स्पष्ट कीजिए।

[13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Chapter: [13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Concept: undefined >> undefined

'मेरा यह सेतु-रूपी शरीर काँपता हुआ निर्जन और निरर्थक रह गया है।'- इसे 'कनुप्रिया' के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

[13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Chapter: [13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पठित परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए: 

मानव सहित विश्व के अधिकांश जीवों के जीवन में प्रकाश का बहुत महत्त्व है। विश्व में ऐसे बहुत-से जीव पाए जाते हैं, जिनके आँखें नहीं होतीं। इनके लिए प्रकाश का कोई महत्त्व नहीं हाेता। मोती बनाने वाला समुद्री घोंघा मुक्ताशुक्ति (Pearl Oyster) का सर्वोत्तम उदाहरण है।

इसी प्रकार विश्व में ऐसे बहुत-से जीव पाए जाते हैं, जो अपना रास्ता मालूम करने के लिए तथा इसी प्रकार के अन्य कार्य करने के लिए अपनी दृष्टि का उपयोग करते हैं। प्रकाश के अभाव में अपने कार्य करना बहुत कठिन हो जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए मानव टार्च, बल्ब एवं इसी प्रकार की अन्य कृत्रिम वस्तुओं का आविष्कार करता है। पशु-पक्षी इस प्रकार के कृत्रिम आविष्कार नहीं कर सकते। अत: प्रकृति ने उन्हें विभिन्न प्रकार की सुविधाएँ प्रदान की हैं। उदाहरण के लिए उल्लू की आँखें बड़ी होती हैं, जिससे वह रात के अँधेरे में सरलता से देख सकता है। रात में शिकार करने वाले जीवों-बाघ, सिंह, तेंदुआ आदि की आँखों की संरचना इस प्रकार की होती है कि वे रात के अँधेरे में अपने शिकार की खोज कर सकते हैं। अर्थात पूर्ण अंधकार की स्थिति में विश्व का कोई भी जीव कुछ भी नहीं देख सकता।

विश्व में ऐसे भी अनेक जीव पाए जाते हैं, जिन्होंने अपने शरीर पर प्रकाश उत्पन्न करने वाले अंग विकसित कर लिए हैं तथा अपनी आवश्यकतानुसार इन अंगों से प्रकाश उत्पन्न करते हैं। इस प्रकार के जीवों को प्रकाश उत्पन्न करने वाले (Bioluminiscent) जीव कहते हैं।

प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव अपने प्रकाश का उपयोग ठीक उसी प्रकार करते हैं, जिस प्रकार मानव टाॅर्च, बल्ब आदि का उपयोग करता है, किंतु मानव और प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीवों के प्रकाश में बहुत अंतर होता है। मानव द्वारा तैयार किए गए प्रकाश उत्पन्न करने वाले बल्ब जैसे उपकरणों में तंतु (Filament) को इतना गर्म करते हैं कि वह प्रकाश उत्पन्न करने लगता है। इस प्रकार के उपकरणों में प्रकाश के साथ ही ऊष्मा (Heat) भी उत्पन्न होती है। अत: इसे गर्म प्रकाश (Hot Light) कहा जा सकता है।

1. प्रश्न के उत्तर लिखिए।  (2)

  1. मुक्ता शुक्ति का सर्वोत्तम उदाहरण बताइए।
  2. अपना कार्य करना कब कठिन हो जाता है?
  3. प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव अपने प्रकाश का उपयोग किस प्रकार से करते हैं?
  4. प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव किसके द्वारा प्रकाश उत्पन्न करते हैं?

2. निम्नलिखित प्रत्येक शब्द के दो पर्यायवाची शब्द लिखिए।  (2)

  1. प्रकाश - ______
  2. आविष्कार - ______
  3. ऊष्मा - ______
  4. शीतल - ______

3. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए।  (2)

प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीवों की वैज्ञानिक अध्ययन की दृष्टि से जानकारी लिखिए।

[18] व्यावहारिक हिंदी : प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव
Chapter: [18] व्यावहारिक हिंदी : प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव
Concept: undefined >> undefined

'मन के हारे हार है, मन के जीते जीत' इस पंक्ति का भाव पल्लवन कीजिए।

[14] व्यावहारिक हिंदी : पल्लवन
Chapter: [14] व्यावहारिक हिंदी : पल्लवन
Concept: undefined >> undefined

भगवान की सर्वश्रेष्ठ उपासना के रूप में इसे प्रतिष्ठित किया गया है:

[13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Chapter: [13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Concept: undefined >> undefined

विषय का औचित्यपूर्ण ______ फीचर की आत्मा हैं।

[15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
Chapter: [15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
Concept: undefined >> undefined

ब्लॉग लेखन में सामाजिक स्वास्थ्य का विचार हो जो ______ न हों।

[17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
Chapter: [17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
Concept: undefined >> undefined

पृथ्वी के ______ हिस्से पर समुद्रों की बिशाल जल राशि व्याप्त हैं।

[10] ओजोन विघटन का संकट
Chapter: [10] ओजोन विघटन का संकट
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित अपठित परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

“हम रसायनों के युग में रह रहे हैं। हमारे पर्यावरण कीं सारी वस्तुएँ और हम सब, रासायनिक यौगिकों के बने हुए हैं। हवा मिट्टी, पानी, खाना, वनस्पति और जीव-जंतु ये सब अजूबे जीवन कौ रासायनिक सच्चाई ने पैदा किए हैं। प्रकृति में सैकड़ों -हजारों रासायनिक पदार्थ हैं। रसायन न होते तो धरती पर जीवन भी नहीं होता। पानी, जो जीवन के आधार है, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बना एक रासायनिक यौगिक है। मधुर-मीठी चीनी, कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बनी है। कोयला और तेल, बीमारियों से मुक्ति दिलाने वाली औषधियाँ, एंटीबायोटिक्स, एस्प्रीन और पेनिसिलीन, अनाज साब्जियाँ फल और मेवे-सभी तो रसायन हैं।

जीवन जोखिम से भरा है, गुफामानव ने जब भी आग जलाई, उसने जल जाने का खतरा उठाया। जीवन-यापन के आधुनिक तरीकों के कुछ खतरों को कम किया है, पर कुछ खतरे अनेक गुना बढ़ गए हैं। ये खतरे नुकसान और शारीरिक चोट के रूप में हैं। हम सभी अपने दैनिक जीवन में जोखिम उठाते हैं। जैसे जब हम सड़क पार करते हैं, स्टोव जलातें हैं, कार में बैठते हैं, खेलते हैं, पालतू जानवरों को दुलारते हैं, घरेलू काम-काज करते हैं या केवल पेड़ के नीचे बैठे होते हैं, तो हम जोखिम उठा रहे होते हैं। इन जोखिमों में से कुछ तात्कालिक हैं, जैसे जलने का, गिरने का या अपने ऊपर कुछ गिर जाने का खतरा। कुछ खतरे ऐसे हैं जिनमें प्रभाव लंबे समय के बाद सामने आते हैं जैसे लंबे समय तक शोर-गुल वाले पर्यावरण में रहने वाले व्यक्तियों की श्रवणशक्ति कम हो सकती है।

क्या रसायन भी जोखिम उत्पन्न करते हैं ? स्पष्ट है कि कुछ अवश्य करते हैं। उनमें से अनेक बहुत अधिक जहरीले हैं, कुछ प्रचंड 'विस्फोट करते हैं और कुछ अन्य अचानक आग पकड़ लेते हैं, ये रसायनों के कुछ तात्कालिक 'उग्र' खतरे हैं। रसायनों में कुछ दीर्घकालीन खतरे भी होते हैं, क्योंकि कुछ रसायनों के संपर्क में अधिक समय तक रहने पर, चाहे उन रसायनों का स्तर लेशमात्र ही क्यों न हो, शरीर में बीमारियाँ पैदा हो सकती हैं।''

1. आकृति पूर्ण कीजिए:   (2)

2.  परिच्छेद में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए।  (2)

  1. जीव - ______
  2. सैकड़ों - ______
  3. काम - ______
  4. मधुर - ______

3. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए ।  (2)

'ध्वनि प्रदूषण' इस विषय पर अपने विचार लिखिए।

[20] अपठित विभाग
Chapter: [20] अपठित विभाग
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

              संयोग से तभी उन्हें कहीं से तीन सौ रुपये मिल गए। वही पूँजी मेरे पास जमा करके उन्होंने मुझे अपने खर्च का बजट बना देने का आदेश दिया। जिन्हें मेरा व्यक्तिगत हिसाब रखना पड़ता है, वे जानते हैं कि यह कार्य मेरे लिए कितना दुष्कर है। न वे मेरी चादर लंबी कर पाते हैं; न मुझे पैर सिकोड़ने पर बाध्य कर सकते हैं; और इस प्रकार एक विचित्र रस्साकशी में तीस दिन बीतते रहते हैं।

              पर यदि अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों की प्रतियोगिता हो तो सौ में दस अंक पाने वाला भी अपने-आपको शून्य पाने वाले से श्रेष्ठ मानेगा।

              अस्तु, नमक से लेकर नापित तक और चप्पल से लेकर मकान के किराये तक का जो अनुमानपत्र मैंने बनाया; वह जब निराला जी को पसंद आ गया, तब पहली बार मुझे अपने अर्थशास्त्र के ज्ञान पर गर्व हुआ। पर दूसरे ही दिन से मेरे गर्व की व्यर्थता सिद्ध होने लगी। वे सवेरे ही पहुँचे। पचास रुपये चाहिए... किसी विद्यार्थी का परीक्षा शुल्क जमा करना है, अन्यथा वह परीक्षा में नहीं बैठ सकेगा। संध्या होते-होते किसी साहित्यिक मित्र को साठ देने की आवश्यकता पड़ गई। दूसरे दिन लखनऊ के किसी ताँगेवाले की माँ को चालीस का मनीऑर्डर करना पड़ा। दोपहर को किसी दिवंगत मित्र की भतीजी के विवाह के लिए सौ देना अनिवार्य हो गया। सारांश यह कि तीसरे दिन उनका जमा किया हुआ रुपया समाप्त हो गया और तब उनके व्यवस्थापक के नाते यह दान खाता मेरे हिस्से आ पड़ा।

(१) संजाल पूर्ण कीजिए: (२)

(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए विलोम शब्द लिखिए: (२)

  1. वियोग × ______
  2. उत्तीर्ण × ______
  3. नापसंद × ______
  4. अज्ञान × ______

(३) ‘जीवन में मित्रों का महत्त्व’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)

[2] निराला भाई
Chapter: [2] निराला भाई
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

           सुनो सुगंधा! तुम्हारा पत्र पाकर खुशी हुई। तुमने दोतरफा अधिकार की बात उठाई है, वह पसंद आई। बेशक, जहाँ जिस बात से तुम्हारी असहमति हो; वहाँ तुम्हें अपनी बात मुझे समझाने का पूरा अधिकार है। मुझे खुशी ही होगी तुम्हारे इस अधिकार प्रयोग पर। इससे राह खुलेगी और खुलती ही जाएगी। जहाँ कहीं कुछ रुकती दिखाई देगी; वहाँ भी परस्पर आदान-प्रदान से राह निकाल ली जाएगी। अपनी-अपनी बात कहने-सुनने में बंधन या संकोच कैसा?

           मैंने तो अधिकार की बात यों पूछी थी कि मैं उस बेटी की माँ हूँ जो जीवन में ऊँचा उठने के लिए बड़े ऊँचे सपने देखा करती है; आकाश में अपने छोटे-छोटे डैनों को चौड़े फैलाकर।

           धरती से बहुत ऊँचाई में फैले इन डैनों को यथार्थ से दूर समझकर भी मैं काटना नहीं चाहती। केवल उनकी डोर मजबूत करना चाहती हूँ कि अपनी किसी ऊँची उड़ान में वे लड़खड़ा न जाएँ। इसलिए कहना चाहती हूँ कि ‘उड़ो बेटी, उड़ो, पर धरती पर निगाह रखकर।’ कहीं ऐसा न हो कि धरती से जुड़ी डोर कट जाए और किसी अनजाने-अवांछित स्थल पर गिरकर डैने क्षत-विक्षत हो जाएँ। ऐसा नहीं होगा क्योंकि तुम एक समझदार लड़की हो। फिर भी सावधानी तो अपेक्षित है ही।

           यह सावधानी का ही संकेत है कि निगाह धरती पर रखकर उड़ान भरी जाए। उस धरती पर जो तुम्हारा आधार है- उसमें तुम्हारे परिवेश का, तुम्हारे संस्कार का, तुम्हारी सांस्कृतिक परंपरा का, तुम्हारी सामर्थ्य का भी आधार जुड़ा होना चाहिए। हमें पुरानी-जर्जर रूढ़ियों को तोड़ना है, अच्छी परंपराओं को नहीं।

(१) आकृति पूर्ण कीजिए: (२)

(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (२)

  1. आनंद - 
  2. नभ -
  3. पुत्री -
  4. सजगता - 

(३) ‘वर्तमान पीढ़ी के युवक-युवतियों का जीवन के प्रति बदला दृष्टिकोण’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ३० शब्दों में स्पष्ट लिखिए। (२)

[8] सुनो किशोरी
Chapter: [8] सुनो किशोरी
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

अपने हृदय का सत्य, अपने-आप हमको खोजना।
अपने नयन का नीर, अपने-आप हमको पोंछना।
आकाश सुख देगा नहीं
धरती पसीजी है कहीं!
हर एक राही को भटककर ही दिशा मिलती रही।
सच हम नहीं, सच तुम नहीं।

बेकार है मुस्कान से ढकना हृदय की खिन्नता।
आदर्श हो सकती नहीं, तन और मन की भिन्नता।
जब तक बँधी है चेतना
जब तक प्रणय दुख से घना
तब तक न मानूँगा कभी, इस राह को ही मैं सही।
सच हम नहीं, सच तुम नहीं।

(१) उत्तर लिखिए: (२)

  1. हमें हृदय की इस बात को खोजना है - ______
  2. हर एक राही को भटककर मिलती है - ______
  3. इसे मुस्कान से ढकना बेकार है - ______
  4. यह आदर्श नहीं हो सकती है - ______

(२) निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय निकालकर पद्यांश में आए हुए मूल शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (२)

  1. सत्यता - ______
  2. सुखी - ______
  3. राही - ______
  4. मुस्कुराहट - ______

(३) ‘संघर्ष करने वाला व्यक्ति ही जीवन में सफल होता है’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)

[3] सच हम नहीं; सच तुम नहीं (पद्य)
Chapter: [3] सच हम नहीं; सच तुम नहीं (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

अंकुरित होने से ठूँठ हो जाने तक
आँधी-तूफान हो या कोई प्रतापी राजा-महाराजा
पेड़ किसी के पाँव नहीं पड़ता है,
जब तक है उसमें साँस
एक जगह पर खड़े रहकर
हालात से लड़ता है!

जहाँ भी खड़ा हो
सड़क, झील या कोई पहाड़
भेड़िया, बाघ, शेर की दहाड़
पेड़ किसी से नहीं डरता है!

हत्या या आत्महत्या नहीं करता है पेड़।
थके राहगीर को देकर छाँव व ठंडी हवा
राह में गिरा देता है फूल
और करता है इशारा उसे आगे बढ़ने का।

पेड़ करता है सभी का स्वागत,
देता है सभी को विदाई!

(१) आकृति पूर्ण कीजिए: (२)

(२) निम्नलिखित शब्दों के वचन पद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए: (२)

  1. आँधियाँ - ______
  2. साँसें - ______
  3. सड़कें - ______
  4. हवाएँ - ______

(३) ‘पेड़ मनुष्य को प्रेरणा देता है’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)

[7] पेड़ होने का अर्थ (पद्य)
Chapter: [7] पेड़ होने का अर्थ (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबानी' कविता का रसास्वादन कीजिए:

  1. रचनाकर का नाम (१) -
  2. पसंद की पंक्तियाँ (१) -
  3. पसंद आने के कारण (२) -
  4. कविता की केंद्रीय कल्पना (२) -
[5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Chapter: [5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

आम आदमी की पीड़ा को समझते हुए ‘चुनिंदा शेर’ कविता का रसास्वादन कीजिए।

[9] चुनिंदा शेर (पद्य)
Chapter: [9] चुनिंदा शेर (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित काव्य पंक्तियों को पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

यह आम्रवृक्ष की डाल
उनकी विशेष प्रिय थी
तेरे न आने पर
सारी शाम इसपर टिक
उन्होंने वंशी में बार-बार
तेरा नाम भरकर तुझे टेरा था-

आज यह आम की डाल
सदा-सदा के लिए काट दी जाएगी
क्योंकि कृष्ण के सेनापतियों के
वायुवेगगामी रथों की
गगनचुंबी ध्वजाओं में
यह नीची डाल अटकती है
और यह पथ के किनारे खड़ा
छायादार पावन अशोक वृक्ष

आज खंड-खंड हो जाएगा तो क्या-
यदि ग्रामवासी, सेनाओं के स्वागत में
तोरण नहीं सजाते
तो क्या सारा ग्राम नहीं उजाड़ दिया जाएगा?

(१) कारण लिखिए: (२)

  1. आम्रवृक्ष की डाल सदा के लिए काट दी जाएगी - ______
  2. छायादार अशोक वृक्ष खंड-खंड हो जाएगा - ______

(२) उचित मिलान कीजिए: (२)

(१) वृक्ष टहनी
(२) ग्राम राह
(३) पथ गाँव
(४) डाल पेड़

(३) ‘युद्ध के दुष्परिणाम’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)

[13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Chapter: [13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित का उत्तर लगभग १०० से १२० शब्दों में लिखिए:

‘नर हो, न निराश करो मन को ', इस उक्ति का पल्लवन कीजिए।

[14] व्यावहारिक हिंदी : पल्लवन
Chapter: [14] व्यावहारिक हिंदी : पल्लवन
Concept: undefined >> undefined
< prev  4241 to 4260 of 9441  next > 
Advertisements
Advertisements
Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा Book Keeping and Accountancy
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा Economics
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा English
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा Geography
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा Hindi
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा History
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा Information Technology
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा Marathi
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा Mathematics and Statistics
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा Political Science
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा Psychology
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (English Medium) १२ वीं कक्षा Sociology
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×