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ISC (Arts) कक्षा १२ - CISCE Question Bank Solutions

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निचे दिए गए विषय पर मौलिक कहानी लिखिए:

'कर्जमुक्त मनुष्य ही सबसे सुखी मनुष्य होता है।'

[4] लेखन कौशल (Writing Skills)
Chapter: [4] लेखन कौशल (Writing Skills)
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निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:

'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।

[4] लेखन कौशल (Writing Skills)
Chapter: [4] लेखन कौशल (Writing Skills)
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Read the passage given below carefully and answer the questions that follow using your own words in Hindi.

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और अपने शब्दोंका प्रयोग करते हुए दिए गए प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में दीजिए।

कैसोवैरी चिड़िया जंगल में एक पेड़ के कोटर में रहती थी। वह बचपन से ही बाकी चिड़ियों से अलग थी इसलिए बाकी चिड़ियों के बच्चे उसे हमेशा चिढ़ाते थे।

कोई कहता, “जब तू उड़ नहीं सकती तो चिड़िया किस काम कीं?", तो कोई उसे पेड़ की डाल पर बैठकर चिढ़ाता, “अरे! कभी हमारे पास भी आ जाया करो। जब देखो जानवरों की तरह नीचे चरती रहती हो", और ऐसा बोलकर सब-के-सब खूब हँसते।

कैसोवैरी उनकी बातें सुनकर मन मसोसकर रह जाती पर किसी से कुछ कह नहीं पाती थी। शुरू-शुरू में वह इन बातों का बुरा नहीं मानती थी लेकिन किसी भी चीज की एक सीमा होती है। बार-बार चिढ़ाए जाने से उसका दिल टूट गया। वह उदास बैठ गयी और आसमान की तरफ देखते हुए बोली, “हे ईश्वर तुमने मुझे चिड़िया क्यों बनाया? और बनाया तो मुझे उड़ने की काबिलियत क्यों नहीं दी? देखो सब मुझे कितना चिढ़ाते हैं। अब मैं यहाँ एक पल भी नहीं रह सकती, मैं इस जंगल को हमेशा-हमेशा के लिए छोड़ कर जा रही हूँ।” ऐसा कहते हुए कैसोवैरी चिड़िया थोड़ा आगे बढ़ गई।

अभी वह कुछ ही दूर गई थी कि पीछे से एक भारी-भरकम आवाज़ आई-“रुको कैसोवैरी! तुम कहाँ जा रही हो?”

आजतक किसी ने भी कैसोवैरी के साथ इतने अच्छे से बात नहीं की थी। उसने आश्चर्य से पीछे गुड़ कर देखा, वहाँ खड़ा जामुन का पेड़ उससे कुछ कह रहा था।

“कृपया तुम यहाँ से मत जाओ, हमें तुम्हारी जरूरत है। पूरे जंगल में हम सबसे अधिक तुम्हारी वजह से ही फल-फूल पाते हैं। वह तुम ही हो जो अपनी मजबूत चोंव से फलों को अन्दर तक खाती हो और हमारे बीजों को पूरे जंगल में बिखेरती हो। हो सकता है बाकी चिड़ियों के लिए तुम मायने ना रखती हो लेकिन हम पेड़ों के लिए तुमसे बढ़कर कोई दूसरी चिड़िया नहीं है। मत जाओ, तुम्हारी जगह कोई और नहीं ले सकता।”

पेड़ की बातों ने कैसोवैरी के दिल को छुआ। उसकी बातें सुनकर आज पहली बार उसे जीवन में यह एहसास हुआ कि वह इस धरती पर बेकार में मौजूद नहीं है। भगवान ने उसे एक बेहद जरूरी काम के लिए भेजा है और सिर्फ बाकी चिड़ियों की तरह न उड़ पाना कहीं से उसे छोटा नहीं बनाता। आज कैसोवैरी चिड़िया बहुत खुश थी। वह खुशी-खुशी जंगल में लौट गई।

कैसोवैरी चिड़िया की तरह ही कई बार हम इंसान भी औरों को देखकर खुद में लघुता का अनुभव करते हैं। हम अपने पास की चीजों को महत्ता न देकर, ये सोचते हैं कि विधाता ने हमें वे चीजें क्यों नहीं दीं, जो दूसरों के पास हैं। ऐसी स्थिति में हम खुद को दीन-हीन और दूसरों को सौभाग्यशाली मानकर विधाता को कोसने लगते हैं।

हमें कभी भी बेकार की तुलना में नहीं पड़ना चाहिए। हर एक इंसान अपने आप में अनोखा है और अलग है। हर किसी के अन्दर कोई-न-कोई बात है जो उसे खास बनाती है। हो सकता है कि वह दूसरों के लिए बस एक इंसान हो लेकिन किसी एक के लिए वह पुरी दुनिया हो सकता है। जीवन की महत्ता को समझकर, उसे सकारात्मक सोच का उपहार देकर हम अपने इस अमूल्य जीवन को और बेहतर बना सकते हैं।

(i) कैसोवैरी चिड़िया सबसे अलग कैसे थी? बाकी चिड़ियों का व्यवहार उसके साथ कैसा था?        [3]

(ii) कैसोवैरी को किससे क्या शिकायत थी? उसकी यह शिकायत कैसे दूर हुई?                           [3]

(iii) हम अपनी जिन्दगी को कैसे बेहतर बना सकते हैं? गद्यांश के आधार पर स्पष्ट कीजिए।             [3]

(iv) निम्नलिखित पंक्तियों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनिए।

“कृपया तुम यहाँ से मत जाओ, हमें तुम्हारी ज़रूरत है। पूरे जंगल में हम सबसे अधिक तुम्हारी वजह से ही फल-फूल पाते हैं।”

  1. इस कथन के आधार पर जामुन के पेड़ की किन विशेषताओं का पता चलता है?         [1]
    1. नम्रता और प्रेम
    2. अहंकार और दया
    3. करुणा और क्रोध
    4. धैर्य और गर्व
  2. कैसोवैरी के किस काम की वजह से जामुन का पेड़ फलता-फूलता था?   [1]
    1. उसके जामुन न खाने से
    2. उसके कोटर में रहने से
    3. उसके जंगल में बीज बिखेरने से
    4. उसके न उड़ पाने से
  3. कैसोवैरी पर जामुन के पेड़ की बातों का क्या प्रभाव पड़ा?         [1]
    1. वह गुस्सा हो गई।
    2. उसे अपनी पहचान मिली।
    3. उसने जंगल छोड़ दिया।
    4. वह उड़ना सीखने लगी।

(v) निम्नलिखित पंक्तियों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनिए:

“पेड़ की बातों ने कैसोवैरी के दिल को छुआ। उसकी बातें सुनकर आज पहली बार उसे जीवन में यह एहसास हुआ कि वह इस धरती पर बेकार में मौजूद नहीं है।”

  1. 'दिल को छुआ' - पंक्ति से क्या आशय है?             [1]
    1. भाव-विभोर होना।
    2. मन दुखी होना।
    3. मन में निराशा उत्पन्न होना।
    4. मन उदासीन होना।
  2. “...वह इस धरती पर बेकार में मौजूद नहीं है।"- पंक्ति से कैसोवैरी के मन के किस भाव का पता चलता है?                          [1]
    1. उदारता का भाव
    2. लघुता का भाव
    3. आत्मीयता का भाव
    4. आत्मविश्वास का भाव
  3. 'मौजूद' शब्द गद्यांश में किस अर्थ में प्रयुक्त हुआ है?            [1]
    1. अस्तित्व के सन्दर्भ में
    2. मायूसी के सन्दर्भ में
    3. झुँझलाहट के सन्दर्भ में
    4. प्रताड़ना के सन्दर्भ में
[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
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निम्नलिखित वाक्य का शुद्ध रुप लिखिए।

मैं सायंकाल के समय आया था।

[3] व्याकरण (Grammar)
Chapter: [3] व्याकरण (Grammar)
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चुनाव में अपनी करारी हार देखकर नेताजी के पाँव तले ______ खिसक गई।

[3] व्याकरण (Grammar)
Chapter: [3] व्याकरण (Grammar)
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निम्नलिखित वाक्यों में से शुद्ध वाक्य का चयन कीजिए:

[3] व्याकरण (Grammar)
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निम्नलिखित वाक्यों में से अशुद्ध वाक्य का चयन कीजिए:

[3] व्याकरण (Grammar)
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निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित शब्द के लिए सही शब्द का चयन कीजिए:

संकट की घड़ी में ऋण प्रदान करने के लिए श्रीलंका, विश्वबैंक का कृतघ्न है।

[3] व्याकरण (Grammar)
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निम्नलिखित मुहावरे से वाक्य बनाइए।

ईंट से ईंट बजाना

[3] व्याकरण (Grammar)
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निम्नलिखित मुहावरे को शुद्ध कीजिए।

घाट-घाट का खाना खाना

[3] व्याकरण (Grammar)
Chapter: [3] व्याकरण (Grammar)
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निम्नलिखित वाक्य में रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने शत्रु सेना के सामने ______ स्वीकार नहीं किया।

[3] व्याकरण (Grammar)
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निम्नलिखित वाक्य के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।

अपनी दुकान बेचने के सिवाय उसके पास और कोई उपाय नहीं था।

[3] व्याकरण (Grammar)
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निम्नलिखित मुहावरे के सही अर्थ का चयन कीजिए।

पाँचो अंगुलियाँ घी में होना

[3] व्याकरण (Grammar)
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उसने अपने सारे साहस को समेटकर दृढ़ता से कहा-“माँ, मैं कानपुर जाऊँगी।

  1. उक्त कथन से संबंधित पाठ और उसके लेखक का नाम लिखिए।      [1]
  2. यह कथन किसने कहा हैं? वह कानपुर क्यों जाना चाहती है?            [2]
  3. इस कथन के पीछे वक्‍ता का क्या उद्देश्य था? आप किस आधार पर कहेंगे कि वक्ता ने उचित कदम उठाया?            [2]
  4. स्पष्ट कीजिए कि स्वतंत्रता प्राप्ति के आन्दोलन में वक्ता का त्याग भी किसी देशभक्त से कम नहीं था?              [5]
[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
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'किसी के क्षणिक आडम्बर और व्यवहार पर आँख मुँदकर विश्वास कर लेना घातक सिद्ध हो सकता है।-'सती' कहानी के प्रसंग में मदालसा के चरित्र को ध्यान में रखते हुए इस कथन की व्याख्या कीजिए।

[4] लेखन कौशल (Writing Skills)
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'भक्तिन' एक कर्मठ नारी के संघर्षमय जीवन की कहानी है। इस कथन को भक्तिन के जीवन के चार अध्यायों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

[4] लेखन कौशल (Writing Skills)
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'अंतिम बार गोद में बेटी;

तुमको ले न सका मैं हा

एक फूल माँ के प्रसाद का

तुझको दे न सका मैं हा!'

  1. प्रस्तुत पंक्तियाँ किस कविता से ली गई हैं? यहाँ मैं शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?            [1]
  2. 'बेटी ने किससे, क्या इच्छा जाहिर की?                       [2]
  3. क्या वक्ता की इच्छा पुरी हो सकी? कारण सहित उत्तर लिखिए।            [2]
  4. इस कविता में कवि ने किस भेदभाव को उजागर किया हैं? वह किस प्रकार देश की प्रगति में बाधक है? समझाकर लिखिए।               [5]
[2] पद्य (Poetry)
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सूरदास जी की भक्ति भावना पर प्रकाश डालते हुए संकलित पदों के आधार पर श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं तथा माता यशोदा के वात्सल्य भाव का वर्णन कीजिए।

[2] पद्य (Poetry)
Chapter: [2] पद्य (Poetry)
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'जाग तुझको दूर जाना है' कविता में कवयित्री स्वयं के मन तथा मानव मन को क्या संदेश देना चाहती हैं? कविता की पंक्तियाँ कहीं-न-कहीं हम सब में एक नया उत्साह भरती हैं। कविता के आधार पर इस कथन को स्पष्ट कीजिए।

[2] पद्य (Poetry)
Chapter: [2] पद्य (Poetry)
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“बहुत है बहुत है दिवाकर!” कृतज्ञता-गद्गद स्वर में मैंने कहा, यह हो जाए दिवाकर, तो मेरा उद्घार हो जाएगा। तू नहीं जानता मैं कितना परेशान हूँ। घर में एक पल को चैन नहीं मिलता...।
  1. वक्‍ता कौन है? उसका संक्षिप्त परिचय दीजिए।          [1]
  2. दिवाकर कौन है? वह वक्ता को क्या काम दिलवा रहा था?          [2]
  3. वक्ता की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी?          [2]
  4. “तू नहीं जानता मैं कितना परेशान हूँ। घर में एक पल को चैन नहीं मिलता......।" इस कथन के आलोक में वक्ता के घर की स्थिति का वर्णन कीजिए।      [5]
[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
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