हिंदी

Arts (English Medium) कक्षा ११ - CBSE Question Bank Solutions

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषयों
मुख्य विषय
अध्याय

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  1541 to 1560 of 9259  next > 

पढ़ना-लिखना सब अकारथ गया। वृद्ध मुंशी जी द्वारा यह बात एक विशिष्ट संदर्भ में कही गई थी। अपने निजी अनुभव के आधार पर बताइए-

जब आपको पढ़ना-लिखना सार्थक लगा हो।

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

पढ़ना-लिखना सब अकारथ गया। वृद्ध मुंशी जी द्वारा यह बात एक विशिष्ट संदर्भ में कही गई थी। अपने निजी अनुभव के आधार पर बताइए-

“पढ़ना-लिखना' को किस अर्थ में प्रयुक्त किया गया होगा:

साक्षरता अथवा शिक्षा? (क्या आप इन दोनों को समान मानते हैं?)

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

लड़कियाँ हैं, वह घास-फूस की तरह बढ़ती चली जाती हैं। वाक्य समाज में लड़कियों की स्थिति की किस वास्तविकता को प्रकट करता है?

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

इसलिए नहीं कि अलोपीदीन ने क्यों यह कर्म किया बल्कि इसलिए कि वह कानून केपंजे में कैसे आए। ऐसा मनुष्य जिसके पास असाध्य साधन करनेवाला धन और अनन्य वाचालता हो, वह क्यों कानून के पंजे में आए। प्रत्येक मनुष्य उनसे सहानुभूति प्रकट करता था। अपने आस-पास अलोपीदीन जैसे व्यक्तियों को देखकर आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी? उपर्युक्त टिप्पणी को ध्यान में रखते हुए लिखें।

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

नौकरी में ओहदे की ओर ध्यान मत देना, यह तो पीर की मज़ार है। निगाह चढ़ावे और चादर पर रखनी चाहिए।

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

इस विस्तृत संसार में उनके लिए धैर्य अपना मित्र, बुद्धि अपनी पथप्रदर्शक और आत्मावलंबन ही अपना सहायक था।

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

तर्क ने भ्रम को पुष्ट किया।

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

न्याय और नीति सब लक्ष्मी के ही खिलौने हैं, इन्हें वह जैसे चाहती हैं, नचाती हैं।

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

दुनिया सोती थी, पर दुनिया की जीभ जागती थी।

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

खेद ऐसी समझ पर! पढ़ना-लिखना सब अकारथ गया।

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

धर्म ने धन को पैरों तले कुचल डाला।

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

न्याय के मैदान में धर्म और धन में युद्ध ठन गया।

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

भाषा की चित्रात्मकता, लोकोक्तियों और मुहावरों का जानदार उपयोग तथा हिंदी-उर्दू के साझा रूप एवं बोलचाल की भाषा के लिहाज़ से यह कहानी अद्भुत है। कहानी में से ऐसे उदाहरण छाँट कर लिखिए और यह भी बताइए कि इनके प्रयोग से किस तरह कहानी का कथ्य अधिक असरदार बना है?

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

कहानी में मासिक वेतन के लिए किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया गया है? इसके लिए आप अपनी ओर से दो-दो विशेषण और बताइए। साथ ही विशेषणों के आधार को तर्क सहित पुष्ट कीजिए।

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

(क) बाबूजी आशीर्वाद!

(ख) सरकार हुक्म!

(ग) दातागंज के!

(घ) कानपुर!

दी गई विशिष्ट अभिव्यक्तियाँ एक निश्चित संदर्भ में अर्थ देती हैं। संदर्भ बदलते ही अर्थ भी परिवर्तित हो जाता है। अब आप किसी अन्य संदर्भ में इन भाषिक अभिव्यक्तियों का प्रयोग करते हुए समझाइए।

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

'नमक का दारोगा’ कहानी को पढ़कर बड़ी-बड़ी डिग्रियों, न्याय और विद्वता के बारे में आपकी क्या धारणा बनती है? वर्तमान समय को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर शिक्षकों के साथ एक परिचर्चा आयोजित करें।

[1] नमक का दारोगा
Chapter: [1] नमक का दारोगा
Concept: undefined >> undefined

मियाँ नसीरुद्दीन को नानबाइयों का मसीहा क्यों कहा गया है?

[2] मियाँ नसीरुद्दीन
Chapter: [2] मियाँ नसीरुद्दीन
Concept: undefined >> undefined

लेखिका मियाँ नसीरुद्दीन के पास क्यों गई थीं?

[2] मियाँ नसीरुद्दीन
Chapter: [2] मियाँ नसीरुद्दीन
Concept: undefined >> undefined

बादशाह के नाम का प्रसंग आते ही लेखिका की बातों में मियाँ नसीरुद्दीन की दिलचस्पी क्यों खत्म होने लगी?

[2] मियाँ नसीरुद्दीन
Chapter: [2] मियाँ नसीरुद्दीन
Concept: undefined >> undefined

‘मियाँ नसीरुद्दीन के चेहरे पर किसी दबे हुए अंधड़ के आसार देख यह मज़मून न छेड़ने का फैसला किया’-इस कथन के पहले और बाद के प्रसंग का उल्लेख करते हुए इसे स्पष्ट कीजिए।

[2] मियाँ नसीरुद्दीन
Chapter: [2] मियाँ नसीरुद्दीन
Concept: undefined >> undefined
< prev  1541 to 1560 of 9259  next > 
Advertisements
Advertisements
CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Accountancy
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Business Studies
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Computer Science (C++)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Economics
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ English Core
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ English Elective - NCERT
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Entrepreneurship
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Geography
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Hindi (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Hindi (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ History
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Mathematics
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Political Science
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Psychology
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Sanskrit (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Sanskrit (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) कक्षा ११ Sociology
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×