हिंदी

पाठ में दिए गए अंतरों के अलावा संगीत शिक्षक से चित्रपट संगीत एवं शास्त्रीय संगीत का अंतर पता करें। इन अंतरों को सूचीबद्ध करें। - Hindi (Core)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

पाठ में दिए गए अंतरों के अलावा संगीत शिक्षक से चित्रपट संगीत एवं शास्त्रीय संगीत का अंतर पता करें। इन अंतरों को सूचीबद्ध करें।

अंतर स्पष्ट करें
Advertisements

उत्तर

  शास्त्रीय संगीत चित्रपट संगीत
1. इसे मार्गी संगीत भी कहा जाता है। इसमें लोकसंगीत तथा शास्त्रीय संगीत दोनों का ही प्रयोग हो सकता है।
2. यह स्वरों के अधार पर गाया जाता है। इसे स्वरों या बिना स्वरों के अनुसार परिस्थिति के अनुरूप गाया जाता है।
3. इसमें लय, ताल आदि का उल्लंघन वर्जित होता है। इसका मुख्य आधार लोकप्रियता है, अतः इसके गायन में स्वतंत्रता है।
4. यह रागों पर आधारित होता है। इसमें रागों के साथ-साथ लोकगीतों का मिश्रण भी किया जाता है
5. इसमें आरोह, अवरोह आदि पर विशेष ध्यान दिया। इसमें कर्णप्रियता पर अधिक ध्यान दिया जाता है।
6. इसमें हास्यरस का प्रायः अभाव रहता है। फ़िल्मी संगीत में हास्य प्रधान गीतों का गायन भी खूब होता है।
shaalaa.com
भारतीय गायिकाओं में बेजोड़ : लता मंगेशकर
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: भारतीय गायिकाओं में बेजोड़ : लता मंगेशकर - अभ्यास [पृष्ठ ८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Vitaan bhag 1 [English] Class 11
अध्याय 1 भारतीय गायिकाओं में बेजोड़ : लता मंगेशकर
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ ८

संबंधित प्रश्न

लेखक ने पाठ में गानपन का उल्लेख किया है। पाठ के संदर्भ में स्पष्ट करते हुए बताएँ कि आपके विचार में इसे प्राप्त करने के लिए किस प्रकार के अभ्यास की आवश्यकता है?


लेखक ने लता की गायकी की किन विशेषताओं को उजागर किया है? 


लता ने करुण रस के गानों के साथ न्याय नहीं किया है, जबकि श्रृंगारपरक गाने वे बड़ी उत्कटता से गाती हैं - इस कथन से आप कहाँ तक सहमत हैं?


संगीत का क्षेत्र ही विस्तीर्ण है। वहाँ अब तक अलक्षित असंशोधित और अदृष्टिपूर्व ऐसा खूब बड़ा प्रांत है, तथापि बड़े जोश से इसकी खोज और उपयोग चित्रपट के लोग करते चले आ रहे हैं - इस कथन को वर्तमान फ़िल्मी संगीत के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।


आपको लता की गायकी में कौन-सी विशेषताएँ नज़र आती हैं? उदाहरण सहित बताइए।


‘चित्रपट संगीत ने लोगों के कान बिगाड़ दिए’- अकसर यह आरोप लगाया जाता रहा है। इस संदर्भ में कुमार गंधर्व की राय और अपनी राय लिखें।


शास्त्रीय एवं चित्रपट दोनों तरह के संगीतों के महत्त्व का आधार क्या होना चाहिए? कुमार गंधर्व की इस संबंध में क्या राय है? स्वयं आप क्या सोचते हैं?


कुमार गंधर्व ने लिखा है-चित्रपट संगीत गाने वाले को शास्त्रीय संगीत की उत्तम जानकारी होना आवश्यक है? क्या शास्त्रीय मानकों को भी चित्रपट संगीत से कुछ सीखना चाहिए? कक्षा में विचार-विमर्श करें।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×