हिंदी

Hindi Medium कक्षा १० - CBSE Question Bank Solutions for Hindi Course - A

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषयों
मुख्य विषय
अध्याय
Advertisements
Advertisements
Hindi Course - A
< prev  81 to 100 of 372  next > 

लेखक को देखकर नवाब साहब असहज क्यों हो गए? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर लिखिए।

[1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Chapter: [1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Concept: undefined >> undefined

‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के के व्यक्तित्व के किन्हीं दो पहलुओं का उल्लेख कीजिए, जिनसे आप प्रभावित हैं। इस प्रभाव के उपयुक्त कारण भी स्पष्ट कीजिए।

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Chapter: [1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के लेखक और फ़ादर बुल्के के संबंध, आपकी दृष्टि में कैसे थे? इससे फ़ादर के स्वभाव के विषय में क्या कहा जा सकता है?

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Chapter: [1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Concept: undefined >> undefined

‘लखनवी अंदाज’ पाठ में लेखक ने नवाब साहब की किस प्रकार की सनक का परिचय दिया है? ऐसी सनक के क्या-क्या परिणाम हो सकते हैं? उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।

[1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Chapter: [1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Concept: undefined >> undefined

‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए कि नवाब साहब को खीरे खाने की तैयारी करते देख लेखक ने क्या सोचा? उसके मन में कौन-सी इच्छा जगी और नवाब साहब के पूछने पर उसने खाने से क्यों मना कर दिया?

[1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Chapter: [1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Concept: undefined >> undefined

इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता में कवि ने बादलों के विविध रूपों का चित्रण किया है? उनका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

[1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
Chapter: [1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
Concept: undefined >> undefined

‘कन्यादान’ कविता में माँ की परंपरागत छवि से हटकर नए दृष्टिकोण से विचार किया गया है। उसमें नया क्या है? आप उन विचारों से कहाँ तक सहमत हैं और क्यों?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Concept: undefined >> undefined

‘आग’ के विषय में माँ बेटी को क्या समझा रही है और क्यों? ‘आग’ के संकेत से कविता किस सामाजिक बुराई की ओर भी इशारा करती है? उल्लेख कीजिए।

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए-

भले ही अँधेरा घिरे हर दिशा से,
मगर हम नया भोर लाकर रहेंगे।
घृणा-स्वार्थ के इस कठिन संक्रमण में,
सुनो हम नया दौर लाकर रहेंगे।
प्रगति और विज्ञान का नाम लेकर,
मनुज को मनुज आज ठगने लगे हैं।
नई आर्थिक दौड़ की रोशनी में,
हमें मूल्य सब झूठ लगने लगे हैं।
मगर बात इतनी सुनो विश्व वालो,
इसी रोशनी में कभी हम बहेंगे।

जरा भी उचित और अनुचित नहीं कुछ।
सुनो इस कदर स्वार्थ टकरा रहे हैं,
पतन की नहीं और सीमा रही कुछ।
मगर हम उठेंगे प्रलय मेघ बनकर,
कठिन दुर्ग पाखण्ड के सब ढहेंगे।
बताना हमें सत्य सारे जगत को,
जगाना हमें सुप्त इंसानियत को।
करेगा ज़माना सदा गर्व हम पर,
हमें खोजना एकता के अमृत को।
भले ही किसी राह जाए जमाना,
मगर हम सही राह थामे रहेंगे।

  1. कवि को विश्वास है कि-
    1. वह अंधकार को उजाले में बदलेगा।
    2. वह पुराने को नए में बदलेगा।
    3. वह रात को शाम में बदलेगा।
    4. वह दुःख को सुख में बदलेगा।
  2. जीवन-मूल्यों के कमज़ोर पड़ने का कारण है-
    1. अंधी दौड़।
    2. वैज्ञानिक दौड़।
    3. विदेश की दौड़।
    4. आर्थिक दौड़।
  3. भारत की किस विशेषता पर पूरा विश्व गर्व करेगा?
    1. अहिंसक प्रवृत्ति
    2. वैज्ञानिक प्रगति
    3. ऐतिहासिक ज्ञान
    4. एकता की भावना
  4. 'किसी का अंधानुकरण न करके अपने लिए सही मार्ग का चयन करेंगे'- यह भाव कविता की किन पंक्तियों में आया है?
    1. भले ही अँधेरा घिरे हर दिशा से,
      मगर हम नया भोर लाकर रहेंगे।
    2. घृणा-स्वार्थ के इस कठिन संक्रमण में,
      सुनो हम नया दौर लाकर रहेंगे।
    3. भले ही किसी राह जाए जमाना,
      मगर हम सही राह थामे रहेंगे।
    4. मगर बात इतनी सुनो विश्व वालो,
      इसी रोशनी में कभी हम बहेंगे।
  5. “कठिन दुर्ग पाखण्ड के सब ढहेंगे'- काव्य पंक्ति का आशय है-
    1. समाज से भेदभाव का नाश होगा। 
    2. लोगों में स्वार्थ भावना का अंत होगा।
    3. समाज से आडंबरों का नाश होगा।
    4. अंधविश्वास रूपी किलों का पतन होगा।
[5] अपठित विभाग
Chapter: [5] अपठित विभाग
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए-

सुनता हूँ, मैंने भी देखा,
काले बादल में रहती चाँदी की रेखा।
काले बादल जाति द्वेष के,
काले बादल विश्व क्लेश के,
काले बादल उठते पथ पर
नव स्वंतत्रता के प्रवेश के!
सुनता आया हूँ, है देखा,
काले बादल में हँसती चाँदी की रेखा!
आज दिशा है घोर अँधेरी
नभ में गरज रही रणभेरी,
चमक रही चपला क्षण-क्षण पर
झनक रही झिल्ली झन-झन कर,
नाच-नाच आँगन में गाते केकी-केका
काले बादल में लहरी चाँदी की रेखा!

  1. 'काले बादल' और 'चाँदी की रेखा' किनका प्रतीक हैं? इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए नीचे दिए प्रतीकों को पढ़कर उचित विकल्प का चयनकर लिखिए।
    (a) विपत्तियाँ
    (b) कालिमा
    (c) आशा की किरण
    (d) बिजली
    विकल्प-
    I. (a, b)
    II. (c, d)
    III. (a, c)
    IV. (b, d)
  2.  स्वतंत्रता प्राप्ति के मार्ग में किस प्रकार के बादल छाए हुए हैं? नीचे दिए गए कारकों को पढ़कर इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए उचित विकल्प का चयन कर लिखिए।
    (a) जाति द्वेष के
    (b) घनघोर-घटाओं के
    (c) परस्पर वैमनस्य के
    (d) वैश्विक अशांति के
    विकल्प-
    I. (a, b)
    II. (b, c)
    III. (c, d)
    IV. (a, d)
  3. कैसे वातावरण में आशा की किरण छिप जाती है? नीचे दिए कारकों को पढ़कर इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए उचित विकल्प का चयन कर लिखिए।
    (a) जब तेज वर्षा हो
    (b) जब मन निराशा से भयभीत हो
    (c) जब षड्यंत्र रचे जा रहे हों
    (d) जब बादल न छाए हों
    विकल्प-
    I. (a, b)
    II. (b, c)
    III. (c, d)
    IV. (a, d)

  4. मोर-मोरनी द्वारा आँगन में नृत्य प्रस्तुत करने से क्या अभिप्राय है?
    1. उन दोनों का प्रसन्न होकर नृत्य करना।
    2. निराशा के बादल छँटने लगे, खुशियों ने दस्तक दे दी है।
    3. दोनों नृत्य कर बादलों को बरसने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
    4. मोर सुहावने मौसम का आनंद ले रहे हैं। 
  5. 'चाँदी की रेखा' को 'सोने की रेखा' में कब बदला जा सकता है?

    1. देश-जातियों की एकता होने पर 
    2. काले बादलों के दूर होने पर
    3. बादलों में सूर्य के छिपने पर
    4. मृत्यु से भयभीत न होने पर
[5] अपठित विभाग
Chapter: [5] अपठित विभाग
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए -

जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है वरना तो देश-भक्ति भी आजकल मज़ाक की चीज़ होती जा रही है।

दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया। ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है।पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर-चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है।

  1. जीप के आगे बढ़ने पर भी हालदार साहब का मूर्ति के बारे में सोचते रहने का कारण था -
    1. देशप्रेम की भावना
    2. कस्बे में लगी मूर्ति का सौंदर्य
    3. मूर्ति पर संगमरमर का चश्मा न होना 
    4. मूर्ति का रख-रखाव न होना
  2. हालदार साहब ने नागरिकों के प्रयास को बताया -
    1. उदारवादी
    2. अकल्पनीय
    3. प्रशंसनीय
    4. बचकाना
  3. “दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे” इस वाक्य में 'उधर' शब्द किसके लिए संकेत है?
    1. कस्बे के लिए 
    2. चौराहे के लिए
    3. नगरपालिका के लिए
    4. उत्साही लेखक के लिए
  4. उन्होंने मूर्ति में क्या अंतर देखा?
    1. मूर्ति ने कपड़े पहने हैं 
    2. मूर्ति ने शाल ओढ़ी है
    3. मूर्ति पर चश्मा बदल गया है 
    4. मूर्ति को पेंट कर दिया है
  5. हालदार साहब जीप से कहाँ जाते थे?
    1. कस्बे में लगी मूर्ति देखने
    2. अपनी फैक्टरी का काम देखने
    3. अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने
    4. कम्पनी के काम से कस्बे से आगे
[1.1] स्वयं प्रकाश : नेताजी का चश्मा
Chapter: [1.1] स्वयं प्रकाश : नेताजी का चश्मा
Concept: undefined >> undefined

किस घटना के आधार पर कहा जा सकता है कि बालगोबिन भगत प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे? 

[1.11] रामवृक्ष बेनीपुरी : बालगोबिन भगत
Chapter: [1.11] रामवृक्ष बेनीपुरी : बालगोबिन भगत
Concept: undefined >> undefined

शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी क्यों हैं?

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Chapter: [1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए सही विकल्प का चयन कर लिखिए -

या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता हुआ एक अनहद में
तब संगतकार की स्थायी को सँभाले रहता है
जैसे समेटता हो मुख्य गायक का पीछे छूटा हुआ सामान
जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन
जब वह नौसिखिया था
तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला
प्रेरणा साथ छोड़ती हुई उत्साह अस्त होता हुआ
आवाज से राख जैसा कुछ गिरता हुआ
तभी मुख्य गायक को ढाँढ़स बँधाता
कहीं से चला आता है संगतकार का स्वर

  1.  मुख्य गायक अपने ही सरगम को किस कारण लाँघ जाता है?
    1. गाने की रौ में भटकने के कारण
    2. संगतकार द्वारा साथ देने के कारण
    3. संगतकार द्वारा साथ न देने के कारण 
    4. संगतकार नौसिखिया था
  2. मुख्य गायक कहाँ भटक जाता है?
    1. समुद्र के भँवरजाल में 
    2. बचपन की स्मृतियों में
    3. तबले की ताल में
    4. शोर-गूँज के भँवरजाल में
  3. मुख्य गायक के भटकने पर संगतकार उसकी सहायता कैसे करता है?
    1. उसका सामान उठाकर
    2. उसका हाथ पकड़कर
    3. स्थायी को सँभालकर
    4. बचपन की याद दिलाकर
  4.  “जब वह नौसिखिया था”- इस वाक्य में 'वह' किसके लिए आया है?
    1. संगतकार
    2. मुख्य गायक
    3. संयोजक
    4. बाँसुरी वादक
  5.  'तारसप्तक' में जब बैठने लगता है उसका गला। यहाँ 'तारसप्तक' से क्या अभिप्राय है?
    1. धीमा स्वर 
    2. शुद्ध स्वर
    3. दुगुना धीमा स्वर
    4. दुगुना ऊँचा स्वर
[1.09] मंगलेश डबराल : संगतकार
Chapter: [1.09] मंगलेश डबराल : संगतकार
Concept: undefined >> undefined

गोपियाँ उद्धव को भाग्यवान मानती हैं क्योंकि -

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

परशुराम के क्रोधित होने का कारण था -

[1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: undefined >> undefined

भदंत आनंद कौसल्यायन के अनुसार 'संस्कृति' से क्या अभिप्राय है?

[1.17] भदंत आनंद कौसल्यायन : संस्कृति
Chapter: [1.17] भदंत आनंद कौसल्यायन : संस्कृति
Concept: undefined >> undefined

'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?

[1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Chapter: [1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Concept: undefined >> undefined

भारत रत्न बिस्मिल्ला खाँ पर 'सादा जीवन उच्च विचार' वाली कहावत चरितार्थ होती है, कैसे?

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Chapter: [1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Concept: undefined >> undefined

'आत्मकथ्य' से उद्धृत निम्नलिखित काव्य-पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए -

“उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की।”

[1.04] जयशंकर प्रसाद : आत्मकथ्य
Chapter: [1.04] जयशंकर प्रसाद : आत्मकथ्य
Concept: undefined >> undefined
< prev  81 to 100 of 372  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×