हिंदी

Hindi Medium कक्षा १० - CBSE Important Questions

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषयों
मुख्य विषय
अध्याय

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  141 to 160 of 1150  next > 

निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में सारगर्भित अनुच्छेद लिखिए -

समय होत सबसे बलवान

संकेत बिंदु -

  • समय/काल का महत्त्व
  • सुख-दुःख का आवागमन
  • समय की बारीकी को समझना और उसके अनुसार कार्य करना
  • बुरे समय में भी हार न मानना
Appears in 3 question papers
Chapter: [4] लेखन कौशल
Concept: अनुच्छेद लेखन

आपका नाम सना/सोहम है। आपके छोटे भाई/बहन को लगातार मोबाइल पर खेलते रहने की लत पड़ चुकी है। खाने, पढ़ने की जगह वह बस मोबाइल में लगा रहता/रहती है। इसके नुकसान समझाते हुए लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए।

Appears in 3 question papers
Chapter: [4] लेखन कौशल
Concept: पत्रलेखन

आप अहमदाबाद के रहने वाले मनीष/मनीषा हैं। किसी कार्यवश रेल से मुम्बई जा रहे थे और बीच के एक छोटे स्टेशन पर आपका सामान चोरी हो गया। मुम्बई रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर को पूरी घटना की जानकारी देते हुए उचित शीघ्रातिशीघ्र कार्यवाही करने का अनुरोध करते हुए लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए।

Appears in 3 question papers
Chapter: [4] लेखन कौशल
Concept: पत्रलेखन

जल-प्रदूषण की भयावहता के प्रति सब को सचेत करने वाला एक जनहितकारी विज्ञापन लगभग 60 शब्दों में बनाइए।

Appears in 3 question papers
Chapter: [4] लेखन कौशल
Concept: विज्ञापन लेखन

आप मोहिनी/महेन्द्र हैं। आपके बड़े भाई को विदेश जाकर पढ़ाई करने के लिए छात्रवृत्ति मिली है जिसके अंतर्गत वे अमेरिका उच्च अध्ययन के लिए जाने वाले हैं। उन्हें बधाई एवं शुभकामना प्रेषित करता एक संदेश लगभग 60 शब्दों में लिखिए।

Appears in 3 question papers
Chapter: [4] लेखन कौशल
Concept: संदेश लेखन

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।

वैज्ञानिकों का मानना है कि दुनियाभर में बढ़ते पर्यावरण संकट को कम करने में जैविक खेती एक उपचारक भूमिका निभा सकती है। गौरतलब है कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में प्राकृतिक खेती बड़े पैमाने पर अपनाई जा रही है। धीरे-धीरे दक्षिण, मध्य भारत और उत्तर भारत में भी यह किसानों में लोकप्रिय हो रही है। अब किसानों ने जैविक खेती को एक सशक्त विकल्प के रूप में अपना लिया है। गौरतलब है कि जैविक या प्राकृतिक खेती की तरफ भारतीय किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। धीरे-धीरे जैविक खेती का प्रचलन बढ़ रहा है। जैविक बीज, जैविक खाद, पानी, किसानी के यंत्रों आदि की आसानी से उपलब्धता जैविक खेती की लोकप्रियता को और अधिक बढ़ा सकती है।

प्राकृतिक खेती को लेकर अनुसंधान भी बहुत हो रहे हैं। किसान नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। इससे कृषि वैज्ञानिक भी प्राकृतिक खेती को लेकर अधिक उत्साहित हैं। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि जैविक या प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से पर्यावरण,खाद्यान्न, भूमि, इंसान की सेहत, पानी की शुद्धता को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है। रासायनिक खादों और कीटनाशकों के इस्तेमाल से होने वाली बीमारियों और समस्याओं की जानकारी न होने की वजह से किसान इनका प्रयोग काफी ज़्यादा करने लगे हैं। वहीं दूसरी तरफ सिक्किम में प्राकृतिक खेती से पर्यावरण को जितनी मदद मिली है उससे साफ़ हो गया है कि प्राकृतिक खेती को अपनाकर कई समस्याओं का समाधान हो सकता है।

  1. आज जैविक खेती की माँग क्यों बढ़ती जा रही है?
    1. सस्ती होने के कारण 
    2. अधिक उत्पादन के कारण
    3. स्वच्छ पर्यावरण के कारण 
    4. सरकारी मदद मिलने के कारण
  2. सही कथन का चयन कीजिए-
    1. उत्तर भारत में जैविक खेती के लिए प्रेरणा की ज़रूरत है।
    2. पूर्वोत्तर राज्यों में जैविक खेती के प्रति अधिक उत्साह है।
    3. लोगों में प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी का अभाव है।
    4. प्राकृतिक खेती के लिए विश्वविद्यालय से शिक्षित होना ज़रूरी है।
  3. जैविक खेती को किसानों की पहली पसंद बनाने के लिए क्या करना चाहिए?
    1. रासायनिक खेती निषिद्ध की जानी चाहिए।
    2. बाजार में केवल जैविक उत्पादों बिक्री होनी चाहिए।
    3. युवकों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करना चाहिए।
    4. जैविक बीज, खाद, किसानी के यंत्र आदि सुविधाएँ उपलब्ध करवानी चाहिए।
  4. वर्तमान समय में खेती के लिए; अनुसंधानों में बढ़ोतरी किसके बारे में हुई है?
    1. जैविक खेती 
    2. रासायनिक खाद
    3. नई-नई दवाइयाँ 
    4. नए बीज
  5. किसान कीटनाशकों और रासायनिक खादों का अधिक प्रयोग क्यों करने लगे हैं?
    1. सहज उपलब्धता के कारण
    2. दुष्प्रभावों की जानकारी न होने के कारण
    3. अधिक प्रचार-प्रसार के कारण
    4. सस्ती होने के कारण
Appears in 3 question papers
Chapter: [5] अपठित विभाग
Concept: अपठित गद्यांश

निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए-

भले ही अँधेरा घिरे हर दिशा से,
मगर हम नया भोर लाकर रहेंगे।
घृणा-स्वार्थ के इस कठिन संक्रमण में,
सुनो हम नया दौर लाकर रहेंगे।
प्रगति और विज्ञान का नाम लेकर,
मनुज को मनुज आज ठगने लगे हैं।
नई आर्थिक दौड़ की रोशनी में,
हमें मूल्य सब झूठ लगने लगे हैं।
मगर बात इतनी सुनो विश्व वालो,
इसी रोशनी में कभी हम बहेंगे।

जरा भी उचित और अनुचित नहीं कुछ।
सुनो इस कदर स्वार्थ टकरा रहे हैं,
पतन की नहीं और सीमा रही कुछ।
मगर हम उठेंगे प्रलय मेघ बनकर,
कठिन दुर्ग पाखण्ड के सब ढहेंगे।
बताना हमें सत्य सारे जगत को,
जगाना हमें सुप्त इंसानियत को।
करेगा ज़माना सदा गर्व हम पर,
हमें खोजना एकता के अमृत को।
भले ही किसी राह जाए जमाना,
मगर हम सही राह थामे रहेंगे।

  1. कवि को विश्वास है कि-
    1. वह अंधकार को उजाले में बदलेगा।
    2. वह पुराने को नए में बदलेगा।
    3. वह रात को शाम में बदलेगा।
    4. वह दुःख को सुख में बदलेगा।
  2. जीवन-मूल्यों के कमज़ोर पड़ने का कारण है-
    1. अंधी दौड़।
    2. वैज्ञानिक दौड़।
    3. विदेश की दौड़।
    4. आर्थिक दौड़।
  3. भारत की किस विशेषता पर पूरा विश्व गर्व करेगा?
    1. अहिंसक प्रवृत्ति
    2. वैज्ञानिक प्रगति
    3. ऐतिहासिक ज्ञान
    4. एकता की भावना
  4. 'किसी का अंधानुकरण न करके अपने लिए सही मार्ग का चयन करेंगे'- यह भाव कविता की किन पंक्तियों में आया है?
    1. भले ही अँधेरा घिरे हर दिशा से,
      मगर हम नया भोर लाकर रहेंगे।
    2. घृणा-स्वार्थ के इस कठिन संक्रमण में,
      सुनो हम नया दौर लाकर रहेंगे।
    3. भले ही किसी राह जाए जमाना,
      मगर हम सही राह थामे रहेंगे।
    4. मगर बात इतनी सुनो विश्व वालो,
      इसी रोशनी में कभी हम बहेंगे।
  5. “कठिन दुर्ग पाखण्ड के सब ढहेंगे'- काव्य पंक्ति का आशय है-
    1. समाज से भेदभाव का नाश होगा। 
    2. लोगों में स्वार्थ भावना का अंत होगा।
    3. समाज से आडंबरों का नाश होगा।
    4. अंधविश्वास रूपी किलों का पतन होगा।
Appears in 3 question papers
Chapter: [5] अपठित विभाग
Concept: अपठित पद्यांश

निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए-

सुनता हूँ, मैंने भी देखा,
काले बादल में रहती चाँदी की रेखा।
काले बादल जाति द्वेष के,
काले बादल विश्व क्लेश के,
काले बादल उठते पथ पर
नव स्वंतत्रता के प्रवेश के!
सुनता आया हूँ, है देखा,
काले बादल में हँसती चाँदी की रेखा!
आज दिशा है घोर अँधेरी
नभ में गरज रही रणभेरी,
चमक रही चपला क्षण-क्षण पर
झनक रही झिल्ली झन-झन कर,
नाच-नाच आँगन में गाते केकी-केका
काले बादल में लहरी चाँदी की रेखा!

  1. 'काले बादल' और 'चाँदी की रेखा' किनका प्रतीक हैं? इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए नीचे दिए प्रतीकों को पढ़कर उचित विकल्प का चयनकर लिखिए।
    (a) विपत्तियाँ
    (b) कालिमा
    (c) आशा की किरण
    (d) बिजली
    विकल्प-
    I. (a, b)
    II. (c, d)
    III. (a, c)
    IV. (b, d)
  2.  स्वतंत्रता प्राप्ति के मार्ग में किस प्रकार के बादल छाए हुए हैं? नीचे दिए गए कारकों को पढ़कर इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए उचित विकल्प का चयन कर लिखिए।
    (a) जाति द्वेष के
    (b) घनघोर-घटाओं के
    (c) परस्पर वैमनस्य के
    (d) वैश्विक अशांति के
    विकल्प-
    I. (a, b)
    II. (b, c)
    III. (c, d)
    IV. (a, d)
  3. कैसे वातावरण में आशा की किरण छिप जाती है? नीचे दिए कारकों को पढ़कर इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए उचित विकल्प का चयन कर लिखिए।
    (a) जब तेज वर्षा हो
    (b) जब मन निराशा से भयभीत हो
    (c) जब षड्यंत्र रचे जा रहे हों
    (d) जब बादल न छाए हों
    विकल्प-
    I. (a, b)
    II. (b, c)
    III. (c, d)
    IV. (a, d)

  4. मोर-मोरनी द्वारा आँगन में नृत्य प्रस्तुत करने से क्या अभिप्राय है?
    1. उन दोनों का प्रसन्न होकर नृत्य करना।
    2. निराशा के बादल छँटने लगे, खुशियों ने दस्तक दे दी है।
    3. दोनों नृत्य कर बादलों को बरसने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
    4. मोर सुहावने मौसम का आनंद ले रहे हैं। 
  5. 'चाँदी की रेखा' को 'सोने की रेखा' में कब बदला जा सकता है?

    1. देश-जातियों की एकता होने पर 
    2. काले बादलों के दूर होने पर
    3. बादलों में सूर्य के छिपने पर
    4. मृत्यु से भयभीत न होने पर
Appears in 3 question papers
Chapter: [5] अपठित विभाग
Concept: अपठित पद्यांश

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -

कोलकाता भी दूसरे बड़े शहरों की तरह एक बड़ी नदी के किनारे बसा है। गंगा से निकली एक धारा ही है हुगली नदी। लेकिन दूसरे कई नगरों की तरह कोलकाता में नदी का बहाव एकतरफा नहीं है। हुगली ज्वारी नदी है और बंगाल की खाड़ी से उसका मुहाना 140 किलोमीटर की दूरी पर ही है। हर रोज़ ज्वार के समय समुद्र नदी के पानी को वापस कोलकाता तक ठेलता है। ज्वार और भाटे के बीच जल स्तर एक ही दिन में कई फुट ऊपर-नीचे हो जाता है।

शहर के पश्चिम में बहने वाली हुगली नदी में कोलकाता अपना मैला पानी बहाकर उसे भुला नहीं सकता। नीचे बह जाने की बजाए क्या पता ज्वार के पानी के साथ अपशिष्ट पदार्थ वापस शहर लौट आएँ? शहर के कुल मैले पानी का एक छोटा-सा हिस्सा ही हुगली में बहाया जाता है, वह भी चोरी-छिपे। इसका परिणाम यह है कि कोलकाता में हुगली अधिक दूषित नहीं है। लेकिन हर बड़े शहर को अपना मैला पानी फेंकने के लिए एक नदी चाहिए। तो फिर कोलकाता का मैला कहाँ जाता है?

हुगली से उल्टी दिशा में, शहर के पूरब में बहने वाली एक छोटी-सी नदी कुल्टीगंग में। पर नदी तक पहुँचने के पहले इस मैले पानी के बड़े हिस्से का उपचार होता है। कुल्टीगंग में गिरने वाला मैला पानी उतना दूषित नहीं होता है जितना वह शहर से निकलते समय होता है। यहाँ मैले पानी की सफाई का तरीका भी दूसरे शहरों से निराला है। कोई 30,000 एकड़ में फैले तालाब और खेत कोलकाता के कुल मैले पानी का दो-तिहाई हिस्सा साफ करते हैं। यही नहीं, इससे कई हज़ार लोगों को रोज़गार मिलता है मैले पानी से मछलियाँ, सब्जियाँ और धान उगाकर।

इसका एक कारण है यहाँ का अनूठा भूगोल, जो बना है गंगा के मुहाने पर होने वाले मिट्टी और पानी के प्राकृतिक खेल से। पता नहीं कब से गंगा की बड़ी धार यहाँ से बहकर बंगाल की खाड़ी में विसर्जित होती थी। पर यह संगम केवल गंगा और बंगाल की खाड़ी भर का नहीं रहा है। छोटी-बड़ी कई नदियों की कई धाराएँ हिमालय की मिट्टी गाद या साद के रूप में लाकर यहाँ जमा करती रही हैं। कह सकते हैं कि यहाँ हिमालय और समुद्र मिलते हैं।

  1. कोलकाता में बहने वाली किन-किन नदियों का उल्लेख अनुच्छेद में हुआ है?
    1. गंगा, कुल्टीगंग, यमुना
    2. गंगा, हुगली, उल्टीगंगा
    3. गंगा, यमुना, हुगली
    4. हुगली, गंगा, कुल्टीगंग
  2. गद्यांश आधारित निम्नलिखित कथनों को पढ़कर सही विकल्प का चयन कीजिए -
    कथन 
    (क) हुगली नदी में जल-स्तर ज्वार और भाटे के अनुरूप ऊपर-नीचे होता रहता है।
    (ख) कुल्टीगंग कोलकाता के पूरब में बहती है।
    (ग) कोलकाता की अधिकतर नदियाँ उल्टी दिशा की ओर बहती हैं।
    विकल्प
    1. कथन (क) सही है।
    2. कथन (क) और (ख) सही हैं।
    3. कथन (ख) और (ग) सही हैं।
    4. कथन (ग) और (क) सही हैं।
  3. कुल्टीगंग में गिरने वाला कोलकाता का मैला पानी उतना दूषित क्यों नहीं होता?

    1. क्योंकि वह पहले हुगली नदी में जाता है।
    2. कोलकाता के लोग पानी मैला नहीं करते।
    3. नदी में गिरने से पूर्व खेतों और तालाबों से उपचारित होता है।
    4. क्योंकि कुल्टीगंग स्वयं ही गंदगी को उपचारित कर लेती है।
  4. निम्नलिखित कथन (A) और कारण (R) को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए -
    कथन (A): कोलकाता के बंगाल में बंगाल की खाड़ी में हिमालय और समुद्र मिलते हैं।
    कारण (R): यहाँ गंगा और अन्य नदियाँ मिट्टी गाद या साद इकट्ठा करती हैं।

    1. कथन (A) गलत है पर कारण (R) सही है।
    2. कथन (A) सही है पर कारण (R) गलत है।
    3. कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं।
    4. कथन (A) और कारण (R) दोनों गलत हैं।
  5. कोलकाता हुगली नदी में अपना मैला पानी क्यों नहीं बहा सकता?

    1. शहर में हुगली को पवित्र मानकर उसकी पूजा की जाती है।
    2. हुगली एक छोटी नदी है, मैला पानी बहाने लायक नहीं है।
    3. हुगली में समुद्र पानी वापस भेजता है, अपशिष्ट लौट सकता है।
    4. हुगली पश्चिम में बहती है, अपशिष्ट उस ओर लाना कठिन है।
Appears in 3 question papers
Chapter: [5] अपठित विभाग
Concept: अपठित गद्यांश

निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए -

सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं
न चंद्रमा की ठंडक में
लेकिन हवा और पानी में ज़रूर कुछ ऐसा हुआ है
कि दुनिया में
करूणा की कमी पड़ गई है
इतनी कम पड़ गई है करुणा कि बर्फ़ पिघल नहीं रही
नदियाँ बह नहीं रहीं झरने झर नहीं रहे
चिड़ियाँ गा नहीं रहीं गायें रँभा नहीं रहीं
कहीं पानी का कोई ऐसा पारदर्शी टुकड़ा नहीं
कि आदमी उसमें अपना चेहरा देख सके
और उसमें तैरते बादल के टुकड़े से धो-पोंछ सके

दरअसल पानी से होकर देखो
तभी दुनिया पानीदार रहती है
उसमें पानी के गुण समा जाते हैं
वरना कोरी आँखों से कौन कितना देख पाता है
पता नहीं
आने वाले लोगों को दुनिया कैसी चाहिए
कैसी हवा कैसा पानी चाहिए
पर इतना तो तय है
कि इस समय दुनिया को
ढेर सारी करुणा चाहिए। 

  1. 'दुनिया में करुणा की कमी पड़ गई है' - पंक्ति का आशय है -

    1. वातावरण में शीतलता नहीं है।
    2. जल की निर्मलता समाप्त हो गई है।
    3. लोगों में संवेदना समाप्त हो गई है।
    4. लोगों में क्रूरता बढ़ गई है।
  2. 'करुणा कि बर्फ पिघल नहीं रही' - पंक्ति में 'बर्फ़ पिघल नहीं रही' का क्या अभिप्राय है?
    1. लोग स्वार्थ में आत्मकेन्द्रित हो गए हैं।
    2. लोग दूसरों के दुःखों से द्रवीभूत नहीं हो रहे हैं।
    3. लोगों के हदय की पवित्रता समाप्त हो गई है।
    4. लोग एक-दूसरे से सहमत नहीं हो रहे हैं।
  3. 'दूसरों के दुःख-दर्द के प्रति सहानुभूति दिखाने वाले लोग नहीं हैं' - इस भाव को व्यक्त करने वाली पंक्ति है -
    1. कहीं पानी का कोई ऐसा पारदर्शी टुकड़ा नहीं।
    2. सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं।
    3. लेकिन हवा और पानी में ज़रूर कुछ ऐसा हुआ है।
    4. वरना कोरी आँखों से कौन कितना देख पाता है।
  4. 'सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं, न चंद्रमा की ठंडक में' - पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहते हैं -
    1. सूर्य की ऊर्जा में गर्मी की कमी नहीं है।
    2. चंद्रमा की चाँदनी में कोई कमी नहीं है।
    3. सूर्य और चंद्रमा के दैनिक क्रिया-कलापों में कोई परिवर्तन नहीं है?
    4. प्राकृतिक उपादानों में सहज करुणा की भावना है।
  5. इस समय समस्त विश्व को आवश्यकता है -
    1. स्वच्छ हवा 
    2. स्वच्छ पानी
    3. परोपकार
    4. करुणा
Appears in 3 question papers
Chapter: [5] अपठित विभाग
Concept: अपठित पद्यांश

निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए -

दरवाज़े से बाहर जाने से पहले
अपने जूतों के तस्मे बाँधने के लिए मैं झुकता हूँ
रोटी का कौर तोड़ने और खाने के लिए
झुकता हूँ अपनी थाली पर
जेब से अचानक गिर गई कलम या सिक्के को उठाने को
झुकता हूँ
झुकता हूँ लेकिन उस तरह नहीं
जैसे एक चापलूस की आत्मा झुकती है
किसी शक्तिशाली के सामने
जैसे लज्जित या अपमानित होकर झुकती हैं आँखें

झुकता हूँ
जैसे शब्दों को पढ़ने के लिए आँखें झुकती हैं
ताकत और अधीनता की भाषा से बाहर भी होते हैं
शब्दों और क्रियाओं के कई अर्थ
झुकता हूँ
जैसे घुटना हमेशा पेट की तरफ़ ही मुड़ता है
यह कथन सिर्फ़ शरीर के नैसर्गिक गुणों
या अवगुणों को ही व्यक्त नहीं करता
कहावतें अर्थ से ज़्यादा अभिप्राय में निवास करती हैं।

  1. किस तरह झुकना जीवन के सामान्य कार्य व्यवहार का हिस्सा नहीं है?
    1. जूते के फीते बाँधने के लिए झुकना। 
    2. खाने का कौर उठाने के लिए झुकना।
    3. ताकतवर के सामने सिर का झुकाना। 
    4. किसी गिरी वस्तु को उठाने के लिए झुकना।
  2. 'चापलूस की आत्मा' के झुकने से आप क्या समझते हैं? 
    1. किसी अधिकार सम्पन्न की खुशामद करने वाला व्यक्ति और उसकी आदतें। 
    2. अपने लाभ के लिए खुशामद करने वाले द्वारा आत्म-सम्मान को छोड़ दिया जाना।
    3. एक सत्ता सम्पन्न व्यक्ति द्वारा मज़बूर व्यक्तियों का लाभ उठाना।
    4. खुशामद पसंद व्यक्ति और उसके अनुयायियों का समूचा कार्य व्यवहार।
  3. शब्दों को पढ़ने के लिए आँखों के झुकने में किस प्रकार का भाव है?
    1. विनम्रता
    2. लज्जा
    3. अपमान
    4. आत्मालोचन
  4. "ताकत और अधीनता की भाषा से बाहर भी होते हैं शब्दों और क्रियाओं के कई अर्थ" पद्यांश के इस कथन का क्या आशय है? निम्नलिखित कथनों को पढ़कर उचित विकल्प का चयन कीजिए -
    (क) शब्दों और क्रियाओं के अर्थ समाज की सत्ता-संरचना द्वारा ही तय होते हैं।
    (ख) शब्दों और क्रियाओं को बरतना मनुष्य की चेतना के अधीन है।(ग) हम चाहें तो कोई भी हमें वैसा करने को बाध्य नहीं कर सकता जिससे लज्जित एवं अपमानित होना पड़े।
    1. सिर्फ (क) 
    2. सिर्फ (ख)
    3. (क) और (ग)
    4. (ख) और (ग) 
  5. इस कविता में प्रयुक्त 'अर्थ' एवं 'अभिप्राय' का तात्पर्य क्या है?
    1. अर्थ - मतलब; अभिप्राय - नीयत
    2. अर्थ - नीयत; अभिप्राय - मतलब
    3. अर्थ - आशय; अभिप्राय - लक्ष्य
    4. अर्थ - तात्पर्य; अभिप्राय - मंसूबा
Appears in 3 question papers
Chapter: [5] अपठित विभाग
Concept: अपठित पद्यांश

‘हरिहर काका’ कहानी में आपने पढ़ा कि हरिहर काका, महंत और उसके साथियों ने अपहरण कर लिया। कल्पना कीजिए कि आप एक पत्रकार हैं। आपको हरिकर काका के, महंत की गिरफ़्त में होने का पता लगता है तो आप किन बातों का खुलासा करेंगे और दूसरे लोगों पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

Appears in 3 question papers
Chapter: [1] हरिहर काका
Concept: हरिहर काका

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'हरिहर काका कहानी पारिवारिक जीवन में घर कर चुकी स्वार्थपरता और हिंसा-प्रवृत्ति को बेनकाब करती है।' तर्कसंगत उत्तर दीजिए।

Appears in 3 question papers
Chapter: [1] हरिहर काका
Concept: हरिहर काका

निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्‍प चुनकर लिखिए:

सुखिया सब संसार है, खायै अरू सोवै।
दुखिया दास कबीर है, जागै अरू रोवै।।
बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ।
राम बियोगी ना जिवै, जिवै तो बोरा होइ।।
  1. कबीरदास जी क्यों दुःखी हैं?
    (a) ईश्वर से बिछुड़ने के कारण।
    (b) ईश्वर को प्राप्त न कर सकने के कारण।
    (c) विषय-वासनाओं में लिप्त मनुष्यों को देखकर।
    (d) ईश्वर भजन में लिप्त मनुष्यों को देखकर।
  2. 'सोना' और 'जागना' क्रमशः किसके प्रतीकार्थ हैं?
    (a) निद्रा और अनिद्रा के
    (b) अंधकार और प्रकाश के
    (c) अज्ञान और ज्ञान के
    (d) दुःख और सुख के 
  3. किस व्यक्ति पर 'मंत्र' का कोई प्रभाव नहीं दिखाई देता?
    (a) जिसका मन सांसारिक विषय-वासनाओं में लिप्त हो।
    (b) जिसका मन अहंकार की भावना से भरा हो।
    (c) जिसके मन में विरह रूपी सर्प ने घर बसा लिया हो।
    (d) जिसके मन में मिलन रूपी सर्प ने घर बसा लिया हो।
  4. कबीरदास जी के अनुसार 'बौरा' कौन है?
    (a) जिसे प्रभु का साक्षात्कार हो गया है।
    (b) जो प्रभु से विलग रहना चाहता है।
    (c) जो प्रभु की दिन-रात सेवा कर रहा है।
    (d) जो प्रभु के वियोग में जीवन व्यतीत कर रहा है।
  5. 'मंत्र न लगना' का अर्थ हैः
    (a) पीड़ित व्यक्ति का स्वस्थ न होना
    (b) विष का प्रभाव कम न होना
    (c) मंत्र सिद्ध न होना
    (d) कोई उपाय काम न आना
Appears in 3 question papers
Chapter: [1.1] साखी
Concept: साखी

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवि ने कैसी मृत्यु को सुमृत्यु कहा है?

Appears in 3 question papers
Chapter: [1.4] मनुष्यता
Concept: मनुष्यता

पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

“घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्‍नता कभी” - 'मनुष्यता' कविता से ली गई इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने जीवन रूपी मार्ग पर आगे बढ़ते समय क्‍या याद रखने को कहा है और क्यों?

Appears in 3 question papers
Chapter: [1.4] मनुष्यता
Concept: मनुष्यता

‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता में पर्वतों को ‘मेखलाकार पर्वत अपार’ कहने का कवि का क्या अभिप्राय है? स्पष्ट कीजिए।

Appears in 3 question papers
Chapter: [1.5] पर्वत प्रदेश में पावस
Concept: पर्वत प्रदेश में पावस

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर बताइए कि पर्वतों की ऊँचाई से गिरने वाले झरने किसके यश का गुणगान कर रहे हैं?

Appears in 3 question papers
Chapter: [1.5] पर्वत प्रदेश में पावस
Concept: पर्वत प्रदेश में पावस

निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए -

  • कथन (A) - तोप अत्याचारी सत्ता का प्रतीक है।
  • कारण (R) - तोप जैसी वस्तुओं को सजाकर रखना चाहिए।
Appears in 3 question papers
Chapter: [1.7] तोप
Concept: तोप

‘कर चले हम फिदा’ कविता के आधार पर बताइए कि सीमा पर शहीद होने वाले सैनिकों को मरते दम तक किस बात पर गर्व है और क्यों?

Appears in 3 question papers
Chapter: [1.8] कर चले हम फ़िदा
Concept: कर चले हम फ़िदा
< prev  141 to 160 of 1150  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×