हिंदी
Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 10th Standard

Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त] Official Board Paper 2024-2025 SSC (English Medium) 10th Standard Question Paper Solution

Advertisements
Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त] [Official Board Paper]
Marks: 40 Maharashtra State Board
SSC (English Medium)
SSC (Marathi Medium)
SSC (Marathi Semi-English)

Academic Year: 2024-2025
Date & Time: 28th June 2025, 11:00 am
Duration: 2h
Advertisements

सूचना:

  1. सूचनाओं के अनुसार गद्य, पद्य पूरक पठन तथा भाषा अध्ययन (व्याकरण) की आकलन कृतियों में आवश्यकता के अनुसार आकृतियों में ही उत्तर लिखना अपेक्षित है।
  2. सभी आकृतियों के लिए पेन का ही प्रयोग करें।
  3. रचना विभाग में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए आकृतियों की आवश्यकता नहीं है।
  4. शुद्ध, स्पष्ट एवं सुवाच्य लेखन अपेक्षित है।

विभाग 1 - गद्य : 12 अंक
[6]1. (अ)

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

राजेंद्र बाबू के निकट संपर्क में आने का अवसर मुझे सन 1937 में मिला जब वे काँग्रेस के अध्यक्ष के रूप में महिला विद्यापीठ महाविद्यालय के भवन का शिलान्यास करने प्रयाग आए। उनसे ज्ञात हुआ कि उनके संयुक्त परिवार में पंद्रह-सोलह पौत्रियाँ हैं जिनकी पढ़ाई की व्यवस्था नहीं हो पाई है। मैं यदि अपने छात्रावास में रखकर उन्हें विद्यापीठ की परीक्षाओं में बैठा सकूँ तो उन्हें कुछ विद्या प्राप्त हो सकेगी।

पहले बड़ी फिर छोटी, फिर उनसे छोटी के क्रम से बालिकाएँ मेरे संरक्षण में आ गईं। उन्हें देखने प्राय: उनकी दादी और कभी-कभी दादा भी प्रयाग आते रहे। तभी राजेंद्र बाबू की सहधर्मिणी के निकट संपर्क में आने का अवसर मिला। वे सच्चे अर्थ में धरती की पुत्री थीं। वे साध्वी, सरल, क्षमामयी, सबके प्रति ममतालु और असंख्य संबंधों की सूत्रधारिणी थीं। ससुराल में उन्होंने बालिकावधू के रूप में पदार्पण किया था।

(1) संजाल पूर्ण कीजिए: 2

(2) गद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए: 

(i) विलोम शब्द को जोड़ी: 1

....... × .......

(ii) विरुद्ध लिंग की शब्द जोड़ी: 1

पुल्लिंग - .......

स्त्रीलिंग - .......

(3) ‘संयुक्त परिवार’ के बारे में 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। 2

Concept: undefined - undefined
Chapter:
[6]1. (आ)

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

नित्य कर्म से निवृत्त होकर और चाय पीकर आँगन और गैलरी में टहलने लगता हूँ आज भी यही क्रम शुरू हुआ। सामने के बड़े गमले में गुंबद का आकार ग्रहण किए दवनों ने अपनी महक और हरीतिमा से मेरा मन अपनी और खींच लिया। मैंने उन्हें अपनी बाँहों में भर लिया। हथेलियाँ महक से गमगमा गईं। साँसों में महक गुनगुनाने लगी। शीतला माई के स्वागत में गाया जो गीत मैं बचपन में सुनता रहता था, वह मेरी यादों में जाग उठा, ‘हमरे दुवरवाँ मइया दवना तरुववा हो’..... एकाएक देखा कि पास के गमले में काली तुलसी जी मुसकरा रही हैं। ‘प्रणाम माते कहकर मैं उनके पास चला गया। कुछ देर उन्हें निहारता रहा और महसूस करता रहा कि मेरी रगों में उनका रस दौड़ रहा है। मेरी ही रगों में क्यों, पूरे परिवार की रगों में। ‘ले लो’ आवाज आई और मैंने आज की दवा के लिए कुछ पत्तियाँ उनसे माँग लीं। आँगन में स्थित पार्क की दुनिया बड़ी छोटी है। उसी में एक के बाद एक परस्पर पेड़-पौधे आलिंगित-से खड़े हैं। तुलसी से बतिया ही रहा था कि मीठी नीम ने हलके-से आवाज दी।

(1) एक/दो शब्दों में उत्तर लिखिए: 2

  1. गैलरी में टहलने वाला - .......
  2. लेखक का, मन अपनी ओर आकर्षित करने वाला - .......
  3. दवने के पास गमले में मुसकराने वाली - .......
  4. हलके-से आवाज देने वाली - .......

(2) निम्नलिखित शब्दों के वचन पहचानकर लिखिए: 1

(i)

शब्द वचन
(1) पत्तियाँ ........
(2) गमला ........

(ii) निम्नलिखित शब्दों के समानार्थीं शब्द गद्यांश से दूँढ़कर लिखिए: 1 

  1. स्वर - .......
  2. मधुर - .......

(3) ‘प्रकृति संवर्धन में हमारा योगदान’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। 2

Concept: undefined - undefined
Chapter:
विभाग 2 - पद्य : 8 अंक
[4]2. (अ)

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

सिष को ऐसा चाहिए, गुरु को सब कुछ देय।
गुरु को ऐसा चाहिए, सिष से कुछ नहिं लेय।।

कबिरा संगत साधु की, ज्यों गंधी की बास।
जो कुछ गंधी दे नहीं, तौ भी बास सुबास।।

दुर्बल को न सताइए, जाकी मोटी हाय।
बिना जीव की स्वाँस से, लोह भसम हवै जाय।।

गुरु कुम्हार सिष कुंभ है, गढ़-गढ़ काढ़ै खोट।
अंतर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट।।

  1. निम्नलिखित विधानों को पढ़कर सत्य अथवा असत्य लिखिए: 2
    1. गुरुदक्षिणा के रूप में सर्वस्व लेने की मनोवृत्ति गुरु में होनी चाहिए।
    2. सज्जन व्यक्ति की संगति इत्र बेचने वाले की सुगंध की तरह होती है।
    3. कमजोर को सताना नहीं चाहिए।
    4. गुरु घड़े के समान होता है और शिष्य कुम्हार के समान होता है।
  2. उपयुक्त दोहों में से किसी एक दोहे की 25 से 30 शब्दों मैं सरल अर्थ लिखिए। 2
Concept: undefined - undefined
Chapter:
[4]2. (आ)

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

पहले इक आसमान पैदा कर,
फिर परों में उड़ान पैदा कर।

अपनी आँखों से जिंदगी को पढ़,
अपने अनुभव से ज्ञान पैदा कर। 

सब्र के पेड़ पर लगेंगे फल, 
सोच में इतमीनान पैदा कर।

ऐ खुदा! जिसमें जी सके इन्सॉँ,
कोई ऐसा जहान पैदां कर।

तूने बख्शी है जिंदगी, तू ही,
जिंदगी में जान पैदा कर।

(1) उचित जोड़ियाँ मिलाइए: 2

‘अ’ ‘आ’
(i) पर आसमान
(ii) अनुभव जान
(iii) सब्र उड़ान
(iv) जिंदगी फल
  ज्ञान

(2) उपर्युक्त पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का 25 से 30 शब्दों में सरल अर्थ लिखिए। 2

Concept: undefined - undefined
Chapter:
विभाग 3 - भाषा अध्ययन (व्याकरण) : 8 अंक
[8]3. | सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
[0.5]3. (1) (i)

वर्तनी के अनुसार शुद्ध शब्‍द छाँटकर लिखिए:

विश्वास/विशवास/विसवास

Concept: undefined - undefined
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
[0.5]3. (1) (ii)

वर्तनी के अनुसार शुद्ध शब्‍द छाँटकर लिखिए:

कुरीति/कूरिति/कुरिती

Concept: undefined - undefined
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
[0.5]3. (2) (i)

निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:

ओह!

Concept: undefined - undefined
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
[0.5]3. (2) (ii)

निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:

परंतु

Concept: undefined - undefined
Chapter:
Advertisements
[1]3. (3) (i)

कृति पूर्ण कीजिए:

शब्द    संधि-विच्छेद संधि भेद
....... सदा + एव .......
Concept: undefined - undefined
Chapter:
अथवा
[1]3. (3) (ii)

निम्‍नलिखित शब्‍द का संधि विच्छेद कीजिए और भेद लिखिए:

संधि शब्‍द संधि विच्छेद संधि भेद
सज्‍जन ....... .......
Concept: undefined - undefined
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
[1]3. (4) (i)

अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए:

(मन मारना, आँखें खुली रह जाना)

कई बार हमें इच्छाओं को दबाकर जीना पड़ता है।

Concept: undefined - undefined
Chapter:
अथवा
[1]3. (4) (ii)

निम्‍नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर सार्थक वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।

यादों में जाग उठना 

Concept: undefined - undefined
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
[1]3. (5) (i)

निम्नलिखित वाक्य का कालभेद पहचानकर लिखिए:

बहुरूपियों के बारे में हम सब जानते हैं।

Concept: undefined - undefined
Chapter:
[1]3. (5) (ii) (1) | निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:

निम्नलिखित वाक्य में सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:

तीर की तरह शब्द उछलता है। (सामान्य भूतकाल)

Concept: undefined - undefined
Chapter:
[1]3. (5) (ii) (2)

निम्नलिखित वाक्य में सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:

बासी पूरी-कंचौड़ी ताजा के नाम पर बेचते थे। (सामान्य भविष्यकाल)

Concept: undefined - undefined
Chapter:
[2]3. (6) | वाक्य भेद तथा परिवर्तन:
[1]3. (6) (i)

निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:

मुकदमे की कार्यवाही शुरू करें।

Concept: undefined - undefined
Chapter:
Advertisements
[1]3. (6) (ii) | निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए:
[1]3. (6) (ii) (1)

निम्नलिखित वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए:

कई दिनों से मैं तुम्हारे चौके में नहीं गई। (विस्मयार्थक वाक्य)

Concept: undefined - undefined
Chapter:
[1]3. (6) (ii) (2)

निम्नलिखित वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए:

इस बात के लिए ये गाँव वाले ही जिम्मेदार हैं। (नकारार्थी वाक्य)

Concept: undefined - undefined
Chapter:
विभाग 4 - रचना विभाग (उपयोजित लेखन) : 12 अंक
सूचना - आवश्यकतानुसार परिच्छेद में लेखन अपेक्षित है।
[12]4. (अ) | सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
[4]4. (अ) (1) (i)

निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:

अमित/अमिता पाटील, सेक्टर 7, सिडको, वाशी, नवी मुंबई से अपने दादाजी श्री अशोक पाटील, ‘पसायदान’, ज्ञानेश्वर कॉलनी, आळंदी, पुणे को जन्मदिन की बधाई देने हेतु पत्र लिखता/लिखती है।

Concept: undefined - undefined
Chapter:
अथवा
[4]4. (अ) (1) (ii)

निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:

निला/निल यादव, 2, गुरुवार पेठ, सातारा से स्वास्थ्य अधिकारी, नगर परिषद, सातारा को अपने वार्ड में फैली हुई गंदगी की शिकायत करते हुए पत्र लिखती/लिखता है।

Concept: undefined - undefined
Chapter:
[4]4. (अ) (2) (i) | गद्य आकलन-प्रश्न निर्मिति:

निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर चार ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों:

सन्‌ 1896 ई. में महाराष्ट्र में फिर से अकाल पड़ा। सावित्रीबाई ने सरकार से अकाललिपीड़ितों, के लिए कई काम शुरू करने को कहा। इस अकाल के आघात से थोड़ी राहत मिली थी कि सन्‌ 1897 ई. में पुणे नगर में प्लेग का प्रकोप हुआ। यह संक्रामक रोग धीरे-धीरे आस-पास के गाँवों, में भी फैला। लोग बड़ी संख्या में मरने लगे। उस, समय डॉ. यशवंत ने कई रोगियों के प्राण बचाए। सावित्रीबाई घर-घर जातीं और रोगियों को ढूँढ़कर डॉ. यशवंत के पास ले आती थीं। इसी दौरान सावित्रीबाई स्वयं उस रोग का शिकार बनीं। सावित्रीबाई श्रेष्ठ अध्यापिका, उत्कृष्ट वक्ता और कुशल प्रशासिका थीं। वे लेखिका और कवयित्री भी थीं। उनका ‘काव्य फुले’, काव्यसंग्रह सन्‌ 1854 ई. में प्रकाशित हुआ।
Concept: undefined - undefined
Chapter:
अथवा
[4]4. (अ) (2) (ii) | विज्ञापन:

निम्नलिखित जानकारी के आधार पर 50 से 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए:

Concept: undefined - undefined
Chapter:
[4]4. (आ) | निबंध लेखन:
निम्नलिखित किसी एक विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:
[4]4. (आ) (1)

निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।

मेरा भारत महान

Concept: undefined - undefined
Chapter:
[4]4. (आ) (2)

निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:

यदि मैं पक्षी होता...

Concept: undefined - undefined
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)

Other Solutions






















Submit Question Paper

Help us maintain new question papers on Shaalaa.com, so we can continue to help students




only jpg, png and pdf files

Maharashtra State Board previous year question papers 10th Standard Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त] with solutions 2024 - 2025

     Maharashtra State Board 10th Standard question paper solution is key to score more marks in final exams. Students who have used our past year paper solution have significantly improved in speed and boosted their confidence to solve any question in the examination. Our Maharashtra State Board 10th Standard question paper 2025 serve as a catalyst to prepare for your Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त] board examination.
     Previous year Question paper for Maharashtra State Board 10th Standard -2025 is solved by experts. Solved question papers gives you the chance to check yourself after your mock test.
     By referring the question paper Solutions for Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त], you can scale your preparation level and work on your weak areas. It will also help the candidates in developing the time-management skills. Practice makes perfect, and there is no better way to practice than to attempt previous year question paper solutions of Maharashtra State Board 10th Standard.

How Maharashtra State Board 10th Standard Question Paper solutions Help Students ?
• Question paper solutions for Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त] will helps students to prepare for exam.
• Question paper with answer will boost students confidence in exam time and also give you an idea About the important questions and topics to be prepared for the board exam.
• For finding solution of question papers no need to refer so multiple sources like textbook or guides.
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×