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यंग की एक द्विझिरी प्रयोग व्यवस्था में झिरियों के बीच दूरी 0.6 mm है। 440 nm एवं 660 nm तरंगदैर्ध्य युक्त एक प्रकाशपुंज का उपयोग करके झिरियों से 1.5 m दूर रखे - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

यंग की एक द्विझिरी प्रयोग व्यवस्था में झिरियों के बीच दूरी 0.6 mm है। 440 nm एवं 660 nm तरंगदैर्ध्य युक्त एक प्रकाशपुंज का उपयोग करके झिरियों से 1.5 m दूर रखे किसी पर्दे पर व्यतिकरण पैटर्न प्राप्त किया जाता है। केंद्रीय उच्चिष्ठ से उस बिन्दु तक की न्यूनतम दूरी ज्ञात कीजिए जिस पर दोनों तरंगदैर्ध्यों के संगत दीप्त फ्रिंजें संपाती हो जाती हैं।

संख्यात्मक
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उत्तर

दिया है, λ1 = 440 nm

λ2 = 660 nm

d = 0.6 mm = 6 × 10−4 m

D = 1.5 m

दीप्त फ्रिंजों के संपाती होने के लिए:

n1λ1 = n2λ2

n1(440) = n2(660)

`n_1/n_2 = 660/440`

`n_1/n_2 = 3/2`

n1 = 3, n2 = 2

व्यतिकरण उच्चिष्ठ के लिए:

y = `(n lambda D)/d`

= `(n_1 lambda_1 D)/d`

= `(3 xx 440 xx 10^-9 xx 1.5)/(6 xx 10^-4)`

= `(1980 xx 10^-9)/(0.6 xx 10^-3)`

= 3.3 × 10−3 m

= 3.3 mm

अतः केंद्रीय उच्चिष्ठ से वह न्यूनतम दूरी, जहाँ दोनों तरंगदैर्ध्यों के कारण बनने वाली दीप्त फ्रिंजें संपाती होती हैं, 3.3 mm है।

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2025-2026 (March) 55/1/1

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