हिंदी

प्रकाश का एक किरण पुंज जिसमें दो तरंगदैर्ध्यों 400 nm एवं 600 nm का प्रकाश विद्यमान है, 1 mm चौड़ाई की किसी एकल झिरी को प्रदीप्त करने के लिए उपयोग में लाया जाता है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

प्रकाश का एक किरण पुंज जिसमें दो तरंगदैर्ध्यों 400 nm एवं 600 nm का प्रकाश विद्यमान है, 1 mm चौड़ाई की किसी एकल झिरी को प्रदीप्त करने के लिए उपयोग में लाया जाता है। झिरी से 1.5 m दूर रखे पर्दे पर केन्द्रीय उच्चिष्ठ से उस बिन्दु की न्यूनतम दूरी का परिकलन कीजिए जिस पर दोनों तरंगदैर्ध्यों के संगत अदीप्त फ्रिंजें संपाती हो जाती हैं।

संख्यात्मक
Advertisements

उत्तर

दिया है, λ1 = 400 nm

λ2 = 600 nm

a = 1 mm = 10−3 m

D = 1.5 m

अदीप्त फ्रिंजों के संपाती होने के लिए:

m1λ1 = m2λ2

m1(400) = m2(600)

`m_1/m_2 = 600/400`

`m_1/m_2 = 3/2`

m1 = 3, m2 = 2

अल्प कोणों के लिए:

y = `(m lambda D)/a`

= `(m_1 lambda_1 D)/a`

= `(3 xx 400 xx 10^-9 xx 1.5)/10^-3`

= `(1800 xx 10^-9)/10^-3`

= 1.8 × 10−3 m

= 1.8 mm

अतः केंद्रीय उच्चिष्ठ से वह न्यूनतम दूरी, जहाँ दोनों तरंगदैर्ध्यों की अदीप्त फ्रिंजें संपाती होती हैं, 1.8 mm है।

shaalaa.com
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2025-2026 (March) 55/1/1

APPEARS IN

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×