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प्रश्न
विषम बीजाणुकता की सार्थकता पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
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उत्तर
- विषम बीजाणुकता बीज निर्माण प्रक्रिया की शुरूआत मानी जाती है जिसके फलस्वरूप बीज का विकास हुआ। विषम बीजाणुकता ने नर एवं मादा युग्मकोभिद् के विभेदने में सहायता की तथा मादा युग्मकोभिद् जो मेगास्पोरेन्जियम के अन्दर विकसित होता है कि उत्तरजीविता बढ़ाने में सहायता की।
- मेगास्पोरैंगियम के भीतर मेगास्पोर का यह प्रतिधारण और अंकुरण युग्मनज के समुचित विकास को सुनिश्चित करता है। युग्मनज भविष्य के स्पोरोफाइट में विकसित होता है। बीज आदत का विकास मेगास्पोर की अवधारण से संबंधित है।
- इस प्रकार हेटरोस्पोरी को विकास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है क्योंकि यह बीज आदत का अग्रदूत है।
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