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'विदाई-संभाषण' में आए अलिफ़ लैला, अलहदीन, अबुल हसन और बगदाद के खलीफ़ा के बारे में सूचना एकत्रित कर कक्षा में चर्चा कीजिए।

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प्रश्न

'विदाई-संभाषण' में आए अलिफ़ लैला, अलहदीन, अबुल हसन और बगदाद के खलीफ़ा के बारे में सूचना एकत्रित कर कक्षा में चर्चा कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

अलिफ़लैला- यह एक प्रसिद्ध कहानी है । यह कथाओं का एक संग्रह है। यह अरबी साहित्य की रचना है। इसमें हज़ार कहानियों का संग्रह है । वैसे अलिफ शब्द 'अल्फ' शब्द से बना है । इसका अर्थ 'एक हज़ार' है तथा लैला का 'रात' अर्थ है।

अलहदीन- यह भी एक प्रसिद्ध कहानी है। यह आज 'अलादीन और चिराग' के नाम से जानी जाती है। यह 'द अरेबियन नाइट' से ली गई कहानी है। इसका पात्र अलहदीन है और उसे एक जादूगर अपने साथ चिराग हासिल करने के लिए ले जाता है। वह उसे गुफा में एक अंगूठी देकर भेजता है ।वहाँ पर अलादीन चिराग हासिल कर लेता है मगर पहले जादूगर को बाहर निकालने के लिए कहता है। जादूगर क्रोध में आकार उसे वहीं छोड़ देता है। अंगूठी की सहायता से वह बाहर निकल आता है और घर जाकर चिराग को घिसने पर उसमें छिपे जिन्न का पता चलता है। उस जिन्‍न की सहायता सेवह राजा के समान हो जाता है और राजकुमारी से निकाह कर लेता है। जादूगर को जब पता चलता है, तो वह उससे धोखे से चिराग ले लेता है। चिराग की सहायता से वह अलादीन का सबकुछ लेकर किसी ओर स्थान पर चला जाता है। अलादीन जादूगर की दी अँगूठी से पुनः जादूगर के महल में पहुँच जाता है और उसे मारकर अपना सबकुछ वापिस पा लेता है।

अबुल हसन- कुतुबशाही वंश जो कि गोलकुंडा के शासक थे। यह आंध्र प्रदेश में स्थित है। अबुल हसन इसी कुतुबशाही वंश का आखिरी सुल्तान था । बगदाद के खलीफा- यह बगदाद के शासक की पदवी का नाम है।

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विदाई-संभाषण
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अध्याय 1.04: विदाई-संभाषण - अभ्यास [पृष्ठ ५२]

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एनसीईआरटी Hindi Aaroh bhag 1 Class 11
अध्याय 1.04 विदाई-संभाषण
अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ ५२

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