Advertisements
Advertisements
प्रश्न
वार्तालाप’ शब्द वार्ता + आलाप के योग्य से बना है। यहाँ वार्ता के अंत का ‘आ’ और ‘आलाप’ के आरंभ का ‘आ’ मिलने से जो परिवर्तन हुआ है, उसे संधि कहते हैं। नीचे लिखे कुछ शब्दों में किन शब्दों की संधि है -
- शिष्टाचार
- श्रद्धांजलि
- दिनांक
- उत्तरांचल
- सूर्यास्त
- अल्पाहार
Advertisements
उत्तर
- शिष्टाचार = शिष्ट + आचार
- श्रद्धांजलि = श्रद्धा + अंजलि
- दिनांक = दिन + अंक
- उत्तरांचल = उत्तर् + अंचल
- सूर्यास्त = सूर्य + अस्त
- अल्पाहार = अल्प + आहार
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
रामकथा में कई नदियाँ और स्थानों के नाम आए हैं। इनकी सूची बनाओ और एटलस में देखो कि कौन-कौन सी नदियाँ और जगहें अभी भी मौजूद हैं। यह काम तुम चार-चार समूह में कर सकते हो।
‘बाल रामकथा’ किसके द्वारा लिखी गई है?
बहुविकल्पी प्रश्न
बच्चों के मन में क्या जिज्ञासा थी?
अपना दुख भी एक है साथी, अपना सुख भी एक’ ‘कक्षा, मोहल्ले और गाँव/शहर के किस-किस तरह के साथियों के बीच तुम्हें इस वाक्य की सच्चाई महसूस होती है। और कैसे?
बहुविकल्पीय प्रश्न
हमारी मंज़िल क्या है?
माँ मोहन के 'ऐसे-ऐसे' कहने पर क्यों घबरा रही थी?
इस पाठ के अनुसार मंगल ग्रह पर जन-जीवन था। वह सब नष्ट कैसे हो गया? इसे लिखिए?
संकट के समय के लिए कौन-कौन से नंबर याद रखे जाने चाहिए? ऐसे वक्त में पुलिस, फायर ब्रिगेड और डॉक्टर से तुम कैसे बात करोगे? कक्षा में करके बताओ।
बहुविकल्पीय प्रश्न
वैद्य जी को बुलाकर कौन लाया?
कहानी से व्यक्तियों या वस्तुओं के लिए प्रयुक्त हुए 'नहीं' अर्थ देने वाले शब्दों (नकारात्मक विशेषण) को छाँटकर लिखो। उनका उल्टा अर्थ देने वाले शब्द भी लिखो।
डॉक्टर मोहने को क्या बीमारी बताते हैं और ठीक होने का क्या आश्वासन देते हैं?
बहुविकल्पी प्रश्न
लेखक ने प्रकृति के अक्षर किसे कहा है?
गांधी जी आश्रम में किस प्रकार के काम करते थे? उदाहरण सहित लिखिए।
आश्रम में गांधी जी कई ऐसे काम भी करते थे, जिन्हें आमतौर पर नौकर-चाकर करते हैं। पाठ से तीन अलग-अलग प्रसंग अपने शब्दों में लिखो जो इस बात का प्रमाण हो।
गांधी जी की कही-लिखी बातें लगभग सौ से अधिक किताबों में दर्ज हैं। घर के काम, बीमारों की सेवा, आगंतुकों से बातचीत आदि ढेरों काम करने के बाद गांधी जी को लिखने का समय कब मिलता होगा? गांधी जी का एक दिन कैसे गुजरता होगा, इस पर अपनी कल्पना से लिखो।
नीचे पाठ से कुछ वाक्य दिए गए हैं-
- वहाँ बाँस की चीजें बनाने का चलन भी खूब है।
- हम यहाँ बाँस की एक-दो चीज़ों को ही जिक्र कर पाए हैं।
- मसलन आसन जैसी छोटी चीजें बनाने के लिए बाँस को हरेक गठान से काटा जाता है।
- खपच्चियों से तरह-तरह की टोपियाँ भी बनाई जाती हैं।
रेखांकित शब्दों को ध्यान में रखते हुए इन बातों को अलग ढंग से लिखो।
