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सत्याग्रह के विचार का क्या मतलब है? - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

सत्याग्रह के विचार का क्या मतलब है?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

सत्याग्रह के विचार का मूल आधार सत्य की शक्ति पर आग्रह तथा सत्य की खोज करना है। गांधी जी इसके प्रबल समर्थक थे तथा उन्होंने इसकी व्याख्या इस प्रकार की - 

  1. अगर आपका उद्देश्य सच्चा है, यदि आपका संघर्ष अन्याय के खिलाफ है तो उत्पीड़क से मुकाबला करने के लिए आपको किसी शारीरिक बल की आवश्यकता नहीं।
  2. प्रतिशोध की भावना या आक्रमकता का सहारा लिए बिना सत्याग्रही केवल अहिंसा के सहारे भी अपने संघर्ष में सफल हो सकता है।
  3. इसके लिए दमनकारी शत्रु की चेतना को झिंझोड़ना चाहिए। उत्पीड़क शत्रु को ही नहीं बल्कि सभी लोगों को हिंसा के जरिए सत्य को स्वीकार करने पर विवश करने की बजाए सच्चाई को देखने और उसे सहज भाव से स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
  4. इस संघर्ष में अंततः सत्य की ही जीत होती है। गांधी जी का अटूट विश्वास था कि अहिंसा का धर्म सभी भारतीयों को एकता के सूत्र में बाँध सकता है।
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पहला विश्वयुद्ध, ख़िलाफ़त और असहयोग - सत्याग्रह का विचार
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अध्याय 2: भारत में राष्ट्रवाद - व्याख्या करें [पृष्ठ ५०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Samajik Vigyaan Bharat aur Samkaalin Vishv 2 [Hindi] Class 10
अध्याय 2 भारत में राष्ट्रवाद
व्याख्या करें | Q 2. | पृष्ठ ५०
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