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प्रश्न
स्पष्ट कीजिए कि कम द्रव्यमान की ऐल्कोहॉल जल में घुलनशील क्यों होती है?
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उत्तर
कम आण्विक द्रव्यमान वाले ऐल्कोहॉल उनके अणुओं के बीच अंतर-आण्विक हाइड्रोजन आबंध की उपस्थिति के कारण पानी में घुलनशील होते हैं। ध्रुवीय O - H समूह विघटन प्रक्रिया का पक्षधर है जबकि गैर-ध्रुवीय ऐल्काइल समूह ऐसा नहीं करता है। जैसे-जैसे ऐल्काइल समूह का आकार बढ़ता है, यह ध्रुवीय प्रकृति −OH समूह के प्रभाव पर काबू पाता है और घुलनशीलता कम हो जाती है।
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कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) मेथेनॉल | (a) फ़ीनॉल का o-हाइड्रॉक्सीसैलिसिलिक अम्ल में परिवर्तन |
| (ii) कोल्बे अभिक्रिया | (b) एथिल ऐल्कोहॉल |
| (iii) विलियम्सन संश्लेषण | (c) फ़ीनॉल का सैलिसिलऐल्डिहाइड मेंपरिवर्तन |
| (iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन | (d) काष्ठ स्पिरिट |
| (v) राइमर-टीमन अभिक्रिया | (e) 573 K पर तप्त कॉपर |
| (vi) किण्वन | (f) ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया |




