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प्रश्न
निम्नलिखित में से किन क्रियाओं में फ़ीनॉल प्राप्त होगा?
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उत्तर
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स्पष्टीकरण:

नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया के लिए हैलोऐरीन को चरम स्थितियों की आवश्यकता होती है। 298 K और 1 atm पर जलीय NaOH के साथ उपचार करने पर क्लोरोबेन्जीन जलअपघटन से नहीं गुजरता है।
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निम्नलिखित यौगिकों की घटती अम्ल प्रबलता के सही क्रम पर निशान लगाइए।
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| (a) | (b) | (c) | (d) | (e) |
प्राथमिक ऐल्कोहॉलों को ऐल्डिहाइडों में ऑक्सीकृत करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-से अभिकर्मक प्रयुक्त होते हैं?
(i) निर्जलीय माध्यम में CrO3
(ii) अम्लीय माध्यम में KMnO4
(iii) पिरीडिनियम क्लोरोक्रोमेट
(iv) Cu की उपस्थिति में 573 K पर तापन
ऐल्कोहॉलों के जल में विलयन के लिए उत्तरादायी कारकों के नाम लिखिए।
o-नाइट्रोफ़ीनॉल और o-क्रीसॉल में से कौन-सा अधिक अम्लीय है?
निम्नलिखित यौगिकों को अम्लता के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए और उपयुक्त स्पष्टीकरण लिखिए।
फ़ीनॉल, o-नाइट्रोफ़ीनॉल, o-क्रीसॉल
प्रोपेन-2-ओन को तृतीयक-ब्युटिल ऐल्कोहॉल में कैसे परिवर्तित किया जा सकता है?
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) कार इंजन में प्रयुक्त होने वाला प्रतिहिम | (a) उदासीन फेरिक क्लोराइड |
| (ii) सुगंध में प्रयुक्त होने वाला विलायक | (b) ग्लिसरॉल |
| (iii) पिक्रिक अम्ल का प्रारंभन पदार्थ | (c) मेथेनॉल |
| (iv) काष्ठ स्पिरिट | (d) फ़ीनॉल |
| (v) फ़ीनॉलिक समूह के संसूचन के लिए प्रयुक्त अभिकर्मक | (e) एथेलीनग्लाइकॉल |
| (vi) साबुन उद्योग का अतिरिक्त उत्पाद जो कांतिवर्धकों में प्रयुक्त होता है | (f) एथेनॉल |
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) मेथेनॉल | (a) फ़ीनॉल का o-हाइड्रॉक्सीसैलिसिलिक अम्ल में परिवर्तन |
| (ii) कोल्बे अभिक्रिया | (b) एथिल ऐल्कोहॉल |
| (iii) विलियम्सन संश्लेषण | (c) फ़ीनॉल का सैलिसिलऐल्डिहाइड मेंपरिवर्तन |
| (iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन | (d) काष्ठ स्पिरिट |
| (v) राइमर-टीमन अभिक्रिया | (e) 573 K पर तप्त कॉपर |
| (vi) किण्वन | (f) ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया |









