हिंदी

सोचो, अगर बीज बिखरते नहीं, यानी एक ही जगह पड़े रहते, तो क्या होता?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

सोचो, अगर बीज बिखरते नहीं, यानी एक ही जगह पड़े रहते, तो क्या होता?

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

अगर बीज बिखरते नहीं, तो बहुत सारी समस्यायें होती जैसे एक पेड़ के सारे बीज वहीं रह जाते। उन बीजों से निकलने वाले पौधों को उचित धूप, पानी या हवा नहीं मिल पाती और वे ठीक से बढ़ नहीं पाते।

shaalaa.com
बीज, बीज, बीज
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 5: बजी, बजी, बजी - घुमक्कड़ बीज [पृष्ठ ४९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
अध्याय 5 बजी, बजी, बजी
घुमक्कड़ बीज | Q 5 | पृष्ठ ४९

संबंधित प्रश्न

क्या तुम्हें या तुम्हारे आस-पास किसी को डॉक्टर ने अंकुरित खाना खाने की सलाह दी है? क्यों?


याद है, कक्षा चार में 'जड़ों का जाल' पाठ में तुमने बीज के प्रयोग किए थे। आओ, एक और प्रयोग करके देखो।

  • चने के कुछ दाने और तीन कटोरियाँ लो। पहली कटोरी में चने के चार-पाँच दाने लो और कटोरी को पानी से पूरा भर दो।
  • दूसरी कटोरी में भी उतने ही चने भीगी हुई रूई या कपड़े में लपेटकर रख दो। ध्यान रहे, कपड़ा या रूई सूखने न पाए। तीसरी कटोरी में केवल चने ही रखो।
  • तीनों कटोरियों को ढँक दो।

दो दिन बाद देखो और लिखो। तीनों कटोरियों के चनों में क्या बदलाव दिखा?

  कटोरी 1 कटोरी 2 कटोरी 3
क्या बीजों को हवा मिल रही है? नहीं हाँ हाँ
क्या बीजों को पानी मिल रहा है?      
बीजों में क्या बदलाव आया?      
क्या बीजों में अंकुरण हुआ?      

अपने अंकुरित बीज को ध्यान से देखो और उसका चित्र बनाओ।


एक गमला या चौड़े मुँह वाला डिब्बा लो। इसके नीचे छोटा-सा छेद करके, मिट्टी भरो। किसी एक किस्म के चार-पाँच बीज मिट्टी में दबा दो। कक्षा में सभी बच्चे अलग-अलग किस्म के बीज बोएँ। जैसे - सरसों, मेथीदाना, तिल, धनिया।


क्या पौधे के तने में भी कुछ बदलाव आया?


क्या इस सूची में सौंफ और ज़ीरा भी हैं?


समूह बनाओ और लिखो:

जो फलों से इकठ्ठे किए गए हैं।


समूह बनाओ और लिखो:

और समूह भी बनाओ। कितने समूह बना पाए?


समूह बनाओ और लिखो:

क्या तुम बीजों से खेलनेवाला कोई खेल जानते हो? अपने साथियों से बात करो।


बीज किस-किस तरह बिखरते हैं? किन्हीं दो तरीकों के बारे में अपने शब्दों में लिखो।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×