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प्रश्न
अपने अंकुरित बीज को ध्यान से देखो और उसका चित्र बनाओ।
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उत्तर
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याद है, कक्षा चार में 'जड़ों का जाल' पाठ में तुमने बीज के प्रयोग किए थे। आओ, एक और प्रयोग करके देखो।
- चने के कुछ दाने और तीन कटोरियाँ लो। पहली कटोरी में चने के चार-पाँच दाने लो और कटोरी को पानी से पूरा भर दो।
- दूसरी कटोरी में भी उतने ही चने भीगी हुई रूई या कपड़े में लपेटकर रख दो। ध्यान रहे, कपड़ा या रूई सूखने न पाए। तीसरी कटोरी में केवल चने ही रखो।
- तीनों कटोरियों को ढँक दो।
दो दिन बाद देखो और लिखो। तीनों कटोरियों के चनों में क्या बदलाव दिखा?
| कटोरी 1 | कटोरी 2 | कटोरी 3 | |
| क्या बीजों को हवा मिल रही है? | नहीं | हाँ | हाँ |
| क्या बीजों को पानी मिल रहा है? | |||
| बीजों में क्या बदलाव आया? | |||
| क्या बीजों में अंकुरण हुआ? |
बीज बोने और छोटा पौधा दिखने में कितने दिन लगे?
पहले दिन और दूसरे दिन पौधे की लंबाई में कितना अंतर था?
एक गमला या चौड़े मुँह वाला डिब्बा लो। इसके नीचे छोटा-सा छेद करके, मिट्टी भरो। किसी एक किस्म के चार-पाँच बीज मिट्टी में दबा दो। कक्षा में सभी बच्चे अलग-अलग किस्म के बीज बोएँ। जैसे - सरसों, मेथीदाना, तिल, धनिया।
किस दिन पौधे की लंबाई सबसे ज़्यादा बढ़ी?
इकठ्ठे किए गए बीजों में से सबसे छोटा और सबसे बड़ा बीज कौन-सा है?
समूह बनाओ और लिखो:
जो बीज मसालों के रूप में इस्तेमाल होते हैं।
समूह बनाओ और लिखो:
जो चपटे हैं।
पौधे स्वयं भी अपने बीजों को दूर छिटक देते हैं। जैसे - सोयाबीन की फलियाँ पककर सूख जाती हैं तो चिटककर बिखरने लगती हैं। उनकी आवाज़ सुनी है?
सोचो, अगर बीज बिखरते नहीं, यानी एक ही जगह पड़े रहते, तो क्या होता?
