“सो जनु हमरेहि माथें काढ़ा। दिन चलि गए ब्याज बड़ बाढ़ा।” इस चौपाई में प्रयुक्त अलंकार है -
उत्प्रेक्षा
अतिशयोक्ति
मानवीकरण
श्लेष