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संस्कृत भाषा में मेघदूत के अनुकरण पर कैसे काव्यों की परम्परा चल पड़ी? उनमें से तीन के नाम लिखिए।

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प्रश्न

संस्कृत भाषा में मेघदूत के अनुकरण पर कैसे काव्यों की परम्परा चल पड़ी? उनमें से तीन के नाम लिखिए।

लघु उत्तरीय
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उत्तर

मेघदूत के आधार पर संस्कृत में दृत-काव्यों की परम्परा चल पड़ी। विभिन्‍न कवियों ने विभिन्‍न शताब्दियों में अनेक संदेश-काव्य लिखे, जैसे- जम्बू कवि का चन्द्रदूत, धोयी कवि का पवनदूत, वेंकटनाथ, रूपगोस्वामी, वामनभट्ट बाण के पृथक्‌-पृथक हंसदूत इत्यादि। शताधिक दूतकाव्य मेघदूत के अनुकरण पर लिखे गए हैं।

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काव्य की अन्य विधाएँ
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अध्याय 6: काव्य कि अन्य विधाएँ - अभ्यास-प्रश्न [पृष्ठ ६३]

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एनसीईआरटी Sanskrit Sahitya Parichay [English] Class 11 and 12
अध्याय 6 काव्य कि अन्य विधाएँ
अभ्यास-प्रश्न | Q 5. | पृष्ठ ६३

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