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शहनाई को ‘सुषिर वाद्यों में शाह’ की उपाधि क्यों दी गई होगी?

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प्रश्न

शहनाई को ‘सुषिर वाद्यों में शाह’ की उपाधि क्यों दी गई होगी?

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

शहनाई को ‘सुषिर वाद्यों का राजा’ कहा जाता है, जिसके पीछे कई कारण हैं।

  • मधुर स्वर: अन्य सुषिर वाद्यों की अपेक्षा शहनाई की आवाज़ अधिक मधुर, सुरीली और मनमोहक होती है।
  • शुभ अवसरों में महत्व: भारत में विवाह, धार्मिक अनुष्ठानों तथा अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में शहनाई का विशेष स्थान है। इसकी धुन शुभता का प्रतीक मानी जाती है।
  • शास्त्रीय संगीत में उपयोगिता: शहनाई पर विभिन्न राग-रागिनियों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया जा सकता है, जिससे यह एक उत्कृष्ट वाद्य यंत्र बन जाती है।
  • नाम की उत्पत्ति: माना जाता है कि अरब देशों में फूँककर बजाए जाने वाले वाद्य को ‘नय’ कहा जाता था। शहनाई को ‘शाह-नय’ अर्थात् ‘नयों का श्रेष्ठ या राजा’ कहा गया, जो समय के साथ ‘शहनाई’ नाम से प्रसिद्ध हो गया।

इन्हीं विशेषताओं के कारण शहनाई को सुषिर वाद्यों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है।

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अध्याय 16: यतींद्र मिश्र - नौबतखाने में इबादत - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ८७]

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एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10
अध्याय 16 यतींद्र मिश्र - नौबतखाने में इबादत
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. (ii) | पृष्ठ ८७
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