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रोगी बालक के प्रति गांधी जी का व्यवहार किस प्रकार का था?

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प्रश्न

रोगी बालक के प्रति गांधी जी का व्यवहार किस प्रकार का था?

दीर्घउत्तर
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उत्तर

जब गांधी जी ने बीमार बच्चे को देखा, तो उन्होंने प्यार से उसके पेट पर हाथ फेरा और उसे उल्टी करने के लिए कहा। जब बच्चा उल्टी कर रहा था, तब गांधी जी उसकी पीठ सहलाकर उसे आराम दे रहे थे। थोड़ी देर बाद बच्चे की तबीयत बेहतर हो गई। इसके बाद गांधी जी ने मज़ाक और स्नेह से उसे कहा, “तू भी पागल है।” इससे पता चलता है कि गांधी जी का रोगी और दुखी लोगों के प्रति व्यवहार बहुत प्रेमपूर्ण और अपनापन भरा था।

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गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफ़ात
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अध्याय 2.04: भीष्म साहनी (गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफ़ात) - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ९७]

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एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 Class 12
अध्याय 2.04 भीष्म साहनी (गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफ़ात)
प्रश्न अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ ९७

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