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लेखक का गांधी जी के साथ चलने का पहला अनुभव किस प्रकार का रहा?

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प्रश्न

लेखक का गांधी जी के साथ चलने का पहला अनुभव किस प्रकार का रहा?

दीर्घउत्तर
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उत्तर

लेखक के भाई ने पहले ही बता दिया था कि यदि गांधी जी से मिलना है, तो सुबह ७ बजे वहाँ पहुँचना होगा, क्योंकि गांधी जी रोज़ उसी रास्ते से जाते थे। लेखक जल्दी-जल्दी वहाँ पहुँचे। गांधी जी को सामने देखकर वह आश्चर्यचकित हो गए और उनके मुँह से निकल पड़ा, “अरे, गांधी जी तो चित्रों में भी ऐसे ही दिखाई देते हैं।” यह सुनकर गांधी जी हल्के से मुस्कुराए और आगे बढ़ गए। गांधी जी के साथ पहली बार चलने का लेखक का अनुभव कुछ ऐसा ही था।

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गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफ़ात
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अध्याय 2.04: भीष्म साहनी (गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफ़ात) - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ९७]

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एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 2.04 भीष्म साहनी (गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफ़ात)
प्रश्न अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ ९७

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