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अराफात ने ऐसा क्यों बोला कि ‘वे आपके ही नहीं हमारे भी नेता हैं। उतने ही आदरणीय जितने आपके लिए।’ इस कथन के आधार पर गांधी जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालिए।

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प्रश्न

अराफात ने ऐसा क्यों बोला कि ‘वे आपके ही नहीं हमारे भी नेता हैं। उतने ही आदरणीय जितने आपके लिए।’ इस कथन के आधार पर गांधी जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालिए।

लघु उत्तरीय
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उत्तर

अराफात ने कहा कि गांधी जी केवल भारत के नेता नहीं थे, बल्कि वे पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शक थे। उनके इस कथन से गांधी जी के महान व्यक्तित्व और विचारों का पता चलता है। गांधी जी के सिद्धांतों से प्रभावित होकर कई लोगों और नेताओं ने उनकी शिक्षाओं को अपनाया और अहिंसा के मार्ग को समझा।

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गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफ़ात
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अध्याय 2.04: भीष्म साहनी (गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफ़ात) - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ९७]

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एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 2.04 भीष्म साहनी (गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफ़ात)
प्रश्न अभ्यास | Q 9. | पृष्ठ ९७
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