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रंगमंच प्रतिरोध का सबसे सशक्त माध्यम है। क्या आप लेखक के इस विचार से सहमत हैं? पक्ष और विपक्ष का समूह बनाकर इस विषय पर चर्चा करें।

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प्रश्न

रंगमंच प्रतिरोध का सबसे सशक्त माध्यम है। क्या आप लेखक के इस विचार से सहमत हैं? पक्ष और विपक्ष का समूह बनाकर इस विषय पर चर्चा करें।

कृति
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उत्तर

विषय: “रंगमंच प्रतिरोध का सबसे सशक्त माध्यम है”

पक्ष में तर्क: हम इस विचार से सहमत हैं कि रंगमंच प्रतिरोध का एक सशक्त माध्यम है। नाटक के द्वारा सामाजिक कुरीतियों, अन्याय, शोषण, भ्रष्टाचार और भेदभाव के विरुद्ध आवाज़ उठाई जा सकती है। रंगमंच सीधे दर्शकों के सामने प्रस्तुत होता है, इसलिए उसका प्रभाव तुरंत पड़ता है। अभिनय, संवाद, हाव-भाव और संगीत के माध्यम से कठिन बातों को भी आसानी से समझाया जा सकता है। नुक्कड़ नाटक जैसे माध्यमों से आम लोगों तक सामाजिक संदेश पहुँचाना भी आसान होता है।

विपक्ष में तर्क: हम पूरी तरह यह नहीं मानते कि रंगमंच ही प्रतिरोध का सबसे सशक्त माध्यम है। आज समाचार-पत्र, टेलीविजन, इंटरनेट और सोशल मीडिया भी लोगों तक विचार पहुँचाने के प्रभावी साधन हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से किसी मुद्दे की जानकारी बहुत कम समय में लाखों लोगों तक पहुँच सकती है। लेख, कविता और फिल्मों के द्वारा भी सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूकता पैदा की जाती है।

निष्कर्ष:

रंगमंच निश्चित रूप से प्रतिरोध का प्रभावशाली माध्यम है, लेकिन आज के समय में किसी एक माध्यम को सबसे शक्तिशाली कहना उचित नहीं होगा। विषय, दर्शक और परिस्थिति के अनुसार अलग-अलग माध्यम अधिक प्रभावी हो सकते हैं।

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अध्याय 7: नाटक लिखने का व्याकरण - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ ११७]

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एनसीईआरटी Hindi Abhivyakti aur Madhyam Class 11 and 12
अध्याय 7 नाटक लिखने का व्याकरण
पाठ्य प्रश्न | Q 1. | पृष्ठ ११७
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