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प्रश्न
रहीम ने क्वार के बादलों की तुलना किससे और क्यों की है?
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उत्तर
रहीम ने क्वार के बादलों की तुलना उन धनवान व्यक्तियों से की है जो निर्धन हो जाने पर केवल खोखली बातें करते रहते हैं।
क्योंकि जैसे क्वार के बादल गरज तो बहुत करते हैं पर वर्षा नहीं करते, वैसे ही ऐसे लोग भी बड़ी-बड़ी बातें तो करते हैं पर वास्तव में किसी का भला नहीं कर पाते।
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छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
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हमारे देश में पुराने समय से ही पेड़-पौधों को लगाने और उन्हें कटने से बचाने की परंपरा रही है। कई बार लोगों ने मिलकर पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन भी किया। ऐसे ही किसी आंदोलन के बारे में जानकारी इकट्ठी करके कॉपी में लिखो। इसके लिए तुम्हें पुस्तकालय, समाचार-पत्रों, शिक्षिका या माता-पिता और इंटरनेट से भी सहायता मिल सकती है।
कविता में आया है कि सूरज की माँ ने उसे घर के भीतर बुला लिया। पता करो कि क्या सूरज की भी माँ होती होगी?
नीचे लिखे शब्दों को तुम्हारे घर की भाषा में क्या कहते हैं?
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क |
देश______ |
घ |
जनता______ |
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ख |
धरती______ |
ङ |
त्योहार______ |
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ग |
दूध______ |
च |
इंसान______ |
पहली कठपुतली ने स्वयं कहा कि-'ये धागे/क्यों हैं मेरे पीछे-आगे?/इन्हें तोड़ दो;/मुझे मेरे पाँवों पर छोड़ दो।'-तो फिर वह चिंतित क्यों हुई कि-'ये कैसी इच्छा/मेरे मन में जगी?' नीचे दिए वाक्यों की सहायता से अपने विचार व्यक्त कीजिए-
•उसे दूसरी कठपुतलियों की ज़िम्मेदारी महसूस होने लगी।
•उसे शीघ्र स्वतंत्र होने की चिंता होने लगी।
•वह स्वतंत्रता की इच्छा को साकार करने और स्वतंत्रता को हमेशा बनाए रखने के उपाय सोचने लगी।
•वह डर गई, क्योंकि उसकी उम्र कम थी।
नीचे दो स्वतंत्रता आंदोलनों के वर्ष दिए गए हैं। इन दोनों आंदोलनों के दो-दो स्वतंत्रता सेनानियों के नाम लिखिए-
(क) सन् 1857 ______ ______
(ख) सन् 1942 ______ ______
कई बार जब दो शब्द आपस में जुड़ते हैं तो उनके मूल रूप में परिवर्तन हो जाता है। कठपुतली शब्द में भी इस प्रकार का सामान्य परिवर्तन हुआ है। जब काठ और पुतली दो शब्द एक साथ हुए कठपुतली शब्द बन गया और इससे बोलने में सरलता आ गई। इस प्रकार के कुछ शब्द बनाइए-
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छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
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