हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (मराठी माध्यम) ९ वीं कक्षा

रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए: असामाजिक गतिविधियों के कारण वह दंडित हुआ।

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प्रश्न

रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:

असामाजिक गतिविधियों के कारण वह दंडित हुआ।

सारिणी
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उत्तर

उपसर्ग मूलशब्द प्रत्यय
अ   समाज इक
shaalaa.com
व्याकरण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.4: मान जा मेरे मन - स्वाध्याय [पृष्ठ १२]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) Lokvani Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 1.4 मान जा मेरे मन
स्वाध्याय | Q २ | पृष्ठ १२

संबंधित प्रश्न

निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो 

तार


निम्‍नलिखित शब्द का समानार्थी शब्‍द लिखो तथा उनका वाक्य में प्रयोग करो :

शरीर


निम्‍न शब्‍द के पर्यायवाची शब्‍द लिखिए:


शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:

घर 


निम्न वाक्‍य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्‍य खोजकर लिखिए:

हे मानव, मुझे क्षमा कर मैं पृथ्‍वी से बहुत दूर पहुँच चुका हूँ।


रेखांकित वाक्‍यांश के स्‍थान पर उचित मुहावरा लिखिए:

रुग्‍ण शय्या पर पड़ी माता जी को देखकर मोहन का धीरज धीर-धीरे समाप्त हो रहा था।


प्रेरणार्थक क्रिया का रूप पहचानकर उसका वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:

जिसे वहाँ से जबरन हटाना पड़ता था।


उचित विराम चिह्न लगाओ:

कामायनी महाकाव्य कवि जयशंकर प्रसाद


चित्र देखकर संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया इन शब्द के भेदों के आधार पर उचित वाक्य बनाओ और तालिका में शब्द लिखाे:

 

संज्ञा शब्द सर्वनाम शब्द विशेषण शब्द क्रिया शब्द
       
       
       

निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:

कूड़ा - ______

बच्चों ने मैदान पर फैला ______ इकट्ठा किया।


किन्हीं पॉंच मुहावरों/कहावतों के सांकेतिक चित्र बनाओ: 

जैसे - 

 = घर की मुर्गी दाल बराबर।

= नौ दो ग्यारह होना।


चित्र देखकर उचित सर्वनाम में लिखो :

(तू, मैं, वह, यह, क्या, जैसा-वैसा, अपने-आप) 


वर्णमाला सुनाओ और विशेष वर्णों के उच्चारण पर ध्यान दो।


अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

अनेक व्यक्तियों ने प्रदर्शनी देखी।


अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

गोपाल जानता है कि शायद उसका मित्र बीमार है।


उचित विरामचिह्न लगाइए:-

ऐसा एक भी मनुष्य नहीं जो संसार में कुछ न कुछ लाभकारी कार्य न कर सकता हो


शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह शब्द विलोम
अप + कीर्ति   ×

शब्‍द पहेली से मुहावरे, कहावतें ढूँढ़िए। उनकी सूची बनाइए और अर्थ बताकर उनका अपने वाक्‍यों में प्रयोग कीजिए:-

आँखों से ईंट का कमर डूबते हाथ अँधेरा होगा
ओखली में ऊँट के तोड़ना तारा तले जवाब चार
छाती ओझल को जीरा देना निकालना पत्‍थर से
चिराग तिनके का सहारा होना आरसी मुँह में देना
आँखों का क्‍या मात कंगन को सिर देना कलेजा
लालच कचूमर हाथ आना फुलाना मुँह को चाँद
जड़ से बुरी मलना उखाड़ बला लगाना देना

 

मुहावरे कहावतें
   

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
ब्रह्मर्षि
______ + ______  

पाठ्यपुस्‍तक की दूसरी इकाई के १ से ६ के पाठों से भेदों सहित विशेषणों को ढूँढ़कर उनका वाक्‍यों में प्रयोग कीजिए।


निम्न संवाद को पढ़िए, समझिए तथा कारक रेखांकित करके उनके चिह्नों के नाम लिखिए:- 

जंगल के राजा शेरसिंह टेलीविजन पर समाचार देख रहे थे, कई समाचार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के बारे में थे, वे इसके समाधान के लिए कुछ करना चाहते थे-

शेरसिंह - जंबो हाथी को बुलाया जाए।
सेवक - जो आज्ञा महाराज।
जंबाे - प्रणाम महाराज, आपने मुझे याद किया।
शेरसिंह - जंगल में सड़क दुर्घटनाएँ बहुत बढ़ गई हैं। लोग नियमों से दूर जा रहे हैं। इससे मैं बहुत दुखी हूँ।
जंबो - चिंता न करें, मैं इस मामले में आपकी सहायता करूँगा। मुझे रिपोर्ट बनाने के लिए समय दें।
शेरसिंह - जंबो ! तुम पूरा समय लो।
(कुछ दिनों बाद रिपोर्ट लेकर जंबो पहुँचा।)
जंबो - महाराज, जंगल निवासी ट्रैफिक के नियमों का पालन नहीं करते हैं।
शेरसिंह - ठीक है, हम नागरिकों से ट्रैफिक के नियमों का सख्ती से पालन करवाएँगे।
जंबो - दोपहिया चलाने वालों को हेल्मेट पहनना और कार चलाने वालों को सीट बेल्ट बांधना अनिवार्य कर सकते हैं।
शेरसिंह - विद्यालयों, अस्पतालों और पार्किंगवाले स्थानों के पास गति सीमा को बताने वाले चिह्नों को क्यों न लगा दिया जाए?
जंबो - महाराज, साइकिल चलाने वालों और पैदल चलने वालों के लिए आप एक अलग से रास्ता बनवा सकते हैं।
शेरसिंह - तुम्हारी सलाह के लिए तुम्हें धन्यवाद।

 

क्र. कारक कारक चिह्न
     

वचन बदलिए।

एक = ______


इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्‍सम, तद्भव शब्‍द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्‍द ढूँढ़िए।

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।


रेखांकित शब्‍द के विलोम शब्‍द लिखकर नए वाक्य बनाइए।

हमें सदैव अपने लिए किए गए कामों के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए ।


रेखांकित शब्‍द के विलोम शब्‍द लिखकर नए वाक्य बनाइए।

पूर्व दिशा में सूर्योदय होता है।


निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:

गेहूँ गीला होना


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
...    




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