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प्रश्न
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अकतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:
| “परंतु मैं तो इस पक्ष में जरा भी नहीं हूँ। हमारी भारत सरकार हमारी पढ़ाई पर कितना पैसा खर्च करती है और हम चंद पैसों के कारण विदेशों में जा कर बस जाएँ? यादि सभी बुद्धिजीवी विदेशों में जाकर बस जाएँगें तो हमारे देश की उन्नति किस प्रकार संभव हो सकेगी।” |
- वक्ता इस समय किस से मिलने आई है? वक्ता के यहाँ आने का कारण भी बताइए। [2]
- इस समय यहाँ किस व्यक्ति के विषय में और क्या बात की जा रही है जिसे सुनकर वक्ता ने यह सब कहा था? [2]
- प्रस्तुत पंक्तियों के आधार पर वक्ता के चारित्र की 'तीन' विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। [3]
- विद्यार्थियों में अपने देश के बजाय विदेश में शिक्षा प्राप्त करने की बढ़ती चाह के कारण भविष्य में देश को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है? समझाकर लिखिए। [3]
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उत्तर
- वक्ता मीनू इस समय नीलिमा से मिलने आई थी । मीनू पढ़ते-पढ़ते थक गई थी। उस समय उसकी कोई प्रतियोगी परीक्षा भी नहीं थी। इसी सोच के साथ नीलिमा से मिलने चली गई।
- इस समय यहाँ पर अशोक भैया के अमेरिका में पढ़ने के लिए जाने की बात की जा रही है। जिसमें पता चला कि अभी तो वे दो वर्ष के लिए ही गए हैं। पर बाद में वहीं बस जायेंगे । इसे सुनकर वक्ता ने कहा कि मैं इसके पक्ष में नहीं हूँ। भारत सरकार हमारी पढ़ाई पर कितना खर्च करती है और हम चंद पैसों के लिए विदेशों में जाकर बस जाएँ।
- प्रस्तुत पंक्तियों की वक्ता मीनू है। वह उपन्यास की मुख्य पात्र है। उपन्यास की पूरी कथा उसके इर्द-गिर्द ही घूमती है। मीनू एक कुशल अभिवक्ता के साथ-साथ दृढ़ इच्छाशक्ति वाली नारी है। वह देश के प्रति भी कर्तव्यनिष्ठ है। वह पढ़ी-लिखी, मेधावी व साहसी युवती है। बहुमुखी प्रतिभा की धनी मीनू एक आत्म-निर्भर प्रगतिशील युवती है।
- विद्यार्थियों में अपने देश के बजाय विदेश में शिक्षा प्राप्त करने की चाह निरंतर बढ़ती जा रही है जो एक चिंता का विषय है। इससे देश के सक्षम युवा शक्ति के पलायन की समस्या बढ़ रही है। सभी बुद्धिजीवी विदेशों में जाकर बस जाएंगे तो हमारे देश की उन्नति कैसे हो पायेगी? उद्योग धंधों के लिए श्रम शक्ति की कमी हो रही है तथा देश की बहुमूल्य देशी मुद्रा विदेशों में भेजी जा रही है।
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संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए-
| कुछ नहीं पूछ पाए हालदार साहब। कुछ पल चुपचाप खड़े रहे, फिर पान के पैसे चुकाकर जीप में आ बैठे और रवाना हो गए। बार-बार सोचते, क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-ज़िंदगी सब कुछ होम देनेवालों पर भी हँसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूँढ़ती है। दुखी हो गए। पंद्रह दिन बाद फिर उसी कस्बे से गुज़रे। कस्बे में घुसने से पहले ही खयाल आया कि कस्बे की हृदयस्थली में सुभाष की प्रतिमा अवश्य ही प्रतिष्ठापित होगी, लेकिन सुभाष की आँखों पर चश्मा नहीं होगा। ...क्योंकि मास्टर बनाना भूल गया। ...और कैप्टन मर गया। सोचा, आज वहाँ रुकेंगे नहीं, पान भी नहीं खाएँगे, मूर्ति की तरफ़ देखेंगे भी नहीं, सीधे निकल जाएँगे। ड्राइवर से कह दिया, चौराहे पर रुकना नहीं, आज बहुत काम है, पान आगे कहीं खा लेंगे। लेकिन आदत से मजबूर आँखें चौराहा आते ही मूर्ति की तरफ़ उठ गईं। कुछ ऐसा देखा कि चीखे, रोको! जीप स्पीड में थी, ड्राइवर ने ज़ोर से ब्रेक मारे। रास्ता चलते लोग देखने लगे। जीप रुकते-न-रुकते हालदार साहब जीप से कूदकर तेज़-तेज़ कदमों से मूर्ति की तरफ़ लपके और उसके ठीक सामने जाकर अटेंशन में खड़े हो गए। मूर्ति की आँखों पर सरकंडे से बना छोटा-सा चश्मा रखा हुआ था, जैसा बच्चे बना लेते हैं। हालदार साहब भावुक हैं। इतनी-सी बात पर उनकी आँखें भर आईं। |
- हालदार साहब क्या सोचकर दुखी हो गए?
(क) नेता जी की मूर्ति की आँखों पर चश्मा न देखकर
(ख) देशभक्तों का मज़ाक उड़ाने वाली बिकाऊ कौम को देखकर
(ग) घर-गृहस्थी, जवानी-ज़िंदगी आदि की बीती हुई बातें सोचकर
(घ) देश में अलग-अलग कौमों की विचारधारा में बहुत अंतर देखकर - 'सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति की आँखों पर चश्मा नहीं होगा...!' हालदार साहब ऐसा क्यों सोच रहे थे?
(क) कैप्टन के सारे चश्मे बिक जाने के कारण
(ख) कैप्टन के गंभीर रूप से बीमार हो जाने के कारण
(ग) मूर्तिकार मास्टर की भूल और कैप्टन की मृत्यु के कारण
(घ) नटखट बच्चों द्वारा चश्मा बार-बार उतार दिए जाने के कारण - हालदार साहब की आदत से मजबूर आँखों ने क्या किया?
(क) चौराहे पर आते ही पान की दुकान खोजने लगीं
(ख) उन्होंने कैप्टन का स्मरण किया और वे नम हो गईं
(ग) चौराहे पर आते ही स्वभावतः मूर्ति की ओर उठ गईं
(घ) बाँस पर चश्मे लगाकर उन्हें बेचते हुए कैप्टन को खोजने लगीं - हालदार साहब क्यों चीख पड़े?
(क) पानवाले का बदला हुआ व्यवहार देखकर
(ख) नेता जी की मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा लगा देखकर
(ग) नेता जी की मूर्ति के पास बहुत सारे बच्चों को एकत्र देखकर
(घ) ड्राइवर के द्वारा उनके आदेश का पालन न किए जाने के कारण - सरकंडे से बना छोटा-सा चश्मा किस बात का प्रतीक था?
(क) राष्ट्रीय धरोहरों को संरक्षण देने का
(ख) हस्तकला के प्रति बढ़ रहे अनुराग का
(ग) देशभक्तों के प्रति श्रद्धा व सम्मान का
(घ) सरकंडे जैसी वनस्पति को संरक्षित करने का
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए-
| परिश्रम यानी मेहनत अपना जवाब आप ही है। उसका अन्य कोई जवाब न है, न हो सकता है अर्थात जिस काम के लिए परिश्रम करना आवश्यक हो, हम चाहें कि वह अन्य किसी उपाय से पूरा हो जाए, ऐसा हो पाना कतई संभव नहीं। वह तो लगातार और मन लगाकर परिश्रम करने से ही होगा। इसी कारण कहा जाता है कि 'उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मी' अर्थात उद्योग या परिश्रम करने वाले पुरुष सिंहों का ही लक्ष्मी वरण करती है। सभी प्रकार की धन-संपत्तियाँ और सफलताएँ लगातार परिश्रम से ही प्राप्त होती हैं। परिश्रम ही सफलता की कुंजी है, यह परीक्षण की कसौटी पर कसा गया सत्य है। निरंतर प्रगति और विकास की मंज़िलें तय करते हुए हमारा संसार आज जिस स्तर और स्थिति तक पहुँच पाया है, वह सब हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहने से नहीं हुआ। कई प्रकार के विचार बनाने, अनुसंधान करने, उनके अनुसार लगातार योजनाएँ बनाकर तथा कई तरह के अभावों और कठिनाइयों को सहते हुए निरंतर परिश्रम करते रहने से ही संभव हो पाया है। आज जो लोग सफलता के शिखर पर बैठकर दूसरों पर शासन कर रहे हैं, आदेश दे रहे हैं, ऐसी शक्ति और सत्ता प्राप्त करने के लिए पता नहीं किन-किन रास्तों से चलकर, किस-किस तरह के कष्ट और परिश्रमपूर्ण जीवन जीने के बाद उन्हें इस स्थिति में पहुँच पाने में सफलता मिल पाई है। हाथ-पैर हिलाने पर ही कुछ पाया जा सकता है, उदास या निराश होकर बैठ जाने से नहीं। निरंतर परिश्रम व्यक्ति को चुस्त-दुरुस्त रखकर सजग तो बनाता ही है, निराशाओं से दूर रख आशा-उत्साह भरा जीवन जीना भी सिखाया करता है। |
- परीक्षण की कसौटी पर कसे जाने से तात्पर्य है-
(क) सत्य सिद्ध होना
(ख) कथन का प्रामाणिक होना
(ग) आकलन प्रक्रिया तीव्र होना
(घ) योग्यता का मूल्यांकन होना - 'हाथ-पैर हिलाने से कुछ पाया जा सकता है।' पंक्ति के माध्यम से लेखक ______ की प्रेरणा दे रहे हैं।
(क) तैराकी
(ख) परिश्रम
(ग) परीक्षण
(घ) हस्तशिल्प - निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -
- परिश्रम व्यक्ति को सकारात्मक बनाता है।
- आज संसार पतन की ओर बढ़ रहा है।
- पुरुषार्थ के बल पर ही व्यक्ति धनार्जन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा /कौन-से कथन सही है / हैं?
(क) केवल (i)
(ख) केवल (ii)
(ग) (i) और (iii)
(घ) (ii) और (iii)
- निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द गद्यांश में दिए गए 'अनुसंधान' शब्द के सही अर्थ को दर्शाता है-
(क) परीक्षण
(ख) योजनाएँ
(ग) अन्वेषण
(घ) सिंहमुपैति - निम्नलिखित में से किस कथन को गद्यांश की सीख के आधार पर कहा जा सकता है -
(क) अल्पज्ञान खतरनाक होता है।
(ख) गया समय वापस नहीं आता है।
(ग) मेहनत से कल्पना साकार होती है।
(घ) आवश्यकता आविष्कार की जननी है।
निम्नलिखित अपठित परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
|
जहाँ कोयल की मीठी वाणी सबका मन मोह लेती है, वहीं कौए को कर्कश आवाज किसी को अच्छी नहीं लगती । मधुर वचन न केवल सुनने वाले को, बल्कि बोलने वाले को भी आत्मिक शांति प्रदान करतें हैं। मनुष्य अपनी सद्भावनाओं का अधिकांश प्रदर्शन वचनों द्वारा ही करता है। मधुर वचन तप्त और दुःखी व्यक्ति का सही और सच्चा उपचार हैं। सहानुभूति के कुछ शब्द उसे इतना सुख देते हैं जितना संसार का कोई धनकोष नहीं दे पाता। मधुरभाषी शीघ्र ही सबका मित्र बन जाता है। लोग उसकी प्रशंसा करते हैं। यहाँ तक कि पराए भी अपने बन जाते हैं। इससे समाज में पारस्परिक सौहार्द की भावना पैदा होती है, लोग एक-दूसरे की सहायता के लिए तत्पर हो जाते हैं। सामाजिक मान-प्रतिष्ठा और श्रद्धा का आधार भी मधुर वाणी ही है। मधुर वचन किसी के मन को ठेस नहीं पहुँचाते, बल्कि दूसरे के क्रोध को शांत करने में सहायक होते हैं। मधुर वाणी में ऐसा आकर्षण है जो बिना रस्सी के सबको बाँध लेती है। अतः याद रखना चाहिए- ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोए। |
(1) उत्तर लिखिए- (2)
गद्यांश के आधार पर मधुर वचन की विशेषताएँ लिखिए-
- ____________
- ____________
(2) “शब्द शस्त्र के समान होते हैं उनका सावधानी से उपयोग करना चाहिए" वचन पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
|
वैज्ञानिकों का मानना है कि दुनियाभर में बढ़ते पर्यावरण संकट को कम करने में जैविक खेती एक उपचारक भूमिका निभा सकती है। गौरतलब है कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में प्राकृतिक खेती बड़े पैमाने पर अपनाई जा रही है। धीरे-धीरे दक्षिण, मध्य भारत और उत्तर भारत में भी यह किसानों में लोकप्रिय हो रही है। अब किसानों ने जैविक खेती को एक सशक्त विकल्प के रूप में अपना लिया है। गौरतलब है कि जैविक या प्राकृतिक खेती की तरफ भारतीय किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। धीरे-धीरे जैविक खेती का प्रचलन बढ़ रहा है। जैविक बीज, जैविक खाद, पानी, किसानी के यंत्रों आदि की आसानी से उपलब्धता जैविक खेती की लोकप्रियता को और अधिक बढ़ा सकती है। प्राकृतिक खेती को लेकर अनुसंधान भी बहुत हो रहे हैं। किसान नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। इससे कृषि वैज्ञानिक भी प्राकृतिक खेती को लेकर अधिक उत्साहित हैं। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि जैविक या प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से पर्यावरण,खाद्यान्न, भूमि, इंसान की सेहत, पानी की शुद्धता को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है। रासायनिक खादों और कीटनाशकों के इस्तेमाल से होने वाली बीमारियों और समस्याओं की जानकारी न होने की वजह से किसान इनका प्रयोग काफी ज़्यादा करने लगे हैं। वहीं दूसरी तरफ सिक्किम में प्राकृतिक खेती से पर्यावरण को जितनी मदद मिली है उससे साफ़ हो गया है कि प्राकृतिक खेती को अपनाकर कई समस्याओं का समाधान हो सकता है। |
- आज जैविक खेती की माँग क्यों बढ़ती जा रही है?
- सस्ती होने के कारण
- अधिक उत्पादन के कारण
- स्वच्छ पर्यावरण के कारण
- सरकारी मदद मिलने के कारण
- सही कथन का चयन कीजिए-
- उत्तर भारत में जैविक खेती के लिए प्रेरणा की ज़रूरत है।
- पूर्वोत्तर राज्यों में जैविक खेती के प्रति अधिक उत्साह है।
- लोगों में प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी का अभाव है।
- प्राकृतिक खेती के लिए विश्वविद्यालय से शिक्षित होना ज़रूरी है।
- जैविक खेती को किसानों की पहली पसंद बनाने के लिए क्या करना चाहिए?
- रासायनिक खेती निषिद्ध की जानी चाहिए।
- बाजार में केवल जैविक उत्पादों बिक्री होनी चाहिए।
- युवकों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करना चाहिए।
- जैविक बीज, खाद, किसानी के यंत्र आदि सुविधाएँ उपलब्ध करवानी चाहिए।
- वर्तमान समय में खेती के लिए; अनुसंधानों में बढ़ोतरी किसके बारे में हुई है?
- जैविक खेती
- रासायनिक खाद
- नई-नई दवाइयाँ
- नए बीज
- किसान कीटनाशकों और रासायनिक खादों का अधिक प्रयोग क्यों करने लगे हैं?
- सहज उपलब्धता के कारण
- दुष्प्रभावों की जानकारी न होने के कारण
- अधिक प्रचार-प्रसार के कारण
- सस्ती होने के कारण
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए -
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आदमी की पहचान उसकी भाषा से होती है और भाषा संस्कार से बनती है। जिसके जैसे संस्कार होंगे, वैसी उसकी भाषा होगी। जब कोई आदमी भाषा बोलता है, तो साथ में उसके संस्कार भी बोलते हैं। यही कारण है कि भाषा शिक्षक का दायित्व बहुत गुरुतर और चुनौतीपूर्ण है। परंपरागत रूप में शिक्षक की भूमिका इन तीन कौशलों - बोलना, पढ़ना और लिखना तक सीमित कर दी गई है। केवल यांत्रिक कौशल किसी जीती-जागती भाषा का उदाहरण नहीं हो सकते हैं। सोचना और महसूस करना दो ऐसे कारक हैं, जिनमें भाषा सही आकार पाती है। इनके बिना भाषा, भाषा नहीं है, इनके बिना भाषा संस्कार नहीं बन सकती, इनके बिना भाषा युगों-युगों का लंबा सफ़र तय नहीं कर सकती, इनके बिना कोई भाषा किसी देश या समाज की धड़कन नहीं बन सकती। केवल संप्रेषण ही भाषा नहीं है। दर्द और मुस्कान के बिना कोई भाषा जीवंत नहीं हो सकती। भाषा हमारे समाज के निर्माण, विकास, अस्मिता, सामाजिक व सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण साधन है। भाषा के बिना मनुष्य पूर्ण नहीं है। भाषा में ही हमारे भाव राज्य, संस्कार, प्रांतीयता झलकती है। इस झलक का संबंध व्यक्ति की मानवीय संवेदना और मानसिकता से भी होता है। जिस व्यक्ति के जीवन का उद्देश्य और मानसिकता जिस स्तर की होगी, उसकी भाषा के शब्द और मुख्यार्थ भी उसी स्तर के होंगे। साहित्यकार ऐसी भाषा को आधार बनाते हैं, जो उनके पाठकों एवं श्रोताओं की संवेदना के साथ एकाकार करने में समर्थ हों। |
- आदमी की पहचान उसकी भाषा से होती है, क्योंकि -
(A) मनुष्य की पूर्णता भाषा द्वारा ही संभव है।
(B) व्यक्ति के मनोभाव भाषा से ही व्यक्त होते हैं।
(C) भाषा का प्रचार और विकास कोई रोक नहीं सकता।
(D) दर्द और मुस्कान के बिना भाषा जीवित नहीं हो सकती। - निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन (A): जब कोई आदमी बोलता है, तो साथ में उसके संस्कार भी बोलते हैं।
कारण (R): भाषा शिक्षक का दायित्व बहुत चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि उसे कौशलों का विकास करना होता है।
(A) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत है।
(B) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
(C) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।
(D) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है। - गद्यांश में साहित्यकार द्वारा किए गए कार्य का उल्लेख इनमें से कौन-से विकल्प से ज्ञात होता है -
(A) साहित्य समाज का दर्पण है।
(B) साहित्यकार साहित्य सृजन में व्यस्त रहता है।
(C) साहित्यकार सामाजिक व सांस्कृतिक पहचान बनाता है।
(D) साहित्यकार जन सामान्य की अस्मिता का परिचायक होता है। - 'दर्द और मुसकान के बिना भाषा जीवंत नहीं हो सकती।' लेखक द्वारा ऐसा कथन दर्शाता है -
(A) यथार्थ की समझ
(B) सामाजिक समरसता
(C) साहित्य-प्रेम
(D) भाषा कौशल - भाषा तब सही आकार पाती है, जब -
(A) मनुष्य निरंतर उसका अभ्यास करता रहता है।
(B) भाषा को सरकारी समर्थन भी प्राप्त होता है।
(C) भाषा सामाजिक संस्थाओं से प्रोत्साहन प्राप्त करती है।
(D) भाषायी कौशलों के साथ मनुष्य सोचता और महसूस भी करता है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
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कृषि में हरी खाद उस सहायक फ़सल को कहते हैं जिसकी खेती मुख्यतः भूमि में पोषक तत्त्वों को बढ़ाने तथा उसमें जैविक पदार्थों की पूर्ति करने के उद्देश्य से की जाती है। प्रायः इस तरह की फ़सल को हरित स्थिति में हल चलाकर मिट्टी में मिला दिया जाता है। हरी खाद से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है और भूमि की रक्षा होती है। मृदा के लगातार उपयोग से उसमें उपस्थित पौधे की बढ़वार के लिए आवश्यक तत्त्व नष्ट होते जाते हैं। इनकी क्षतिपूर्ति के लिए और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बनाए रखने के लिए हरी खाद एक उत्तम विकल्प है। बिना गले-सड़े हरे पौधे (फ़सलों अथवा उनके भाग) को जब मिट्टी की नत्रजन या जीवांश की मात्रा बढ़ाने के लिए खेत में दबाया जाता है तो इस क्रिया को हरी खाद देना कहते हैं। |
- हरी खाद का उपयोग खेतों में क्यों किया जाना चाहिए?
(a) रासायनिक खाद की महँगी लागत से बचने के लिए।
(b) रासायनिक खाद के ज़हर से बचने के लिए।
(c) खेती के पारंपरिक तरीकों को बढ़ावा देने के लिए।
(d) मिट्टी की उर्वरता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए। - मिट्टी का उपजाऊपन कैसे कम हो जाता है?
(a) रासायनिक खाद के उपयोग से।
(b) समय पर वर्षा न होने से।
(c) मिट्टी के निरंतर उपयोग से।
(d) तेज़ आँधी-तूफान के आने से। - 'हरी खाद देना' क्रिया कहा जाता है:
(a) खेतों में हरे रंग की खाद का प्रयोग करने को।
(b) खेतों में ताज़ी खाद का प्रयोग करने को।
(c) गलने-सड़ने से पूर्व सहायक फसल को खेतों में दबाने को।
(d) गलने-सड़ने के बाद सहायक फ़सल को खेतों में दबाने को। - निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(I) हरी खाद के उपयोग से भूमि में नमी बढ़ती है।
(II) हरी खाद के उपयोग से भूमि की उर्वरता बढ़ती है।
(III) हरी खाद के उपयोग से वातावरण शुद्ध होता है।
(IV) हरी खाद के उपयोग से मिट्टी में जीवांश बढ़ते हैं।
उपयुक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं?
(a) केवल (II)
(b) केवल (I)
(c) (I), (II) और (IV)
(d) (II), (III) और (IV) - निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए, उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए:
कथन (A) - मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बनाए रखने के लिए हरी खाद एक उत्तम विकल्प है।
कारण (B) - हरी खाद से मृदा की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक दशा में सुधार होता है और लागत घटती है।
(a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं।
(b) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं।
(c) कथन (A) सही है तथा कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।
(d) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए:-
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पश्चिमी सभ्यता मुख मोड़ रही है। वह एक नया आदर्श देख रही है। अब उसकी चाल बदलने लगी है। वह कलों की पूजा को छोड़कर मनुष्यों की पूजा को अपना आदर्श बना रही है। इस आदर्श के दर्शाने वाले देवता रस्किन और टालस्टॉय आदि हैं। पाश्चात्य देशों में नया प्रभात होने वाला है। वहाँ के गंभीर विचार वाले लोग इस प्रभात का स्वागत करने के लिए उठ खड़े हुए हैं। प्रभात होने के पूर्व ही उसका अनुभव कर लेने वाले पक्षियों की तरह इन महात्माओं को इस नए प्रभात का पूर्व ज्ञान हुआ है और हो क्यों न? इंजनों के पहिए के नीचे दबकर वहाँ वालों के भाई-बहन ही नहीं, उनकी सारी जाति पिस गई, उनके जीवन के धुरे टूट गए, उनका समस्त धन घरों से निकलकर एक-दो स्थानों में एकत्र हो गया। साधारण लोग मर रहे हैं, मज़दूरों के हाथ-पाँव फट रहे हैं, लहू बह रहा है! सर्दी से ठिठुर रहे हैं। एक तरफ दरिद्रता का अखंड राज्य है, दूसरी तरफ अमीरी का चरम दृश्य। परंतु अमीरी भी मानसिक दुखों से विमर्दित है। मशीनें बनाई तो गई थीं मनुष्यों का पेट भरने के लिए - मज़दूरों को सुख देने के लिए - परंतु वे काली-काली मशीनें ही काली बनकर उन्हीं मनुष्यों का भक्षण कर जाने के लिए मुख खोल रही हैं। प्रभात होने पर ये काली-काली बलाएँ टूर होंगी। मनुष्य के सौभाग्य का सूर्योदय होगा। शोक का विषय यह है कि हमारे और अन्य पूर्वी देशों में लोगों को मज़दूरी से तो लेशमात्र भी प्रेम नहीं है, पर वे तैयारी कर रहे हैं पूर्वोक्त काली मशीनों का आलिंगन करने की। पश्चिम वालों के तो ये गले पड़ी हुई बहती नदी की काली कमली हो रही हैं। वे छोड़ना चाहते हैं, परंतु काली कमली उन्हें नहीं छोड़ती। देखेंगे पूर्व वाले इस कमली को छाती से लगाकर कितना आनंद अनुभव करते हैं। यदि हम में से हर आदमी अपनी दस उँगलियों की सहायता से साहसपूर्वक अच्छी तरह काम करे तो हम मशीनों की कृपा से बढ़े हुए परिश्रम वालों को वाणिज्य के जातीय संग्राम में सहज ही पछाड़ सकते हैं। सूर्य तो सदा पूर्व ही से पश्चिम की ओर जाता है। पर आओ पश्चिम से आनेवाली सभ्यता के नए प्रभात को हम पूर्व से भेजें। इंजनों की वह मज़दूरी किस काम की जो बच्चों, स्त्रियों और कारीगरों को ही भूखा नंगा रखती है और केवल सोने, चाँदी, लोहे आदि धातुओं का ही पालन करती है। पश्चिम को विदित हो चुका है कि इनसे मनुष्य का दुख दिन पर दिन बढ़ता है। |
- "पाश्चात्य देशों में नया प्रभात होने वाला है।" - पंक्ति में रेखांकित पद का आशय हो सकता है? 1
- नया प्रकाश
- नया विचार
- नया सवेरा
- नया प्रभास
- संदर्भ के अनुसार गद्यांश में 'विमर्दित' शब्द का सटीक अर्थ क्या हो सकता है? 1
- ठगी हुई
- ग्लानिपूर्ण
- ईर्ष्या पूर्ण
- पीड़ा पूर्ण
- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - 1
कथन (I): मानवीय दक्षता को महत्त्व देना चाहिए।
कथन (II): मनुष्य तथा मानवीयता से प्रेम करना चाहिए।
कथन (III): अपनी चाल को बदल लेना चाहिए।
कथन (IV): मानव जीवन को आदर्श मानना चाहिए।
गद्यांश के अनुसार कौन-सा/से कथन सही हैं?- केवल कथन I सही है।
- केवल कथन II सही है।
- केवल कथन II और III सही हैं।
- केवल कथन I और IV सही हैं।
- गद्यांश के अनुसार पूर्वी देशों की समस्या क्या है? 1
- मज़दूरों के लिए अधिकारों की कमी
- मज़दूरों का पूँजी पतियों द्वारा शोषण
- मज़दूरी को कम महत्त्व का आंकना
- मज़दूरी पर अमीरी का प्रभाव
- गद्यांश के अनुसार साधारण लोग क्यों मर रहे हैं? 1
- मानव श्रम से ज्यादा मशीनों को महत्त्व मिलने के कारण
- हाथ-पाँव फटने, खून रिसने और सर्दी के कारण
- कम मज़दूरी मिलने कारण हुई बीमारियों से
- कार्य क्षेत्रों के विषैले पर्यावरण व खाने की कमी से
- गद्यांश में मशीनों को 'काली मशीनें' कहना किस बात की ओर संकेत करता है? 1
- काला रंग शोक का प्रतीक होता है।
- मशीनों द्वारा जन साधारण में बेरोज़गारी बढ़ाने के कारण
- माँ दुर्गा के अवतार काली के जैसे भक्षण करने के कारण
- मशीनों से अमीरों द्वारा काले धन अर्जन करने के कारण
- "इंजनों के पहिए के नीचे दबकर वहाँ वालों के....." इस प्रक्रिया के क्या परिणाम हुए? 1
- आर्थिक संपदा का अनुचित वितरण
- भाई बहनों व अन्य रिश्तेदारों में दुराव
- समस्त जाति द्वारा कठिन परिश्रम
- मशीनों द्वारा मनुष्यों का संरक्षण
- रस्किन और टालस्टॉय का महत्त्व है क्योंकि इन्होनें ______ । 1
- पूर्वी देशों में साम्राज्यवाद के विरुद्ध आवाज़ उठाई थी।
- मानवीय संवेदनाओं एवं गुणों को महत्त्व दिया था।
- धार्मिक कट्टरता के प्रति चेतना जगाई थी।
- गाँधी जी इन दोनों के विचारों से अत्याधिक प्रभावित थे।
- मनुष्य के सौभाग्य का सूर्योदय कब होगा? 1
- मज़दूरों द्वारा क्रांति करने से
- मशीनों के हट जाने से
- सभी लोगों को काम मिलने से
- मानवीय दक्षताओं को महत्त्व मिलने से
- मनुष्य के दुख में निरंतर वृद्धि का क्या कारण बताया गया है? 1
- मशीनों पर अत्यधिक आश्रित हो जाना
- मानवीय दक्षता की आलोचना
- पूँजी पतियों द्वारा गरीबों का शोषण
- काली मशीनों द्वारा मनुष्यों का भक्षण
निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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यह एक 'साधारण महिला' की असाधारण कहानी है, जो अपनी असाधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से प्रोत्साहन व प्रेरणा लेकर सफलता के शिखर पर पहुँची है। वहाँ अंतरिक्ष में रहते हुए सुनीता का मन बारिश में भीगने, समुद्र या झील या फिर सरोवर में तैरने को कर रहा था। दरअसल अंतरिक्ष में रहते हुए हरदम गंदगी-सी महसूस होती है। भारहीनता के कारण पसीने की बूँद त्वचा से चिपकी रहती हैं। और धीरे-धीरे इकट्ठा होकर त्वचा को छोड़ देती हैं, लेकिन किसी चीज से टकराने से पहले वे इधर - इधर तैरती सी रहती हैं। कभी-कभी सुनीता का पृथ्वी को स्पर्श करने का मन करता था। वह अपोलो के अंतरिक्ष यात्रियों के बारे में सोचने लगती थी और यह सोचती थी कि चंद्रमा पर पूरी तरह उतरने से पहलें ही पृथ्वी पर वापस आना उन्हें कितना निराशाजनक लगा होगा। रात से पृथ्वी जैसे टिमटिमाने लगती थी और जो क्षेत्र दिन में वीरान दिखाई दे रहे थे, वे चमत्कारी रूप से छोटी-छोटी बत्तियों के प्रकार से जगमगा उठते थे। ऐसे में सुनीता का जी करता था, 'समुद्र मैं डुबकी लगाने का। |
(1) कृति पूर्ण कीजिए : (2)

(2) कृति पूर्ण कीजिए : (2)

(3) परिवार से प्रोत्साहन तथा प्रेरणा का महत्त्व' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढक़र इसके आधार पर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
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आज के दौर में जिसे देखो, वही दुखी, परेशीन, हताश और उदास नजर आता है। तमाम तरह की चिंताओं ने लोगों को घेर रखा है। कोई अपनी सेहत को लेकर परेशान रहता है, तो कोई काम-धंधे की मंदी या वेतन में कटौती से दुखी है। किसी को भविष्य की चिंता सता रही है तो कोई अपने मान-सम्मान के बारे में सोच कर मायूस महसूस कर रहा है। जाहिर है, ऐसे में हर कोई खुशी के पीछे भाग रहा है। कई लोग सोचते हैं कि अमीर उद्योगपति या मोटा वेतन पाने वाले पेशेवर लोग खुश रहते हैं और गरीबी या आर्थिक विपनन्नता ही खुशी से वंचित रहने की एकमात्र वजह है। लेकिन अगर धन से खुशी आती तो दुनिया में कई धनी लोग कुंठा और हताशा में जीवन नहीं जीते। खुशी पैसा नहीं, संतुष्टि का भाव है। यह पैसे से नहीं, हमारे प्रयासों से आती है और सबसे बड़ी बात है कि खुशी के पीछे भागने से खुशी नहीं मिलती। खुशी हमारे बिल्कुल आसपास होती है, जिसे हमें पहचानना और ग्रहण करना होता है। ज्यादातर लोग खुशी हमेशा बाहर खोजते हैं, जबकि यह उसी परिवार में उपलब्ध होती है, जिसका हम अहम हिस्सा होते हैं। मुश्किल यह हैं कि आजकल परिवार की परिभाषा सिकुड़ गई है। हम सिर्फ पति-पत्नी और अपने बच्चों को ही परिवार मानने लगे हैं जबकि भाई-बहन, देवर-देवरानी, जेट-जेठानी, सास-ससुर, चाचा-मामा आदि सभी इस परिवार के सदस्य होते हैं। जब हम अपने परिवार के सदस्यों की खुशी में सच्चे मन से सम्मिलित होने लगते हैं और उनकी खुशी के लिए सक्रिय रहते हैं, तो खुशी स्वयं हमारे पास आती है। जब हम इस मानसिकता से व्यवहार करते हैं, तो परिवार के दूसरे सदस्य भी हमारे लिए ऐसा ही करते हैं। फिर खुशी न मिलने का कोई कारण नहीं हो सकता। इसलिए हम भले ही एक चारदीवारी में न रहकर अलग रहते हों, अलग खाना बनाते हैं, लेकिन मन से हम अपने संपूर्ण परिवार से जुड़े रह सकते हैं । |
(i) निम्नलिखित में से कौन-सा/से वाक्य गद्यांश से मेल खाते हैं ? [1]
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- संपूर्ण परिवार से जुड़कर खुशी पाई जा सकती है।
- दादा-दादी, चाचा-चाची, बुआ आदि को मिलाकर परिवार मानना चाहिए।
- दुनिया में सभी धनी कुंठाग्रस्त और हताश नहीं है।
- तथाकथित खुशी को धन से नहीं खरीदा जा सकता।
विकल्प:- केवल I
- II और III
- केवल IV
- I, II, IV
(ii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर लिखिए: [1]
कथन: हमें अपने परिवार की खुशियों में सच्चे मन से और सक्रियता से उपस्थित रहना चाहिए।
कारण: यही प्रसन्न रहने का एकमात्र साधन है।
विकल्प:
- कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं।
- कथन ग़लत हैं, लेकिन कारण सही है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- कथन सही है, लेकिन कारण उसकी गलत व्याख्या करता है।
(iii) प्रत्येक व्यक्ति खुशी के पीछे क्यों भाग रहा है? [1]
- आर्थिक विपन्नता के कारण
- विभिन्न चिंताओं से घिरे होने के कारण
- 'खुशी' से स्वस्थ रह पाएँगे, ऐसी सोच के कारण
- 'खुशी' से पैसा आएगा, ऐसी सोच के कारण
(iv) खुश रहने के लिए आवश्यक है: [1]
- आर्थिक संपन्नता
- प्रतिष्ठित होना
- उद्योगपति होना
- संतोषी होना
(v) आजकल लोगों की चिंता के कारण हैं: [1]
- अस्वस्थ होना, वेतन कटौती, व्यावसायिक मंदी
- आर्थिक मंदी, अस्वस्थ होना, हताशा
- उदासी, वेतन कटौती, व्यावसायिक मंदी
- निराशा, आर्थिक मंदी, अस्वस्थ होना
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:
| लगभग एक सप्ताह यही क्रम चलता रहा। हर समय एक व्यक्ति उनके पास बैठा रहता। कभी माँ तो कभी मीनू, कभी रोहित तो कभी आशा। उन सबकी सेवा व ईश्वर के आशीर्वाद से पिताजी की दशा में काफी सुधार हो गया। अब वे धीरे-धीरे अपने आप बैठने भी लगे थे, और थोड़ी देर बातें भी कर लेते थे। प्रात: लगभग नौ बजे का समय था। उस समय हल्की वर्षा की बुँदें पड़ रही थी। तभी घर के बाहर एक कार आकर रुकी। |
- 'पिताजी' को क्या हुआ था? डॉक्टर ने उन्हें क्या सलाह दी थी? [2]
- कार से कौन आए थे और क्यों? [2]
- बुआ जी जाते-जाते अपने भैया को क्या-क्या सलाह दे गई? क्या उपर्युक्त अवसर पर उनकी यह सलाह उचित थी? समझाइए। [3]
- पिताजी द्वारा मीनू को शादी का सुझाव दिए जाने पर मीनू ने उन्हें क्या कहकर समझाया? [3]
