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प्रोटीन की संरचना पर विकृतीकरण का क्या प्रभाव होता है?

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प्रश्न

प्रोटीन की संरचना पर विकृतीकरण का क्या प्रभाव होता है?

लघु उत्तरीय
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उत्तर

प्रोटीन ऊष्मा, खनिज अम्ल, क्षार आदि की क्रिया के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। गर्म करने या खनिज अम्लों की क्रिया कराने पर गोलिकामय प्रोटीन (विलेय प्रोटीन) स्कंदित या अवक्षेपित होकर तंतुमय प्रोटीन देते हैं जोकि जल में अविलेय होते है जिसके परिणामस्वरूप प्रोटीन की जैव सक्रियता समाप्त हो जाती है। रासायनिक रूप से विकृतिकरण प्राथमिक संरचना को परिवर्तित नहीं करता है, लेकिन प्रोटीन की द्वितीयक तथा तृतीयक संरचनाएँ परिवर्तित हो जाती हैं।

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प्रोटीन
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अध्याय 10: जैव-अणु - अभ्यास [पृष्ठ ३०९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 10 जैव-अणु
अभ्यास | Q 10.18 | पृष्ठ ३०९

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