Advertisements
Advertisements
प्रश्न
प्रोटीन की संरचना पर विकृतीकरण का क्या प्रभाव होता है?
Advertisements
उत्तर
प्रोटीन ऊष्मा, खनिज अम्ल, क्षार आदि की क्रिया के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। गर्म करने या खनिज अम्लों की क्रिया कराने पर गोलिकामय प्रोटीन (विलेय प्रोटीन) स्कंदित या अवक्षेपित होकर तंतुमय प्रोटीन देते हैं जोकि जल में अविलेय होते है जिसके परिणामस्वरूप प्रोटीन की जैव सक्रियता समाप्त हो जाती है। रासायनिक रूप से विकृतिकरण प्राथमिक संरचना को परिवर्तित नहीं करता है, लेकिन प्रोटीन की द्वितीयक तथा तृतीयक संरचनाएँ परिवर्तित हो जाती हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
चिकित्सार्थ अभिकर्ता (therapeutic agents) के रूप में प्रयोग में आने वाले प्रोटीन का पता लगाइए व सूचीबद्ध कीजिए। प्रोटीन की अन्य उपयोगिताओं को बताइए। (जैसे-सौन्दर्य-प्रसाधन आदि)।
क्या आप प्रोटीन की अवधारणा के आधार पर वर्णन कर सकते हैं कि दूध का दही अर्थवा योगर्ट में परिवर्तन किस प्रकार होता है?
ऐमीनो अम्लों के गलनांक एवं जल में विलेयता सामान्यतः संगत हैलो अम्लों की तुलना में अधिक होती है। समझाइए।
अंडे को उबालने पर उसमें उपस्थित जल कहाँ चला जाता है?
प्रोटीन के संदर्भ में निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए।
पेप्टाइड बंध
प्रोटीन के संदर्भ में निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए।
प्राथमिक संरचना
प्रोटीन के संदर्भ में निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए।
विकृतीकरण
प्रोटीन की द्वितीयक संरचना के सामान्य प्रकार क्या हैं?
प्रोटीन की α-हेलिक्स संरचना के स्थायीकरण में कौन-से आबंध सहायक होते हैं?
रेशेदार तथा गोलिकाकार (globular) प्रोटीन को विभेदित कीजिए।
