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‘परिमल’ क्या है? लेखक को परिमल के दिन क्यों याद आते हैं?

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प्रश्न

‘परिमल’ क्या है? लेखक को परिमल के दिन क्यों याद आते हैं?

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उत्तर

‘परिमल’ इलाहाबाद की एक साहित्यिक संस्था है, जिसमें युवा और प्रसिद्ध साहित्य प्रेमी अपनी रचनाएँ और विचार एक-दूसरे के समक्ष रखते थे। लेखक को परिमल के दिन इसलिए याद आते हैं, क्योंकि फ़ादर भी ‘परिमल’ से जुड़े। वे लेखक एवं अन्य साहित्यकारों के हँसी-मजाक में शामिल होते, गोष्ठियों में गंभीर बहस करते और लेखकों की रचनाओं पर बेबाक राय और सुझाव देते थे।

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मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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