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फ़ादर कामिल बुल्के द्वारा भारत को ही अपनी कर्मभूमि चुनने का कारण ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार परस्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - A

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प्रश्न

फ़ादर कामिल बुल्के द्वारा भारत को ही अपनी कर्मभूमि चुनने का कारण ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार परस्पष्ट कीजिए।

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उत्तर

फ़ादर कामिल बुल्के का जन्म बेल्जियम के रेम्स चैंपल में हुआ था। जब वे इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष में थे तब उनके मन में संन्यासी बनने की इच्छा जाग्रत हुई। उनके मन में भारत आने की ललक थी, संन्यास लेते समय उन्होंने भारत जाने की शर्त रखी थी। तभी से भारत को ही अपनी कर्मभूमि चुनने का कारण ही उनकी यह शर्त थी, क्योंकि भारत विद्या का केंद्र है।

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मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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2021-2022 (March) Delhi Set 1

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अथवा
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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ से क्या संदेश मिलता है? अपने शब्दों में समझाइए।


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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के लेखक और फ़ादर बुल्के के संबंध, आपकी दृष्टि में कैसे थे? इससे फ़ादर के स्वभाव के विषय में क्या कहा जा सकता है?


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