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फ़ादर पास्कल ने ऐसा क्यों कहा कि इस धरती से ऐसे और रत्न पैदा हों?

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प्रश्न

फ़ादर पास्कल ने ऐसा क्यों कहा कि इस धरती से ऐसे और रत्न पैदा हों?

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उत्तर

फ़ादर कामिल बुल्के वास्तव में रत्न थे। वे करुणा, सहानुभूति और ममत्व से भरपूर थे। वे सदा दूसरों में प्यार बाँटते थे। क्रोध उन्हें छू भी न सका था। भारत आने के बाद वे भारत के होकर रह गए और यहीं की संस्कृति में रचबसकर रह गए। वे दुख में सांत्वना देते तथा सुख और उत्सव में बड़े भाई-सा आशीर्वाद देते। उनका साथ देवदारु वृक्ष की छाया जैसा होता। उनके मानवीय गुणों को याद कर फ़ादर पास्कल ने कहा कि धरती से ऐसे और रत्न पैदा हों।

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मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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