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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 150 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए:
परोपकार
- परोपकार का अर्थ
- महापुरुषों एवं प्रकृति के उदाहरण
- सामाजिक जीवन में परोपकार आवश्यक क्यों?
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उत्तर
परोपकार
भारतीय संस्कृति आरंभ से ही व्यक्ति को स्वार्थ की संकुचित परिधि से निकलकर परोपकार की ओर उन्मुख करने की प्रेरणा देती रही है। भारतीय संस्कृति में परपीड़ा को सबसे बड़ा अधर्म कहकर संबोधित किया गया है। हमारे इतिहास में कई महापुरुष हुए हैं जिन्होंने परोपकार का आदर्श प्रस्तुत किया। महर्षि दधीचि ने अपनी जान देकर समस्त प्राणियों की रक्षा की। महात्मा बुद्ध ने लोक कल्याण के लिए अपना राज्य त्याग दिया और ज्ञान प्राप्त किया। चंद्रशेखर आजाद, रानी लक्ष्मीबाई, और भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राण अर्पित कर दिए।
परोपकार के लिए यदि प्राणों का भी बलिदान देना पड़े तो उसे सहर्ष स्वीकार करना चाहिए। त्याग ही मनुष्य को महान बनाता है। विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सद्गुणों और सत्प्रवृत्तियों को बनाए रखना ही सच्ची महानता है। मनुष्य को लोगों की भलाई के लिए अपने सुख-दुख की चिंता छोड़कर दूसरों की सेवा करनी चाहिए।
