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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 150 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए:
ज़िंदगी जिन्दादिली का नाम है
- भूमिका
- नवीन दृष्टिकोण
- निष्काम कर्म
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उत्तर
ज़िंदगी ज़िंदादिली का नाम है
'ज़िंदगी जिन्दादिली का नाम है' का अर्थ है जीवन को पूरे जोश और उत्साह के साथ जीना। जो व्यक्ति अपने जीवन को खुलकर जीता है, वह सुख-दुख, आशा-अभिलाषा से प्रभावित नहीं होता। जीवन का वास्तविक सुख यही है कि हर दिन की खुशी का आनंद लें और मस्ती से जिएं। अपने सपनों को पूरा करने के लिए वर्तमान का सही उपयोग करें, क्योंकि बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। आज को उत्साह और खुशी से जीने का नाम ही जिन्दादिली है। ज़िंदादिल बनने के लिए खुशी आवश्यक है, क्योंकि खुशदिल इंसान ही सच्चे मायने में ज़िंदादिल होता है। परंतु खुशी को ढूंढना कहाँ और कैसे?
कुछ लोग खुशी को धन, प्रसिद्धि, अध्यात्म, पढ़ाई-लिखाई, या समाज सेवा में ढूंढते हैं। परंतु सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है, लेकिन हम उसे बाहर ढूंढते हैं। यह स्थिति कस्तूरी मृग के समान है, जो अपनी नाभि में मौजूद कस्तूरी की सुगंध को बाहर खोजता है। वास्तविक खुशी हमें ज़िंदादिल बनाती है, और यह तब मिलती है जब हम निष्काम भाव से, बिना लाभ-हानि की अपेक्षा किए, कार्य करें। इस संसार में दो प्रकार के लोग होते हैं- सकारात्मक और नकारात्मक। यह सच्चाई थोड़ी अटपटी लग सकती है, परंतु यही कड़वी हकीकत है।
कुछ युवाओं में जीवन के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण होने के कारण उनके जीवन में न उत्साह होता है, न उमंग। उनके चेहरे बुझे हुए लगते हैं, और वे जवानी में ही बूढ़े महसूस करने लगते हैं। वहीं, कुछ वृद्ध, जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण अपनी उम्र के बावजूद ताजगी और उमंग बनाए रखते हैं। यही ज़िंदादिली है। हालांकि, इसके साथ पारिवारिक, नैतिक, और सामाजिक कर्तव्यों को पूरा करना भी हमारा धर्म है। इन दोनों पहलुओं के बीच सामंजस्य बनाकर चलें और जीवन का आनंद लें।
