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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर दो से तीन सौ शब्दों में लेख लिखिए-
दीया और तूफ़ान
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उत्तर
दीया और तूफ़ान
एक रात तेज़ तूफ़ान आया। आकाश में काले बादल छा गए और तेज़ हवाएँ चलने लगीं। पेड़-पौधे जोर-जोर से हिलने लगे। चारों ओर अँधेरा फैल गया। उसी समय एक छोटे-से घर में मिट्टी का एक दीया जल रहा था। उसकी लौ हवा के तेज़ झोंकों से बार-बार काँप रही थी, फिर भी वह बुझने को तैयार नहीं थी।
तूफ़ान ने दीये से कहा, “तुम इतने छोटे हो, मेरे सामने तुम्हारा अस्तित्व ही क्या है? मैं एक पल में तुम्हें बुझा सकता हूँ।” दीये ने शांत स्वर में उत्तर दिया, “तुम चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हो, मैं अँधेरे को दूर करने का प्रयास करता रहूँगा।”
तूफ़ान और तेज़ हो गया। दीये की लौ कभी झुकती, कभी सीधी होती, लेकिन उसने अपना प्रकाश बनाए रखा। अंत में तूफ़ान धीरे-धीरे शांत हो गया। रात बीतने लगी और सुबह की पहली किरण धरती पर दिखाई देने लगी। दीया अभी भी जल रहा था।
यह दृश्य हमें एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। दीया आशा, साहस और संघर्ष का प्रतीक है, जबकि तूफ़ान कठिनाइयों और समस्याओं का प्रतीक है। जीवन में भी मनुष्य के सामने अनेक कठिन परिस्थितियाँ आती हैं। कभी असफलता, कभी निराशा और कभी परेशानियाँ उसे कमजोर करने का प्रयास करती हैं। लेकिन यदि मनुष्य अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहे, तो वह कठिनाइयों का सामना कर सकता है।
दीया हमें सिखाता है कि छोटी-सी आशा भी बड़े अँधेरे को चुनौती दे सकती है। इसलिए जीवन में कितनी भी कठिन परिस्थितियाँ आएँ, हमें निराश नहीं होना चाहिए और अपने भीतर की आशा की लौ को हमेशा जलाए रखना चाहिए।
