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निम्नलिखित परिस्थितियों में क्या प्रेक्षण होंगे? कोलॉइडी सॉल में से विद्युतधारा प्रवाहित की जाती है।

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प्रश्न

निम्नलिखित परिस्थितियों में क्या प्रेक्षण होंगे?

कोलॉइडी सॉल में से विद्युतधारा प्रवाहित की जाती है।

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

कोलॉइडी कण गति करते हैं (वैद्युत-कण संचलन)।

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कोलॉइडी
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द्रवरागी एवं द्रवविरागी सॉल क्या होते हैं? प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए। द्रवविरोधी सॉल आसानी से स्कन्दित क्यों हो जाते हैं?


निम्नलिखित परिस्थितियों में क्या प्रेक्षण होंगे?

जलयोजित फेरिक ऑक्साइड सॉल में NaCl विद्युत-अपघट्य मिलाया जाता है।


निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –

वैद्युत कण संचलन


निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –

स्कदंन


निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. दो विपरीत आवेश वाले सॉलों को मिलाने से उनके आवेश उदासीन हो जाते हैं और कोलॉइड स्थायी हो जाता है।
  2. कोलॉइड कणों पर बराबर और एक जैसा आवेश कोलॉइडों को स्थायित्व प्रदान करता है।
  3. पायसों को बिना अस्थायी बनाए उनमें परिक्षिप्त द्रव की कोई भी मात्रा मिलाई जा सकती है।
  4. ब्राउनी गति सॉलों को स्थायित्व देती है।

जब एक कोलॉइडी विलयन पर विद्युत्‌ क्षेत्र लगाया जाता हैं और वैद्युत कण-संचलन रुक जाता हैँ तो क्या परिघटना होती है?

(i) प्रतिलोम परासरण होने लगता है।

(ii) वैद्युत् परासरण होने लगता है।

(iii) परिक्षेपण माध्यम गति करना प्रारम्भ कर देता है।

(iv) परिक्षेपण माध्यम स्थिर हो जाता है।


जब कोलॉइडी विलयन पर विद्युत् क्षेत्र अनुप्रयुक्त किया जाता है तो क्या होता है?


गरम जल के आधिक्य में FeCl3 मिलाकर एक कोलॉइड बनाया गया। यदि इस कोलॉइड में NaCl आधिक्य में मिलाया जाए तो क्या होगा?


कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) रक्षी कोलॉइड (a) \[\ce{FeCl3 + NaOH}\]

(ii) द्रव-द्रव कोलॉइड

(b) द्रवरागी कोलॉइड
(iii) धन आवेशित कोलाँइड (c) पायस
(iv) ऋण आवेशित कोलॉइड (d) FeCl3 + गरम जल

कॉलम I में दिए गए मदों को कॉलम II में दिए गए परिक्षेपण के प्रकारों से सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) मक्खन (a) द्रव का द्रव में परिक्षेपण
(ii) प्यूमिस पत्थर (b) ठोस का द्रव में परिक्षेपण
(iii) दूध (c) गैस का ठोस में परिक्षेपण
(iv) पेन्ट (d) द्रव का ठोस में परिक्षेपण

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