Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित कथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण एवं उदाहरण सहित बताइए कि क्या यह सत्य है या असत्य है:
अदिश वह राशि है जो किसी प्रक्रिया में संरक्षित रहती है।
विकल्प
सत्य
असत्य
Advertisements
उत्तर
यह विधान असत्य है।
स्पष्टीकरण:
किसी अदिश का किसी प्रक्रिया में संरक्षित रहना आवश्यक नहीं है। उदाहरण के लिए, ऊर्जा, जो कि एक अदिश राशि है, अलोचनीय टकरावों में संरक्षित नहीं होती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित भौतिक राशियों में से बतलाइए कि कौन-सी सदिश हैं और कौन-सी अदिश:
आयतन, द्रव्यमान, चाल, त्वरण, घनत्व, मोल संख्या, वेग, कोणीय आवृत्ति, विस्थापन, कोणीय वेग।
निम्नांकित सूची में से दो अदिश राशियों को छाँटिए-
बल, कोणीय संवेग, कार्य, धारा, रैखिक संवेग, विद्युत क्षेत्र, औसत वेग, चुंबकीय आघूर्ण, आपेक्षिक वेग।
निम्नलिखित सूची में से एकमात्र सदिश राशि को छाँटिए-
किसी कण की स्थिति सदिश निम्नलिखित है:
`"r" = (3.0 "t"overset(^)("i") - 2.0 "t"^2 overset(^)("j") + 4.0 overset(^)("k"))`m
समय t सेकण्ड में है तथा सभी गुणकों के मात्रक इस प्रकार से हैं कि r में मीटर में व्यक्त हो जाए।
- कण का v तथा a निकालिए,
- t = 2.0s पर कण के वेग का परिमाण तथा दिशा कितनी होगी?
निम्नलिखित कथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण एवं उदाहरण सहित बताइए कि क्या यह सत्य है या असत्य है:
अदिश वह राशि है जो कभी ऋणात्मक नहीं होती।
निम्नलिखित कथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण एवं उदाहरण सहित बताइए कि क्या यह सत्य है या असत्य है:
अदिश वह राशि है जो विमाहीन होती है।
निम्नलिखित में से कथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण एवं उदाहरण सहित बताइए कि क्या यह सत्य है या असत्य :
अदिश वह राशि है जो उन सभी दर्शकों के लिए एक ही मान रखती है चाहे अक्षों से उनके अभिविन्यास भिन्न-भिन्न क्यों न हों?
निम्नलिखित कथन को ध्यानपूर्वक पढिए और कारण सहित बताइए कि यह सत्य है या असत्य :
किसी सदिश का प्रत्येक घटक सदैव अदिश होता है।
निम्नलिखित कथन को ध्यानपूर्वक पढिए और कारण सहित बताइए कि यह सत्य है या असत्य:
किसी कण द्वारा चली गई पथ की कुल लंबाई सदैव विस्थापन सदिश के परिमाण के बराबर होती है।
निम्नलिखित कथन को ध्यानपूर्वक पढिए और कारण सहित बताइए कि यह सत्य है या असत्य:
किसी कण की औसत चाल (पथ तय करने में लगे समय द्वारा विभाजित कुल पथ-लंबाई) समय के समान-अंतराल में कण के औसत वेग के परिमाण से अधिक या उसके बराबर होती है।
