Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित अभिक्रिया के संदर्भ में सही कथन बताइए -
\[\ce{P4 + 3OH- + 3H2O -> PH3 + 3H2PO^-_2}\]
विकल्प
फ़ॉस्फ़ोरस का केवल अपचयन हो रहा है।
फ़ॉस्फ़ोरस का केवल ऑक्सीकरण हो रहा है।
फ़ॉस्फ़ोरस का ऑक्सीकरण तथा अपचयन दोनों हो रहे हैं।
हाइड्रोजन का न तो ऑक्सीकरण हो रहा है न ही अपचयन।
MCQ
Advertisements
उत्तर
फ़ॉस्फ़ोरस का ऑक्सीकरण तथा अपचयन दोनों हो रहे हैं।
हाइड्रोजन का न तो ऑक्सीकरण हो रहा है न ही अपचयन।
स्पष्टीकरण:
\[\ce{P4 + 3OH- + 3H2O -> PH3 + 3H2PO^-_2}\]
- फ़ॉस्फ़ोरस (P4):
- अभिकारक पक्ष में (P4) मुक्त अवस्था में है, इसलिए इसकी ऑक्सीकरण संख्या = 0 है।
- उत्पाद पक्ष में PH3 में P की ऑक्सीकरण संख्या = −3 है। अतः 0 से −3 होने पर फ़ॉस्फ़ोरस का अपचयन होता है।
- उत्पाद पक्ष में \[\ce{H2PO^-_2}\] में P की ऑक्सीकरण संख्या = +1 है। अतः 0 से +1 होने पर फ़ॉस्फ़ोरस का ऑक्सीकरण होता है।
- इस प्रकार, फ़ॉस्फ़ोरस का एक भाग ऑक्सीकरण तथा दूसरा भाग अपचयन दोनों करता है। इसलिए यह असमानुपातन अभिक्रिया है।
- हाइड्रोजन (H):
- अभिकारकों OH− और H2O में हाइड्रोजन की ऑक्सीकरण संख्या +1 है।
- उत्पादों PH3 और \[\ce{H2PO^-_2}\] में भी हाइड्रोजन की ऑक्सीकरण संख्या +1 रहती है।
- अतः हाइड्रोजन की ऑक्सीकरण संख्या में कोई परिवर्तन नहीं होता, इसलिए हाइड्रोजन का न तो ऑक्सीकरण होता है और न ही अपचयन।
shaalaa.com
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
