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प्रश्न
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड से संयोजित किए जाने पर निम्नलिखित में से कौन-से इलैक्ट्रोड, ऐनोड केरूप में कार्य करेंगे?
विकल्प
Al/Al3+ EΘ = −1.66
Fe/Fe2+ EΘ = −0.44
Cu/Cu2+ EΘ = +0.34
\[\ce{F_2_{(g)}/2F^−_{( aq)}}\] EΘ = +2.87
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उत्तर
Al/Al3+ EΘ = −1.66
Fe/Fe2+ EΘ = −0.44
स्पष्टीकरण:
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड (SHE) का मानक अपचयन विभव EΘ = 0.00V होता है।
जिस इलेक्ट्रोड का मानक अपचयन विभव (EΘ) 0.00 V से कम (ऋणात्मक) होता है, वह SHE से संयोजित होने पर ऐनोड के रूप में कार्य करता है, क्योंकि वहाँ ऑक्सीकरण होता है।
दिए गए इलेक्ट्रोडों का विश्लेषण:
Al/Al3+, EΘ = −1.66
E° < 0
विभव का मान 0.00 V से कम (ऋणात्मक) है।
इसलिए, यह ऐनोड के रूप में कार्य करेगा।
Fe/Fe2+, EΘ = −0.44
E° < 0
इसलिए, यह भी ऐनोड के रूप में कार्य करेगा।
Cu/Cu2+, EΘ = +0.34
E° > 0
विभव धनात्मक है, इसलिए यह कैथोड बनेगा।
\[\ce{F_2_{(g)}/2F^−_{( aq)}}\], EΘ = +2.87
E° > 0
विभव धनात्मक है, इसलिए यह कैथोड बनेगा।
