हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (मराठी माध्यम) ९ वीं कक्षा

निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए: गेहूँ गीला होना

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प्रश्न

निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:

गेहूँ गीला होना

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

आटा गिला होना।

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व्याकरण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.1: गागर में सागर - स्वाध्याय [पृष्ठ २८]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) Lokvani Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 2.1 गागर में सागर
स्वाध्याय | Q ६. | पृष्ठ २८

संबंधित प्रश्न

निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो 

नाखून


लिखो :

पर्यायवाची शब्द :


लिखो :

पर्यायवाची शब्द :


निम्‍न शब्‍द के पर्यायवाची शब्‍द लिखिए:


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

अब हम उसे दुत्‍कार रहे हैं।


रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:

पूर्णिमा के दिन चाँद परिपूर्णता लिए हुए था।


निम्‍न में से संज्ञा तथा विशेषण पहचानकर भेदों सहित लिखिए तथा अन्य पाठ्‌यपुस्‍तक से खोजकर नए वाक्‍य बनाइए :


निम्नलिखित वर्णों से समानार्थी और विरुद्धार्थी शब्दों की जोड़ियाँ ढूँढ़ो और अपने वाक्‍यों में प्रयोग करके कॉपी में लिखो:


निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:

घूमना - ______

सेहत के लिए ______ अच्छा होता है।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :

ताकत के लिए संतुलित आहार आवश्यक है।


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

सदैव सत्य के पथ पर चलो।


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

यदि बिजली आएगी तो रोशनी होगी।


हिंदी-मराठी के समोच्चारित शब्दों की अर्थ भिन्नता बताओ और लिखो।

मराठी अर्थ   समोच्चारित शब्द हिंदी अर्थ
  ← कल →  
  ← सही →  
  ← खोल →  
  ← आई →  
  ← परत →  

निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग लगाकर लिखो।


______ तो चेहरा चार्ली-चार्ली हो जाता है। वाक्य में चार्ली शब्द की पुनरुक्ति से किस प्रकार की अर्थ-छटा प्रकट होती है? इसी प्रकार के पुनरुक्त शब्दों का प्रयोग करते हुए कोई तीन वाक्य बनाइए। यह भी बताइए कि संज्ञा किन स्थितियों में विशेषण के रूप में प्रयुक्त होने लगती है?

शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह शब्द विलोम
अप + कीर्ति   ×

शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह  शब्द  विलोम
+ दुर्लभ ×

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ अभि + इष्ट  

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
महौषधि ______ + ______  

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ दु: + प्रकृति  

निम्न संवाद को पढ़िए, समझिए तथा कारक रेखांकित करके उनके चिह्नों के नाम लिखिए:- 

जंगल के राजा शेरसिंह टेलीविजन पर समाचार देख रहे थे, कई समाचार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के बारे में थे, वे इसके समाधान के लिए कुछ करना चाहते थे-

शेरसिंह - जंबो हाथी को बुलाया जाए।
सेवक - जो आज्ञा महाराज।
जंबाे - प्रणाम महाराज, आपने मुझे याद किया।
शेरसिंह - जंगल में सड़क दुर्घटनाएँ बहुत बढ़ गई हैं। लोग नियमों से दूर जा रहे हैं। इससे मैं बहुत दुखी हूँ।
जंबो - चिंता न करें, मैं इस मामले में आपकी सहायता करूँगा। मुझे रिपोर्ट बनाने के लिए समय दें।
शेरसिंह - जंबो ! तुम पूरा समय लो।
(कुछ दिनों बाद रिपोर्ट लेकर जंबो पहुँचा।)
जंबो - महाराज, जंगल निवासी ट्रैफिक के नियमों का पालन नहीं करते हैं।
शेरसिंह - ठीक है, हम नागरिकों से ट्रैफिक के नियमों का सख्ती से पालन करवाएँगे।
जंबो - दोपहिया चलाने वालों को हेल्मेट पहनना और कार चलाने वालों को सीट बेल्ट बांधना अनिवार्य कर सकते हैं।
शेरसिंह - विद्यालयों, अस्पतालों और पार्किंगवाले स्थानों के पास गति सीमा को बताने वाले चिह्नों को क्यों न लगा दिया जाए?
जंबो - महाराज, साइकिल चलाने वालों और पैदल चलने वालों के लिए आप एक अलग से रास्ता बनवा सकते हैं।
शेरसिंह - तुम्हारी सलाह के लिए तुम्हें धन्यवाद।

 

क्र. कारक कारक चिह्न
     

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।

उपर्युक्‍त अंश से पंद्रह शब्‍द ढूँढ़िए उनमें प्रत्‍यय लगाकर शब्‍दों को पुनः लिखिए।


रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:

असामाजिक गतिविधियों के कारण वह दंडित हुआ।


रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

मैं ______ बुलाए भी कहीं जा पहुँचता हूँ।


रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

वह बाजार गया ______ उसे किताब खरीदनी थी।


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
!    

शब्‍द संपदा -

शब्‍दों के लिंग, वचन, विलोमार्थक, समानार्थी, पर्यायवाची, शब्‍दयुग्‍म, अनेक शब्‍दों के लिए एक शब्‍द, भिन्नार्थक शब्‍द, कठिन शब्‍दों के अर्थ, विरामचिह्न, उपसर्ग-प्रत्‍यय पहचानना/अलग करना, लय-ताल युक्‍त शब्‍द ।


निम्नलिखित वाक्य में रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने शत्रु सेना के सामने ______ स्वीकार नहीं किया।


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