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नीचे दृश्य दिए गए हैं। रेडियो नाटक में इस दृश्य को आप किस-किस तरह से प्रस्तुत करेंगे, विवरण दीजिए। सुबह का समय

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प्रश्न

नीचे दृश्य दिए गए हैं। रेडियो नाटक में इस दृश्य को आप किस-किस तरह से प्रस्तुत करेंगे, विवरण दीजिए।

सुबह का समय

दीर्घउत्तर
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उत्तर

  • पक्षियों के चहचहाने की आवाज़ सुनाई जा सकती है।
  • मुर्गे की बाँग से सुबह होने का संकेत दिया जा सकता है।
  • मंदिर की घंटी या अज़ान जैसी आसपास की ध्वनियों का प्रयोग किया जा सकता है।
  • लोगों के उठने, दरवाज़े खोलने, झाड़ू लगाने आदि की दैनिक गतिविधियों की आवाज़ें सुनाई जा सकती हैं।
  • हल्के और मधुर पार्श्व संगीत से सुबह के शांत और प्रसन्न वातावरण को उभारा जा सकता है।
  • पात्रों के संवादों में “सुबह हो गई”, “कितनी सुहानी सुबह है” आदि बातों के माध्यम से भी समय का संकेत दिया जा सकता है।
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अध्याय 12: कैसे बनता है रेडियो नाटक - पाठ से संवाद [पृष्ठ १५४]

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एनसीईआरटी Hindi Abhivyakti aur Madhyam Class 11 and 12
अध्याय 12 कैसे बनता है रेडियो नाटक
पाठ से संवाद | Q 2. (ख) | पृष्ठ १५४
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