हिंदी

नीचे दी गई चीज़ों से आवाज़ें निकालकर देखो। लिखो उनमें से किससे सबसे तेज़ सीटी बजी और किससे सबसे धीरे। आवाज़ की तेज़ी को क्रम में लिखो - टॉफी की पन्नी से पत्ते से गुब्बारे से पेन के ढक्कन से किसी और चीज़ से

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

नीचे दी गई चीज़ों से आवाज़ें निकालकर देखो। लिखो उनमें से किससे सबसे तेज़ सीटी बजी और किससे सबसे धीरे। आवाज़ की तेज़ी को क्रम में लिखो - 

  • टॉफी की पन्नी से
  • पत्ते से
  • गुब्बारे से
  • पेन के ढक्कन से
  • किसी और चीज़ से
टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

सबसे तेज़ से सबसे धीमी सीटी तक का क्रम नीचे दिया गया है:

- पेन के ढक्कन से

- मुंह में उँगलियाँ डालने से

- टॉफी की पन्नी से

- एक गुब्बारे से

- एक पत्ते से

shaalaa.com
उसी से ठंडा उसी से गर्म
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 15: उसी से ठंडा उसी से गर्म - अलग-अलग चीज़ों से सीटी बजाओ [पृष्ठ १४३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
अध्याय 15 उसी से ठंडा उसी से गर्म
अलग-अलग चीज़ों से सीटी बजाओ | Q 1 | पृष्ठ १४३

संबंधित प्रश्न

बालिश्तिये ने जब यह देखा कि लकड़हारा आग सुलगाने के लिए भी और आलू ठंडा करने के लिए भी फूँक रहा था तो उसे बड़ी हैरानी हुई।

अगर हाथों को मुँह से थोड़ी दूरी पर रखो, तब भी क्या मुँह से निकली हुई हवा गर्म लगेगी? क्यों?


क्या तुम कोई और ऐसी स्थिति सोच सकते हो जब फूँक मारने से गर्मी मिलती है?


बालिश्तिये ने देखा कि लकड़हारा गर्म-गर्म आलू को फूँक मारकर ठंडा कर रहा था। अगर वह बिना फूँक मारे ही गर्म-गर्म आलू को खा लेता तो क्या होता?


तुम और क्या-क्या करने के लिए फूँक मारते हो?


क्या तुम ऐसी चीज़ों के नाम बता सकते हो, जिनमें फूँक मारने से सुहावनी आवाज़ निकलती है? उनके नाम लिखो।


क्या तुमने कभी देखा है कि कोई चश्मा साफ़ करने के लिए अपने मुँह से हवा निकाल रहा हो? मुँह से निकली हवा से चश्मा साफ़ करने में कैसे मदद मिलती होगी?


अपनी छाती का नाप लो - एक लंबी गहरी साँस भरो।

  • अपने साथी से कहो कि वह एक धागे से तुम्हारी छाती का नाप ले। नाप ______ 
  • अब साँस छोड़ो और फिर अपने साथी से तुम्हारी छाती नापने को कहो। नाप ______
  • क्या छाती के नाप में कुछ फ़र्क आया?

अपनी नाक के आगे अँगुली रखो। क्या तुम नाक से साँस छोड़ते समय हवा को महसूस कर सकते हो?


अब अपने स्थान पर तीस बार ऊँचा-ऊँचा कूदो। क्या साँस फूलने लगी?


बैठे-बैठे और कूदने के बाद साँस गिनी तो कितना फ़र्क पाया?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×