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प्रश्न
बालिश्तिये ने जब यह देखा कि लकड़हारा आग सुलगाने के लिए भी और आलू ठंडा करने के लिए भी फूँक रहा था तो उसे बड़ी हैरानी हुई।
क्या तुमने भी कभी सर्दी में अपने हाथों पर फूँक मारी है? कैसा लगता है?
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उत्तर
हाँ, मारी है। सर्दियों में हाथ पर फेंक मारने से हाथ को थोड़ी गर्मी मिलती है।
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बालिश्तिये ने जब यह देखा कि लकड़हारा आग सुलगाने के लिए भी और आलू ठंडा करने के लिए भी फूँक रहा था तो उसे बड़ी हैरानी हुई।
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अगर रोटी, चावल और दाल बहुत गर्म हैं तो तुम तीनों को किस-किस तरीके से ठंडा करोगे?
तुम और क्या-क्या करने के लिए फूँक मारते हो?
नीचे दी गई चीज़ों से आवाज़ें निकालकर देखो। लिखो उनमें से किससे सबसे तेज़ सीटी बजी और किससे सबसे धीरे। आवाज़ की तेज़ी को क्रम में लिखो -
- टॉफी की पन्नी से
- पत्ते से
- गुब्बारे से
- पेन के ढक्कन से
- किसी और चीज़ से
क्या तुम इसी तरह शीशे को भी धुँधला बना सकते हो? शीशे को छूकर पता लगा सकते हो कि यह धुँधलापन किस वजह से है? छोड़ी हुई हवा सूखी है या गीली?
अपने हाथ को अपनी छाती पर रखो। अब साँस भरो। क्या हुआ? छाती अंदर गई या बाहर?
अब गिनो कि एक मिनट में तुमने कितनी बार साँस ली और छोड़ी।
बैठे-बैठे और कूदने के बाद साँस गिनी तो कितना फ़र्क पाया?
घड़ी की सुई से होती टिक-टिक की आवाज़ तो तुमने सुनी होगी। क्या तुमने कभी सुना या देखा है कि डॉक्टर हमारी छाती पर स्टेथोस्कोप लगाकर हमारी धड़कन सुन सकते हैं? यह आवाज़ कहाँ से आती है? क्या हमारे अंदर भी कोई घड़ी है जो हमेशा धड़कती रहती है?
फूँक का इस्तेमाल चीज़ों को ठंडा करने के लिए भी करते हैं और गर्म करने के लिए भी। दोनों का एक-एक उदाहरण दो।
