Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्या तुम इसी तरह शीशे को भी धुँधला बना सकते हो? शीशे को छूकर पता लगा सकते हो कि यह धुँधलापन किस वजह से है? छोड़ी हुई हवा सूखी है या गीली?
Advertisements
उत्तर
हाँ, मैं इसी तरह शीशे को भी धुँधला बना सकता हूँ। यह धुँधलापन मुँह से छोड़ी हुई हवा में उपस्थित जलवाष्प के शीशे पर जमने की वजह से है। छोड़ी हुई हवा गीली है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बालिश्तिये ने जब यह देखा कि लकड़हारा आग सुलगाने के लिए भी और आलू ठंडा करने के लिए भी फूँक रहा था तो उसे बड़ी हैरानी हुई।
अगर हाथों को मुँह से थोड़ी दूरी पर रखो, तब भी क्या मुँह से निकली हुई हवा गर्म लगेगी? क्यों?
बालिश्तिये ने देखा कि लकड़हारा गर्म-गर्म आलू को फूँक मारकर ठंडा कर रहा था। अगर वह बिना फूँक मारे ही गर्म-गर्म आलू को खा लेता तो क्या होता?
चित्र 1 - मिन्नी ने चाय को फूँक मार-मारकर जल्दी से ठंडा किया। तुम्हें क्या लगता है कि मिन्नी की चाय ज़्यादा गर्म होगी या उसकी फूँक की हवा?
क्या तुमने कभी देखा या सुना है कि लोग अलग-अलग चीज़ों के इस्तेमाल से अलग-अलग तरह का संगीत बजाते हैं। जैसे - बाँसुरी, ढोलक, बीन, मृदंग, गिटारे, आदि। क्या तुम आँखें बंद करके इनकी आवाज़ें पहचान सकते हो? इन सभी चीज़ों के बारे में और बातें पता करो। चित्र भी इकठ्ठे करो।
क्या तुम ऐसी चीज़ों के नाम बता सकते हो, जिनमें फूँक मारने से सुहावनी आवाज़ निकलती है? उनके नाम लिखो।
अब गिनो कि एक मिनट में तुमने कितनी बार साँस ली और छोड़ी।
अब फिर अपनी नाक के आगे अँगुली रखकर गिनो कि तुमने एक मिनट में कितनी बार साँस छोड़ी।
घड़ी की सुई से होती टिक-टिक की आवाज़ तो तुमने सुनी होगी। क्या तुमने कभी सुना या देखा है कि डॉक्टर हमारी छाती पर स्टेथोस्कोप लगाकर हमारी धड़कन सुन सकते हैं? यह आवाज़ कहाँ से आती है? क्या हमारे अंदर भी कोई घड़ी है जो हमेशा धड़कती रहती है?
आओ सुनें अपनी धड़कन-अपने कंधे से कोहनी तक की लंबाई की एक रबड़ पाइप लो। इस पाइप के एक सिरे पर एक कीप लगा दो। अब कीप को अपनी छाती की बाईं ओर रखकर पाइप के दूसरे सिरे को कान में लगाओ। ध्यान से सुनो। क्या धक-धक की आवाज़ सुन पाए?
फूँक का इस्तेमाल चीज़ों को ठंडा करने के लिए भी करते हैं और गर्म करने के लिए भी। दोनों का एक-एक उदाहरण दो।
