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बालिश्तिये ने जब यह देखा कि लकड़हारा आग सुलगाने के लिए भी और आलू ठंडा करने के लिए भी फूँक रहा था तो उसे बड़ी हैरानी हुई। अपने हाथों को मुँह के पास लाकर ज़ोर से दो-तीन बार फूँक मारो। मुँह

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प्रश्न

बालिश्तिये ने जब यह देखा कि लकड़हारा आग सुलगाने के लिए भी और आलू ठंडा करने के लिए भी फूँक रहा था तो उसे बड़ी हैरानी हुई।

अपने हाथों को मुँह के पास लाकर ज़ोर से दो-तीन बार फूँक मारो। मुँह से छोड़ी हुई फूँक की हवा आस-पास की हवा के मुकाबले कैसी लगी?

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

मुँह से छोड़ी हुई फूँक की हवा आस-पास के हवा के मुकाबले थोड़ी गर्म लगी।

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उसी से ठंडा उसी से गर्म
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अध्याय 15: उसी से ठंडा उसी से गर्म - करके देखो [पृष्ठ १४१]

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एनसीईआरटी Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
अध्याय 15 उसी से ठंडा उसी से गर्म
करके देखो | Q 2 | पृष्ठ १४१

संबंधित प्रश्न

बालिश्तिये ने जब यह देखा कि लकड़हारा आग सुलगाने के लिए भी और आलू ठंडा करने के लिए भी फूँक रहा था तो उसे बड़ी हैरानी हुई।

अगर हाथों को मुँह से थोड़ी दूरी पर रखो, तब भी क्या मुँह से निकली हुई हवा गर्म लगेगी? क्यों?


अपने रुमाल या किसी भी मुलायम कपड़े को दो-तीन बार मोड़ दो। उसे मुँह के पास लाकर दो-तीन बार जोर से फूँक मारो। क्या रूमाल या कपड़ा कुछ गर्म हो गया? करके देखो।


अगर रोटी, चावल और दाल बहुत गर्म हैं तो तुम तीनों को किस-किस तरीके से ठंडा करोगे?


तुम और क्या-क्या करने के लिए फूँक मारते हो?


क्या तुमने कभी देखा या सुना है कि लोग अलग-अलग चीज़ों के इस्तेमाल से अलग-अलग तरह का संगीत बजाते हैं। जैसे - बाँसुरी, ढोलक, बीन, मृदंग, गिटारे, आदि। क्या तुम आँखें बंद करके इनकी आवाज़ें पहचान सकते हो? इन सभी चीज़ों के बारे में और बातें पता करो। चित्र भी इकठ्ठे करो।


क्या तुमने कभी देखा है कि कोई चश्मा साफ़ करने के लिए अपने मुँह से हवा निकाल रहा हो? मुँह से निकली हवा से चश्मा साफ़ करने में कैसे मदद मिलती होगी?


एक स्टील का गिलास लो। उसे मुँह के पास लाकर मुँह खोलकर ज़ोर से साँस छोड़ो। इस तरह दो-तीन बार साँस छोड़कर देखो। क्या गिलास कुछ धुँधला-सा हो गया है?


अब अपने स्थान पर तीस बार ऊँचा-ऊँचा कूदो। क्या साँस फूलने लगी?


घड़ी की सुई से होती टिक-टिक की आवाज़ तो तुमने सुनी होगी। क्या तुमने कभी सुना या देखा है कि डॉक्टर हमारी छाती पर स्टेथोस्कोप लगाकर हमारी धड़कन सुन सकते हैं? यह आवाज़ कहाँ से आती है? क्या हमारे अंदर भी कोई घड़ी है जो हमेशा धड़कती रहती है?


आओ सुनें अपनी धड़कन-अपने कंधे से कोहनी तक की लंबाई की एक रबड़ पाइप लो। इस पाइप के एक सिरे पर एक कीप लगा दो। अब कीप को अपनी छाती की बाईं ओर रखकर पाइप के दूसरे सिरे को कान में लगाओ। ध्यान से सुनो। क्या धक-धक की आवाज़ सुन पाए?


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