Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नीचे दिए गए शब्दों में अंतर बताओ, उनमें क्या फ़र्क है?
- स्नेह – प्रेम
- ग्रह – गृह
- शांति – सन्नाटा
- निधन – निर्धन
- धूल – राखे
- समान – सामान
Advertisements
उत्तर
- स्नेह (छोटे के लिए प्रेम)- माँ अपने बच्चे से स्नेह करती है।
- प्रेम (छोटे, बड़े सभी के लिए)- राम और लक्ष्मण का प्रेम एक मिसाल है।
- शांति (हलचल न होना)- नेहा, घर में आज इतनी शांति क्यों है?
- सन्नाटा (वातावरण में चुप्पी होना)- रात के वक्त गाँवों में सन्नाटा छा जाता है।
- धूल (मिट्टी)- चारों तरफ़ धूल से प्रदूषण फैल रहा है।
- राख (लकड़ी या कोयले के जलने के बाद बचा पदार्थ)- राख कोयले से बनती है।
- ग्रह (नक्षत्र)- वैज्ञानिकों ने सौर मंडल में आठ ग्रह बताए हैं।
- गृह (घर)- ओजस्व को गृह कार्य नहीं मिला।
- निधन (मृत्यु)- सेठ जी के निधन से गाँव में शोक की लहर दौड़ गई।
- निर्धन (गरीब)- हमारे देश में निर्धन व्यक्ति काफ़ी हैं।
- समान (बराबर)- हमारे देश में सभी लोगों को समान अधिकार मिला हुआ है।
- सामान (वस्तु)- घर में सामान बिखरा पड़ा है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
चिड़िया किसके दाने खाती है?
चिड़िया अपना जीवन कैसे व्यतीत करती है?
चिड़िया के गायन की विशेषताएँ लिखिए।
- पृथ्वी के चारों ओर परिभ्रमण करते हुए चंद्रमा भी पृथ्वी के साथ-साथ सूर्य का परिभ्रमण करता है। इन्हीं दोनों परिभ्रमणों से वर्ष और मास की गणनाएँ होती हैं। सामान्यतः तीस दिनों के महीने होते हैं जिन्हें चन्द्रमा की वार्षिक गति को बारह महीनों में विभाजित करके निर्धारित किया जाता है। तीस दिनों में पंद्रह-पंद्रह दिनों के दो पक्ष होते हैं। जिन पन्द्रह दिनों में चंद्रमा बढ़ते-बढ़ते पूर्णिमा तक पहुँचता है, उसे शुक्लपक्ष और जिन पंद्रह दिनों में चंद्रमा घटते-घटते अमावस्या तक जाता है, उसे कृष्णपक्ष कहते हैं। इसी तरह एक वर्ष के बारह महीनों में छह-छह माह के दो अयन होते हैं। जिन छह महीनों में मौसम का तापमान बढ़ता है, उसे उत्तरायण और जिन छह महीनों में मौसम का तापमान घटता है, उसे दक्षिणायन कहते हैं। संवत् के बारह महीनों के नाम इस प्रकार हैं-चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन।
- अंग्रेजी कैलेंडर की वार्षिक गणना सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के परिभ्रमण की अवधि के अनुसार तीन सौ पैंसठ दिनों की होती है। इसके महीनों की गणना पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा के परिभ्रमण पर आधारित नहीं है। इसमें वर्ष के तीन सौ पैंसठ दिनों को ही बारह महीनों में विभाजित किया गया है। इस कैलेंडर के सभी महीने तीस-तीस दिन के नहीं होते। अप्रैल, नवंबर, जून, सितंबर-इनके हैं दिन तीस। फरवरी है अट्ठाइस दिन की, बाकी सब इकत्तीस।
- नीचे दो प्रकार के कैलेंडर दिए गए हैं। इन्हें देखो और प्रश्नों के उत्तर दो।

(क) ऊपर दिए गए कैलेंडरों में से किस कैलेंडर में चंद्रमा के अनुसार महीने के दिन दिए गए हैं?
(ख) दिए गए दोनों कैलेंडरों के अंतर स्पष्ट करो।
(ग) कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष का क्या अर्थ होता है?
बहुवैकल्पिक प्रश्न
चाँद से गप्पें कौन लड़ा रहा है?
बहुवैकल्पिक प्रश्न
चाँद ने क्या पहना है?
‘बरछी’, ‘कृपाण’, ‘कटारी’ उस ज़माने के हथियार थे। आजकल के हथियारों के नाम पता करो।
बहुविकल्पीय प्रश्न
‘झाँसी की रानी’ कविता किसने लिखी है?
डलहौज़ी प्रसन्न क्यों था?
अंग्रेज़ों के कुचक्र के विरुद्ध रानी ने अपनी वीरता का परिचय कैसे दिया?
बहुविकल्पीय प्रश्न
बच्ची किसके साथ रहने के लिए बड़ी नहीं होना चाहती?
बचपन सुहाना क्यों होता है?
माँ के आँचल की छाया दुनिया की सबसे सुरक्षित स्थान है। कैसे?
बहुविकल्पी प्रश्न
रघुबीर की वधू कौन थी?
बहुविकल्पी प्रश्न
राम की आँखों में आँसू क्यों आ गए?
कविता में ‘ऐसी बड़ी न होऊँ मैं क्यों कहा गया है? क्या तुम भी हमेशा छोटे बने रहना पसंद करोगे?
इस कविता के अंत में कवि माँ से चंद्रोदय दिखा देने की बात क्यों कर रहा है? चाँद के उदित होने की कल्पना करो और अपनी कक्षा में बताओ।
इस कविता को पढ़ने के बाद एक बच्ची और उसकी माँ का चित्र तुम्हारे मन में उभरता है। वह बच्ची और क्या-क्या कहती होगी? क्या-क्या करती होगी? कल्पना करके एक कहानी बनाओ।
लखि – देखकर
धरि – रखकर
पोंछि – पोंछकर
जानि – जानकर
ऊपर लिखे शब्दों और उनके अर्थों को ध्यान से देखो। हिन्दी में जिस उद्देश्य | के लिए हम क्रिया में ‘कर’ जोड़ते हैं, उसी के लिए अवधी में क्रिया में ि (इ) को जोड़ा जाता है, जैसे-अवधी में बैठ + ि = बैठि और हिंदी में बैठ + कर = बैठकर। तुम्हारी भाषा या बोली में क्या होता है? अपनी भाषा के लिए छह शब्द लिखो। उन्हें ध्यान से देखो और कक्षा में सुनाओ।
