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प्रश्न
मञ्जूषातः पर्यायद्वयं चित्वा पदानां समक्षं लिखत -
| शिवः, शिष्टाचारः, शशिः, चन्द्रशेखरः, सुतः, इदानीम्, अधुना, पुत्रः, सूर्यः, सदाचारः, निशाकरः, भानुः |
| (क) | हिमकरः | ....... | ....... |
| (ख) | सम्प्रति | ....... | ....... |
| (ग) | समुदाचारः | ....... | ....... |
| (घ) | पशुपतिः | ....... | ....... |
| (ङ) | तनयः | ....... | ....... |
| (च) | सहस्रदीधितिः | ....... | ....... |
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उत्तर
| (क) | हिमकरः | शशिः | निशाकरः |
| (ख) | सम्प्रति | इदानीम् | अधुना |
| (ग) | समुदाचारः | शिष्टाचारः | सदाचारः |
| (घ) | पशुपतिः | शिवः | चन्द्रशेखरः |
| (ड) | तनयः | पुत्रः | सुतः |
| (च) | सहस्रदीधितिः | सूर्यः | भानुः |
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| (4) | हृदयग्राही | (घ) | प्रवासः |
| (5) | कुमारयोः | (ङ) | कुटुम्बवृत्तान्तः |
अधोलिखितपद सन्धि कुरुत -
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अधोलिखितपद सन्धि कुरुत -
द्वौ + अपि – .......
अधोलिखितपद विच्छेदं कुरुत -
अहमप्येतयोः
अधोलिखितं नाट्यांश पठित्वा प्रदत्तप्रश्नानाम् उत्तराणि संस्कृतेन लिखत।
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अहो! उदात्तरम्यः समुदाचारः। किं नामधेयो भवतोर्गुरुः? |
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(ख) 'जानामि' इति पदस्य कर्तृपदं किम्?
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