हिंदी

‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ पाठ से आज के विद्यार्थियों को क्या प्रेरणा लेनी चाहिए?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ पाठ से आज के विद्यार्थियों को क्या प्रेरणा लेनी चाहिए?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

कहा जाता है कि पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र होती हैं। इनमें तरह-तरह का बहुउपयोगी ज्ञान भरा रहता है। पुस्तकें ज्ञान को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक ले जाने का साधन हैं। ये हमारे सुख-दुख की साथी हैं। पाठ में लेखक भी अंतिम समय तक इनके बीच रहना चाहता है। ऐसे में आज के विद्यार्थियों को पाठ से निम्नलिखित प्रेरणाएँ लेनी चाहिए-

  • पुस्तकों के प्रति प्रेम एवं लगाव बनाए रखना चाहिए।
  • पुस्तकों को नष्ट होने से बचाना चाहिए।
  • पुस्तकों को फाड़ना या जलाना नहीं चाहिए।
  • पुस्तकों के पृष्ठों पर अश्लील बातें नहीं लिखनी चाहिए।
  • पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए।
  • उपहार में पुस्तकों का लेन-देन करना चाहिए।
shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 B)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 4: मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sanchayan bhag 1 [English] Class 9
अध्याय 4 मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय
अतिरिक्त प्रश्न | Q 10

संबंधित प्रश्न

सोनजूही में लगी पीली कली को देख लेखिका के मन में कौन से विचार उमड़ने लगे?


लेखक को अपने पिटने का भय कब दूर हुआ?


कुएँ में साँप होने का पता लेखक एवं अन्य बच्चों को कैसे चला?


त्रिपुरा के घरेलू उद्योगों पर प्रकाश डालते हुए अपनी जानकारी के कुछ अन्य घरेलू उद्योगों के विषय में बताइए?


लेखक को किताबें पढ़ने और सहेजने का शौक कैसे लगा?


मालाबार में हिंदू-मुसलमानों के परस्पर संबंधों को अपने शब्दों में लिखिए।


गांधी को समझने वाले वरिष्ठ अधिकारी इस बात से सहमत नहीं थे कि गांधी कोई काम अचानक और चुपके से करेंगे। फिर भी उन्होंने किस डर से और क्या एहतियाती कदम उठाए?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 

इनके लिए बेटा-बेटी, खसम-लुगाई, धर्म-ईमान सब रोटी का टुकड़ा है।


खरबूजे बेचने वाली महिला पर लोग टिप्पणी क्यों कर रहे थे?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए 

लेखिका ने शेरपा कुली को अपना परिचय किस तरह दिया?


निम्नलिखित पंक्तियों में उचित विराम चिह्नों का प्रयोग कीजिए 

उन्होंने कहा तुम एक पक्की पर्वतीय लड़की लगती हो तुम्हें तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए


निम्नलिखित क्रिया विशेषणों का उचित प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए 

 मैं ______ यह कार्य कर लूँगा।


पर्वतारोहण से संबंधित दस चीज़ों के नाम लिखिए।


महादेव की लिखावट के बारे में सिविलियन और गवर्नर की क्या राय थी?


बचेंद्रीपाल ने जूस और चाय लेकर नीचे जाने का जोखिम क्यों लिया?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −

कौन-सा आघात अप्रत्याशित था और उसका लेखक पर क्या प्रभाव पड़ा?


पाठ में आए इन वाक्यों में ‘चुकना’ क्रिया के विभिन्न प्रयोगों को ध्यान से देखिए और वाक्य संरचना को समझिए-

  1. तुम अपने भारी चरण-कमलों की छाप मेरी ज़मीन पर अंकित कर चुके
  2. तुम मेरी काफ़ी मिट्टी खोद चुके
  3. आदर-सत्कार के जिस उच्च बिंदु पर हम तुम्हें ले जा चुके थे।
  4. शब्दों का लेन-देन मिट गया और चर्चा के विषय चूक गए
  5. तुम्हारे भारी-भरकम शरीर से सलवटें पड़ी चादर बदली जा चुकी और तुम यहीं हो।

अतिथि के अपेक्षा से अधिक रूक जाने पर लेखक की क्या-क्या प्रतिक्रियाएँ हुईं, उन्हें क्रम से छाँटकर लिखिए।


प्रस्तुत पाठ में आए अनुस्वार और अनुनासिक शब्दों को निम्न तालिका में लिखिए −

 

अनुस्वार

  अनुनासिक

(क)

अंदर

(क)

ढूँढ़ते

(ख)

____________

(ख)

____________

(ग)

____________

(ग)

____________

(घ)

____________

(घ)

____________

(ङ)

____________

(ङ)

____________


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 
यहाँ है बुद्धि पर परदा डालकर पहले ईश्वर और आत्मा का स्थान अपने लिए लेना, और फिर धर्म, ईमान, ईश्वर और आत्मा के नाम पर अपनी स्वार्थ-सिद्धि के लिए लोगों को लड़ाना-भिड़ाना।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×