हिंदी

मानवधर्म, समाजधर्म, राजधर्म और पुरुषार्थों का वर्णन ______ सूत्र में हुआ है।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मानवधर्म, समाजधर्म, राजधर्म और पुरुषार्थों का वर्णन ______ सूत्र में हुआ है। 

रिक्त स्थान भरें
Advertisements

उत्तर

मानवधर्म, समाजधर्म, राजधर्म और पुरुषार्थों का वर्णन धर्म सूत्र में हुआ है।

shaalaa.com
वैदिक साहित्य
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: वैदिक साहित्य - अभ्यास-प्रश्न [पृष्ठ २६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sanskrit Sahitya Parichay [English] Class 11 and 12
अध्याय 2 वैदिक साहित्य
अभ्यास-प्रश्न | Q 49. (क) | पृष्ठ २६

संबंधित प्रश्न

वैदिक साहित्य के विकास का समय बताइए। 


संहिता किसे कहते हैं? 


ऋत्विजों के नाम तथा कार्यों का उल्लेख कीजिए।


किन ग्रन्थों से वानप्रस्थ आश्रम का सम्बन्ध था? 


ब्राह्मणग्रंथों की रचना का उद्देशय क्या था?


वेदाङ्ग किसे कहते हैं तथा इसके अन्तर्गत किन-किन शास्त्रों को लिया गया हैं? 


कल्पसूत्र के मुख्य भेदों के नाम लिखिए।


सूक्त किसे कहते हैं? 


ऋग्वेद में ऋचाओं की कुल संख्या बताइए।


ऋग्वेद में किस मण्डल की ऋचाएँ सबसे पुरानी मानी जाती हैं? 


आर्य लोगों ने ऋग्वेद में किन-किन देवताओं को प्रमुख स्थान दिया हैं? 


ऋग्वेद में मुख्यतः किन लौकिक विषयों का वर्णन मिलता है?


सृष्टि प्रक्रिया का वर्णन ऋग्वेद में कौन से सूक्त में किया गया हैं? 


यजुर्वेद की अधिक लोकप्रियता का कारण क्या है? 


सामवेद के मन्त्रों का ज्ञान कौन-सा ऋत्विक करता हैं? 


सामवेद के किन गानों की संख्या सर्वाधिक है? 


सामवेद के विषय में ५० शब्दों में लिखिए।


अथर्ववेद के रचयिता कौन थे?


अथर्ववेद के मंत्रों में किन-किन बातों का वर्णन है?


ब्राह्मण ग्रंथों से क्या तात्पर्य है? 


ऋग्वेद संहिता से सम्बद्ध ब्राह्मण के नाम लिखिए। 


ब्राह्मण ग्रन्थों में सबसे बड़ा कौन-सा ग्रन्थ है? 


याज्ञवल्क्य ने शुक्लयजुर्वेद की प्राप्ति कैसे की? 


आरण्यकों की रचना कहाँ हुई? 


आरण्यकों में किन विषयों की चर्चा की हुई है? 


मुख्य आरण्यक ग्रन्थों के नामों का उल्लेख कीजिए।


शॉपेनहावर ने उपनिषदों के विषय में क्या कहा था?


मौलिक उपनिषदों की संख्या कितनी थी? उनके नाम लिखिए।


ब्रह्मसूत्र के रचयिता कौन थे? 


उपनिषदों का प्रथम भाष्य किसने लिखा है?


निरुक्त का संकलन क्यों किया गया?


प्रातिशाख्य नामक ग्रन्थ में किस वेदाङ्ग का विस्तार हुआ है?


______ को वेदों का मुख कहा गया है।


काल का निर्धारण करने वाला शास्त्र ______ कहलाता है। 


वैदिक मन्त्रों की पद्यबद्ध रचना का नियामक ______ शास्त्र है। 


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Course
Use app×