हिंदी

लेखक अपने बड़े भाई के हुक को कानून समझने में शालीनता समझता था, ऐसा क्यों? स्पष्ट कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

लेखक अपने बड़े भाई के हुक को कानून समझने में शालीनता समझता था, ऐसा क्यों? स्पष्ट कीजिए।

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

लेखक और उसके भाई साहब छात्रावास में रहकर पढ़ाई करते थे। लेखक अपने बड़े भाई से उम्र में पाँच वर्ष छोटा था। वह नौ साल का और भाई साहब चौदह वर्ष के। उम्र और अनुभव के इस अंतर के कारण उन्हें लेखक की देखभाल और डाँट-डपट का पूरा अधिकार था और उनकी बातें मानने में ही लेखक की शालीनता थी।

shaalaa.com
बड़े भाई साहब
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए -

दूसरी बार पास होने पर छोटे भाई के व्यवहार में क्या परिवर्तन आया?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए -

बड़े भाई साहब छोटे भाई से उम्र में कितने बड़े थे और वे कौन-सी कक्षा में पढ़ते थे?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -

बड़े भाई साहब को अपने मन की इच्छाएँ क्यों दबानी पड़ती थीं?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए:

बड़े भाई साहब ने जिंदगी के अनुभव और किताबी ज्ञान में से किसे और क्यों महत्वपूर्ण कहा है?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि −

भाई साहब के भीतर भी एक बच्चा है।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि −

भाई साहब छोटे भाई का भला चाहते हैं।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −

इम्तिहान पास कर लेना कोई चीज़ नहीं, असल चीज़ है बुद्धि का विकास।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −

आँखे आसमान की ओर थीं और मन उस आकाशगामी पथिक की ओर, जो मंद गति से झूमता पतन की ओर चला आ रहा था, मानो कोई आत्मा स्वर्ग से निकलकर विरक्त मन से नए संस्कार ग्रहण करने जा रही हो।


क्या पढ़ाई और खेलकूद साथ-साथ चल सकते हैं-कक्षा में इस पर वाद-विवाद कार्यक्रम आयोजित कीजिए।


कहानी में जिंदगी से प्राप्त अनुभवों को किताबी ज्ञान से ज्यादा महत्त्वपूर्ण बताया गया है। अपने माता-पिता बड़े भाई-बहिनों या अन्य बुजुर्ग/बड़े सदस्यों से उनके जीवन के बारे में बातचीत कीजिए और पता लगाइए कि बेहतर ढंग से जिंदगी जीने के लिए क्या काम आया-समझदारी/पुराने अनुभव या किताबी पढ़ाई?


आपकी छोटी बहिन/छोटा भाई छात्रावास में रहती/रहता है। उसकी पढ़ाई-लिखाई के संबंध में उसे एक पत्र लिखिए।


खेल में लौटे १ई साब लेखक का साइत किस तरह करते थे?


‘मुझे देखकर भी सबक नहीं लेते’-ऐसा कहकर भाई साहब लेखक को क्या बताना चाहते थे?


फेल होने पर भी भाई साहब किस आधार पर अपना बड़प्पन बनाए हुए थे?


भाई साहब भी कनकौए उड़ाना चाहते थे पर किस भावना के कारण वे चाहकर भी ऐसा नहीं कर पा रहे थे?


भाई साहब भले ही फेल होकर एक कक्षा में दो-तीन साल लगाते थे पर उनकी सहज बुधि बड़ी तेज़ थी। स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'बड़े भाई साहब' कहानी में आपने पढ़ा कि छोटा भाई कक्षा में अव्वल दर्ज़े से पास हो रहा था और बड़े भाई साहब असफ़ल, फिर भी वह बड़े भाई की नज़रों से बचकर अपने खेल संबंधी शौक पूरे करता था। इसके पीछे क्या कारण रहे होंगे?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'बड़े भाई साहब' पाठ के संदर्भ में लिखिए कि तात्कालिक शिक्षा व्यवस्था में बड़े भाई साहब को क्या-क्या कमियाँ दिखाई देती थीं?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

छोटे भाई के कक्षा में अव्वल आने पर भी बड़े भाई साहब द्वारा उसके तिरस्कार के क्या कारण थे? 'बड़े भाई साहब' पाठ के आधार पर लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×